पाकिस्तान की बढ़ी टेंशन! बॉर्डर के पास गरजेगा अमेरिकी F-35, भारत का है ये अहम रोल
राजस्थान की धरती एक बार फिर बड़े सैन्य अभ्यास की गवाह बनने जा रही है. दरअसल, इस बार अमेरिका के सबसे घातक और गोपनीय माने जाने वाले पांचवीं पीढ़ी के फाइटर जेट F-35 को लेकर भारत आ सकता है. रक्षा जगत से जुड़े दो सूत्रों ने इस बात की पुष्टि की है कि अमेरिकी वायुसेना ने अपने विमानों की सूची में F-35 को शामिल कर लिया है, हालांकि अभी इस बारे में कोई भी अंतिम फैसला तैनाती और शेड्यूलिंग पर भी निर्भर करता है.
रक्षा एक्सपर्ट के मुताबिक अगर फाइटर जेट F-35 सैन्य अभ्यास के लिए इंडिया आता है तो यह पहला मौका होगा जब F-35 किसी भारतीय सैन्य अभ्यास का हिस्सा बनेगा. यहां बता दें कि अमेरिकी फाइटर जेट F-35 इससे पहले एयरो इंडिया में अपना जलवा दिखा चुका है.
कहां और कब होगा यह अभ्यास?
जानकारी के अनुसार यह महाअभ्यास राजस्थान के जोधपुर एयरबेस पर सितंबर 2026 के आखिरी हफ्ते से शुरू होगा. बताया जा रहा है कि ये अभ्यास अक्टूबर के पहले हफ्ते तक चलेगा. बता दें कि जोधपुर की भौगोलिक स्थिति पाकिस्तान सीमा से बेहद करीब है इसलिए इस अभ्यास की गूंज सरहद पार तक सुनाई देना तय माना जा रहा है. रक्षा सूत्रों के मुताबिक जिस जगह ये सैन्य अभयास होगा वह जगह रणनीतिक रूप से बेहद अहम है और यहां होने वाला हर बड़ा अभ्यास सीमा पार सीधा संदेश देता है.
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Gel Manicure से बढ़ रहा कैंसर का खतरा! नाखूनों को भी पहुंच सकता है नुकसान, जानें जरूरी सावधानियां
Cancer Causes: शादी हो या पार्टी या फिर रक्षाबंधन का त्योहार ही, लड़कियों को नेल्स करवाने के लिए बस अवसर चाहिए होता है. किसी भी खूबसूरत पल को और खास बनाने के लिए लड़कियां साज-श्रृंगार करती है. इनमें जेल नेल्स करवाना भी आजकल एक नया ट्रेंड बन गया है. भारतीय महिलाओं को भी नेल्स करना पसंद होता है. जैल मैनीक्योर इन दिनों काफी पॉपुलर है. यह एक ब्यूटी ट्रीटमेंट है. इसमें नाखूनों पर एक खास प्रकार की जैल पॉलिश लगाई जाती है. पर क्या आप जानते हैं वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक रिसर्च की है जिसमें स्पष्ट रूप से बताया गया है कि ये जैल नेल्स कैंसर का कारण बन सकते हैं. इतना ही नहीं ये हमारे नैचुरल नाखूनों को भी खराब कर सकता है.
Gel Manicure कैसे हानिकारक है?
जैल मैनीक्योर एक खास प्रकार का ब्यूटी ट्रीटमेंट होता है. इसमें नाखूनों के ऊपर जैल नेल पेंट की कई लेयर्स लगाई जाती है. इसके बाद इसे चमक देने के लिए एक शाइनी नेल पेंट लगाई जाती है. इसे परफेक्ट फिनिश देने के लिए UV लाइट्स का प्रयोग किया जाता है. यूवी लाइट्स के लिए मशीन और कुछ केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है. ये सभी नाखुनों और स्किन को डैमेज कर सकता है.
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क्या कहती है रिपोर्ट?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2023, में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के रिसर्चर्स की एक स्टडी जर्नल नेचर कम्युनिकेशन में पब्लिश हुई थी. इस रिसर्च में पाया गया कि यूवी नेल लैम्प के संपर्क में आने से इंसानों के स्किन सेल्स को भारी नुकसान पहुंच सकता है. इससे कैंसर का रिस्क भी बढ़ जाता है. ऐसे में हमें यह जानना जरूरी है कि आखिर ये जैल मैनीक्योर क्या होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है.
जैल मैनीक्योर क्या होता है?
जैल मैनीक्योर में नेल्स के ऊपर जैल पॉलिश लगाया जाता है. हर लेयर के ऊपर UV लाइट या LED लैंप से जैल पेंट को मजबूत किया जाता है. इस प्रोसेस से पॉलिश जल्दी सूखती है और हाई ग्लास फिनिश देती है. खास बात यह है कि ये नेलपेंट अगले 2 से 3 हफ्तों तक नहीं निकलती है.
क्या इससे कैंसर हो सकता है? (Gel Manicure Causes Cancer)
UV नेल पेंट लगाने से हर बार कैंसर होगा या नहीं, यह कहना सही नहीं होगा. मगर हेल्थ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि यह हमारे DNA को डैमेज कर सकता है. इससे स्किन कैंसर होने का रिस्क बढ़ जाता है. खासतौर पर उन लोगों को कैंसर होने का खतरा ज्यादा रहता है, जो बार-बार या महीने में 3-4 बार जैल नेल पेंट लगवाते हैं. UV रेज हमारे नाखुनों को डैमेज करती है और कैंसर का रिस्क बढ़ता है.
स्टडी में क्या-क्या मिला?
UV नेल लैम्प से निकलने वाली नीली-बैंगनी किरणें मुख्य रूप से UVA होती हैं. ये किरणें स्किन में DNA डैमेज, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और फ्री रेडिकल्स पैदा कर सकती हैं. ये सभी फैक्टर्स स्किन कैंसर के रिस्क को बढ़ाती हैं. इसलिए, इसके ओवर-एक्सपोजर से बचना चाहिए.
जैल नेल पेंट्स क्यों रिस्की है?
जैल पॉलिश हटाने के लिए लंबे समस तक एसीटोन में नाखूनों को भिगोकर रखना होता है. ऐसा करने से नाखूनों की नेचुरल सॉफ्टनेस खत्म हो जाती है. इससे नाखून अंदर से सूखे और बेजान बन जाते हैं और कमजोर होकर टूट जाते हैं. अगर इन्हें हटाने के लिए मैकेनिकल तरीका अपनाया जाए तो इलेक्ट्रिक डिवाइस का नाखूनों पर फिर से प्रभाव पड़ता है. जैल पॉलिश मोटी लेयर्स नाखूनों पर बना देता है. ऐसे में कई बार नाखूनों के नीचे फंगल इंफेक्शन हो जाता है.
जैल मैनीक्योर के कुछ संभावित नुकसान
- खुजली
- जलन
- दर्द
- सफेद धब्बे
- नाखूनों का रंग पीला होना
- एलर्जी
- नाखूनों में ड्राइनेस
- नाखूनों में फटे-फटे निशान बनना
- नाखूनों के ऊपर पतली-पतली परते निकलना
- नाखूनों के पास गड्ढे होना
जैल मैनीक्योर के नुकसान से कैसे बचें?
इसके लिए आपको कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए जैसे कि:
- जैल मैनीक्योर को सिर्फ खास मौकों पर ही करवाएं ताकि UV रेज के संपर्क में कम से कम आया जा सके.
- UV लैम्पस का इस्तेमाल करने से पहले आप अपने हाथों पर सनस्क्रीन लगा सकते हैं.
- फिंगरलेस ग्लव्स पहनकर UV किरणों से बचा जा सकता है.
- जैल पॉलिश को खुद से कभी नहीं हटाना चाहिए.
- नॉन- UV ऑपशन्स का चुनाव करें.
नाखूनों को नेचुरली हेल्दी कैसे रखें?
नाखूनों की सेहत को सही रखना भी हाइजीन और हेल्थ में सबसे ऊपर आता है. हमें नाखूनों को हेल्दी रखने के लिए उन्हें साफ करना चाहिए. हाथ धोने के बाद नाखूनों पर मॉइश्चराइजर लगाएं. क्यूटिकल्स पर भी नेल ऑयल लगा सकते हैं. नाखूनों को बार-बार गीला न करें. नाखून को दांत से न चबाएं.
नाखूनों को नेचुरली बढ़ाने के उपाय
अगर आप अपने नाखूनों को प्राकृतिक तरीके से बढ़ाना चाहते हैं तो उसके लिए अपनी डाइट का ख्याल रखें. आपको अपनी डाइट में जरूरी विटामिनों और मिनरल्स को शामिल करना चाहिए. इससे नाखून जल्दी टूटेंगे नहीं और ग्रो करेंगे. संतुलित आहार, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और सही देखभाल से नाखूनों को बिना किसी महंगे ट्रीटमेंट के भी स्वस्थ, लंबा और चमकदार रख सकते हैं.
- प्रोटीन के लिए आप दूध, अंडा, पनीर और दालें खा सकते हैं.
- बायोटिन के लिए आप अंडे की जर्दी और मूंगफली खा सकते हैं.
- आयरन के लिए पालक, मेथी और हरी पत्तेदार सब्जियां खा सकते हैं.
- जिंक के लिए कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज और काजू खाएं.
- विटामिन-सी के लिए संतरा, नींबू और आंवला खा सकते हैं.
- ओमेगा-3 फैटी एसिड्स के लिए अलसी के बीज, मछली, अखरोट आदि खा सकते हैं.
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Disclaimer: यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.
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