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Gel Manicure से बढ़ रहा कैंसर का खतरा! नाखूनों को भी पहुंच सकता है नुकसान, जानें जरूरी सावधानियां

Cancer Causes: शादी हो या पार्टी या फिर रक्षाबंधन का त्योहार ही, लड़कियों को नेल्स करवाने के लिए बस अवसर चाहिए होता है. किसी भी खूबसूरत पल को और खास बनाने के लिए लड़कियां साज-श्रृंगार करती है. इनमें जेल नेल्स करवाना भी आजकल एक नया ट्रेंड बन गया है. भारतीय महिलाओं को भी नेल्स करना पसंद होता है.  जैल मैनीक्योर इन दिनों काफी पॉपुलर है. यह एक ब्यूटी ट्रीटमेंट है. इसमें नाखूनों पर एक खास प्रकार की जैल पॉलिश लगाई जाती है. पर क्या आप जानते हैं वैज्ञानिकों ने हाल ही में एक रिसर्च की है जिसमें स्पष्ट रूप से बताया गया है कि ये जैल नेल्स कैंसर का कारण बन सकते हैं. इतना ही नहीं ये हमारे नैचुरल नाखूनों को भी खराब कर सकता है.

Gel Manicure कैसे हानिकारक है?

जैल मैनीक्योर एक खास प्रकार का ब्यूटी ट्रीटमेंट होता है. इसमें नाखूनों के ऊपर जैल नेल पेंट की कई लेयर्स लगाई जाती है. इसके बाद इसे चमक देने के लिए एक शाइनी नेल पेंट लगाई जाती है. इसे परफेक्ट फिनिश देने के लिए UV लाइट्स का प्रयोग किया जाता है. यूवी लाइट्स के लिए मशीन और कुछ केमिकल्स का इस्तेमाल किया जाता है. ये सभी नाखुनों और स्किन को डैमेज कर सकता है. 

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क्या कहती है रिपोर्ट?

रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2023, में यूनिवर्सिटी ऑफ कैलिफोर्निया के रिसर्चर्स की एक स्टडी जर्नल नेचर कम्युनिकेशन में पब्लिश हुई थी. इस रिसर्च में पाया गया कि यूवी नेल लैम्प के संपर्क में आने से इंसानों के स्किन सेल्स को भारी नुकसान पहुंच सकता है. इससे कैंसर का रिस्क भी बढ़ जाता है. ऐसे में हमें यह जानना जरूरी है कि आखिर ये जैल मैनीक्योर क्या होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है.

जैल मैनीक्योर क्या होता है?

जैल मैनीक्योर में नेल्स के ऊपर जैल पॉलिश लगाया जाता है. हर लेयर के ऊपर UV लाइट या LED लैंप से जैल पेंट को मजबूत किया जाता है. इस प्रोसेस से पॉलिश जल्दी सूखती है और हाई ग्लास फिनिश देती है. खास बात यह है कि ये नेलपेंट अगले 2 से 3 हफ्तों तक नहीं निकलती है.

क्या इससे कैंसर हो सकता है? (Gel Manicure Causes Cancer)

UV नेल पेंट लगाने से हर बार कैंसर होगा या नहीं, यह कहना सही नहीं होगा. मगर हेल्थ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि यह हमारे DNA को डैमेज कर सकता है. इससे स्किन कैंसर होने का रिस्क बढ़ जाता है. खासतौर पर उन लोगों को कैंसर होने का खतरा ज्यादा रहता है, जो बार-बार या महीने में 3-4 बार जैल नेल पेंट लगवाते हैं. UV रेज हमारे नाखुनों को डैमेज करती है और कैंसर का रिस्क बढ़ता है.

स्टडी में क्या-क्या मिला?

UV नेल लैम्प से निकलने वाली नीली-बैंगनी किरणें मुख्य रूप से UVA होती हैं. ये किरणें स्किन में DNA डैमेज, ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस और फ्री रेडिकल्स पैदा कर सकती हैं. ये सभी फैक्टर्स स्किन कैंसर के रिस्क को बढ़ाती हैं. इसलिए, इसके ओवर-एक्सपोजर से बचना चाहिए.

जैल नेल पेंट्स क्यों रिस्की है?

जैल पॉलिश हटाने के लिए लंबे समस तक एसीटोन में नाखूनों को भिगोकर रखना होता है. ऐसा करने से नाखूनों की नेचुरल सॉफ्टनेस खत्म हो जाती है. इससे नाखून अंदर से सूखे और बेजान बन जाते हैं और कमजोर होकर टूट जाते हैं. अगर इन्हें हटाने के लिए मैकेनिकल तरीका अपनाया जाए तो इलेक्ट्रिक डिवाइस का नाखूनों पर फिर से प्रभाव पड़ता है. जैल पॉलिश मोटी लेयर्स नाखूनों पर बना देता है. ऐसे में कई बार नाखूनों के नीचे फंगल इंफेक्शन हो जाता है.

जैल मैनीक्योर के कुछ संभावित नुकसान

  • खुजली
  • जलन
  • दर्द
  • सफेद धब्बे
  • नाखूनों का रंग पीला होना
  • एलर्जी
  • नाखूनों में ड्राइनेस
  • नाखूनों में फटे-फटे निशान बनना
  • नाखूनों के ऊपर पतली-पतली परते निकलना
  • नाखूनों के पास गड्ढे होना

जैल मैनीक्योर के नुकसान से कैसे बचें?

इसके लिए आपको कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए जैसे कि:

  • जैल मैनीक्योर को सिर्फ खास मौकों पर ही करवाएं ताकि UV रेज के संपर्क में कम से कम आया जा सके.
  • UV लैम्पस का इस्तेमाल करने से पहले आप अपने हाथों पर सनस्क्रीन लगा सकते हैं.
  • फिंगरलेस ग्लव्स पहनकर UV किरणों से बचा जा सकता है.
  • जैल पॉलिश को खुद से कभी नहीं हटाना चाहिए.
  • नॉन- UV ऑपशन्स का चुनाव करें.

नाखूनों को नेचुरली हेल्दी कैसे रखें?

नाखूनों की सेहत को सही रखना भी हाइजीन और हेल्थ में सबसे ऊपर आता है. हमें नाखूनों को हेल्दी रखने के लिए उन्हें साफ करना चाहिए. हाथ धोने के बाद नाखूनों पर मॉइश्चराइजर लगाएं. क्यूटिकल्स पर भी नेल ऑयल लगा सकते हैं. नाखूनों को बार-बार गीला न करें. नाखून को दांत से न चबाएं.

नाखूनों को नेचुरली बढ़ाने के उपाय

अगर आप अपने नाखूनों को प्राकृतिक तरीके से बढ़ाना चाहते हैं तो उसके लिए अपनी डाइट का ख्याल रखें. आपको अपनी डाइट में जरूरी विटामिनों और मिनरल्स को शामिल करना चाहिए. इससे नाखून जल्दी टूटेंगे नहीं और ग्रो करेंगे. संतुलित आहार, पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं और सही देखभाल से नाखूनों को बिना किसी महंगे ट्रीटमेंट के भी स्वस्थ, लंबा और चमकदार रख सकते हैं. 

  • प्रोटीन के लिए आप दूध, अंडा, पनीर और दालें खा सकते हैं.
  • बायोटिन के लिए आप अंडे की जर्दी और मूंगफली खा सकते हैं.
  • आयरन के लिए पालक, मेथी और हरी पत्तेदार सब्जियां खा सकते हैं.
  • जिंक के लिए कद्दू के बीज, सूरजमुखी के बीज और काजू खाएं.
  • विटामिन-सी के लिए संतरा, नींबू और आंवला खा सकते हैं.
  • ओमेगा-3 फैटी एसिड्स के लिए अलसी के बीज, मछली, अखरोट आदि खा सकते हैं.

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Disclaimer: यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें.

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पंजाब चुनाव से पहले बड़ा ऐलान; अकेले उतरेगी भाजपा, अकाली दल से गठबंधन नहीं

बीएल संतोष दो दिवसीय पंजाब दौरे पर हैं। इस दौरान वह पटियाला, बठिंडा, लुधियाना, जालंधर और अमृतसर में जोनल बैठकों के जरिए पार्टी के कामकाज और 2027 चुनाव की तैयारियों की समीक्षा कर रहे हैं।

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  Sports

Rahul Dravid को Team India से उम्मीद, बोले- WTC Final की राह कठिन, काबिलियत पर भरोसा!

भारत के पूर्व हेड कोच राहुल द्रविड़ का मानना ​​है कि भले ही भारत वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) फ़ाइनल की रेस में पीछे छूट गया हो, लेकिन टीम की क्वालिटी को देखते हुए दो बार फ़ाइनल खेल चुकी यह टीम अभी भी रेस से बाहर नहीं हुई है। भारत अभी WTC 2025-27 पॉइंट्स टेबल में पांचवें नंबर पर है और टॉप दो में जगह बनाकर अगले साल होने वाले फाइनल में पहुंचने के लिए उसे कड़ी चुनौती का सामना करना होगा। अभी कई अहम टेस्ट मैच खेले जाने बाकी हैं, इसलिए तीसरी बार WTC फ़ाइनल में पहुंचने की उम्मीदों को ज़िंदा रखने के लिए भारत को अपने बचे हुए ज़्यादातर मैच जीतने होंगे।
 

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जब द्रविड़ से पूछा गया कि क्या भारत अभी भी WTC फ़ाइनल में जगह बना सकता है, तो उन्होंने JioStar से कहा कि मुझे उम्मीद है कि वे ऐसा करेंगे। अगर भारत यहाँ से WTC फ़ाइनल के लिए क्वालिफ़ाई कर पाता है, तो यह एक शानदार सफ़र होगा। उन्होंने कहा कि वे थोड़े पीछे रह गए हैं, लेकिन भारतीय टीम में जिस तरह की काबिलियत है, उसे किसी भी स्टेज पर कम नहीं आंका जा सकता। उन्होंने श्रीलंका के खिलाफ अच्छी शुरुआत की है, जो एक अच्छा पहला कदम है।

भारत अभी श्रीलंका के खिलाफ दो मैचों की सीरीज़ में 1-0 से आगे है और शानदार बल्लेबाज़ी के दम पर दूसरे टेस्ट में भी मज़बूत स्थिति में है। सीरीज़ जीतने से भारत को अहम पॉइंट्स और मोमेंटम मिलेगा, लेकिन आगे की राह काफी मुश्किल है। WTC साइकल में भारत के लिए अगली बड़ी चुनौती अक्टूबर में आएगी, जब टीम दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए न्यूजीलैंड जाएगी। द्रविड़ का मानना ​​है कि यह दौरा काफ़ी मुश्किल हो सकता है, खासकर युवा भारतीय टीम के लिए, जिन्हें उन हालात में टेस्ट क्रिकेट खेलने का ज़्यादा अनुभव नहीं है।
 

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द्रविड़ ने कहा कि न्यूज़ीलैंड में खेलना हमेशा एक चुनौती होती है। घर से बाहर उनके ख़िलाफ़ खेलना मुश्किल होता है। भारतीय टीम के कई युवा खिलाड़ियों ने उन हालात में नहीं खेला है, इसलिए यह एक बड़ी चुनौती होगी। भारत के पूर्व कप्तान ने विराट कोहली, रोहित शर्मा, अजिंक्य रहाणे और चेतेश्वर पुजारा के जाने से भारत को हुए अनुभव के नुकसान का भी ज़िक्र किया। उनकी गैर-मौजूदगी में अब युवा खिलाड़ियों के कंधों पर न्यूज़ीलैंड में चुनौती का सामना करने की ज़िम्मेदारी होगी।
 
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Tue, 25 Aug 2026 14:58:00 +0530

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