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छोटा फल, बड़े फायदे: औषधीय गुणों का खजाना है करौंदा, आयरन और विटामिन-सी का अच्छा स्रोत

नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। खट्टा-मीठा स्वाद और औषधीय गुणों से भरपूर करौंदा (कैरिसा कैरेंडस) भले ही एक छोटा सा जंगली फल हो, लेकिन सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। गुच्छों में लगने वाला यह फल आमतौर पर अचार, चटनी और मुरब्बे में इस्तेमाल होता है, लेकिन आयुर्वेद में इसे कई बीमारियों का प्राकृतिक इलाज माना गया है।

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग ने एक्स पोस्ट में कहा, करौंदा छोटे, सुगंधित फूलों और रंग-बिरंगे फलों वाला एक उपयोगी और कम देखभाल में पनपने वाला पौधा है। इसके फलों का उपयोग अचार, जैम और जेली बनाने में किया जाता है। वहीं, यह आयरन और विटामिन-सी का भी अच्छा स्रोत माना जाता है।

पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग ने बताया कि करौंदे के पौधे की ऊंचाई 8-12 फीट तक होती है। पौधे पर छोटी, मोटी और विपरीत क्रम में लगी पत्तियां, तने और शाखाओं पर मजबूत कांटे, छोटे, सुगंधित सफेद फूल, फल, कच्चे हरे, पकने पर लाल से बैंगनी-काले होते हैं।

विभाग ने आगे बताया कि करौंदे ताजे फल खाने के साथ अचार, जैम और जेली में उपयोग किए जाते हैं। इसके अलावा, यह आयरन और विटामिन-सी का अच्छा स्रोत है। करौंदे के पौधे की खासियत है कि यह कम देखभाल में आसानी से पनपता है। कांटेदार होने के कारण प्राकृतिक बाड़े के लिए उपयोगी है।

इसके फल का उपयोग प्राचीन भारतीय हर्बल चिकित्सा प्रणाली, आयुर्वेद में एसिडिटी, अपच, ताजे और संक्रमित घावों, त्वचा रोगों, मूत्र संबंधी विकारों और मधुमेह के अल्सर के इलाज के लिए किया जाता है। इसके साथ ही पित्त की समस्या, पेट दर्द, कब्ज, एनीमिया, त्वचा की समस्याओं, भूख न लगने पर भी इसके फल का इस्तेमाल होता है।

करौंदे के पत्तियों का काढ़ा बुखार, दस्त और कान दर्द के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। इसके अलावा, करौंदे की जड़ें पेट की बीमारियों के लिए, खुजली के लिए कृमिनाशक दवा के रूप में और कीटनाशक के रूप में भी काम करती हैं।

--आईएएनएस

ओपी/एएस

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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भारत 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा आगे: पीयूष गोयल

टोक्यो, 25 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने मंगलवार को जापान के प्रमुख वित्तीय और निवेश संस्थानों के टॉप लीडर्स के साथ चर्चा के दौरान भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूती का जिक्र करते हुए कहा कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत ने पिछले साल 7.7 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि दर्ज की और 2047 तक 30 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में काम कर रहा है।

इस दौरान चर्चा का मुख्य विषय दीर्घकालिक पूंजी प्रवाह को मजबूत करना, निवेश साझेदारी को गहरा करना और भारत की विकास यात्रा में जापान की भागीदारी को बढ़ाना रहा। बैठक में एमयूएफजी, डेवलपमेंट बैंक ऑफ जापान (डीबीजे), मिजुहो, मॉर्गन स्टेनली, नोमुरा और निप्पॉन लाइफ के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल हुए।

केंद्रीय मंत्री ने भारत के बैंकिंग क्षेत्र की मजबूती, मजबूत कैपिटल एडिक्वेसी, एनपीए के निम्न स्तर, बढ़ते मध्यम वर्ग और बढ़ती खर्च योग्य आय को निरंतर आर्थिक विकास के प्रमुख कारकों के रूप में बताया।

गोयल ने सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा सेंटर, नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, एडवांस मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसे क्षेत्रों में जापानी निवेशकों के लिए मौजूद महत्वपूर्ण अवसरों पर भी चर्चा की।

उन्होंने कहा कि भारत की बढ़ती नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता और राष्ट्रीय बिजली ग्रिड ऊर्जा के अधिक इस्तेमाल वाले डिजिटल उद्योगों के विस्तार के लिए मजबूत आधार प्रदान करते हैं। वहीं, इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन विनिर्माण और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नए अवसर पैदा कर रहा है।

भारत वैश्विक विनिर्माण, प्रौद्योगिकी और निवेश केंद्र बनने की अपनी यात्रा में जापान को एक भरोसेमंद साझेदार मानता है।

बैठक में भारत में अंतरराष्ट्रीय पूंजी के प्रवेश के लिए गिफ्ट सिटी की क्षमता और जापान तथा भारत के बीच सीमा-पार निवेश प्रवाह को बढ़ावा देने के लिए इसे एक मंच के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर भी चर्चा हुई।

यह बैठक ऐसे समय में महत्वपूर्ण है, जब भारत और जापान ने अगले दशक में भारत में जापानी निजी निवेश को 10 ट्रिलियन येन तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है।

—आईएएनएस

एबीएस

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  Sports

India vs Sri Lanka Test: Prasidh Krishna और Manav Suthar की घातक गेंदबाजी से बैकफुट पर श्रीलंका, जीत के करीब Team India

भारत और श्रीलंका के बीच जारी दूसरे टेस्ट के तीसरे दिन भी भारतीय टीम का दबदबा कायम रहा। पहली पारी में विशाल स्कोर खड़ा करने के बाद भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंकाई बल्लेबाजी को लगातार झटके दिए। बारिश के कारण खेल समय से पहले रोकना पड़ा, लेकिन दिन का खेल खत्म होने तक श्रीलंका की स्थिति बेहद कमजोर नजर आई है।

भारत ने अपनी पहली पारी 503 रन पर नौ विकेट के स्कोर पर घोषित की थी। देवदत्त पडिक्कल और ध्रुव जुरेल ने शानदार शतक लगाकर टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। शुभमन गिल और ऋषभ पंत ने भी अर्धशतकीय पारियां खेलीं, जबकि यशस्वी जायसवाल ने 45 और रवींद्र जडेजा ने 43 रन का उपयोगी योगदान दिया। श्रीलंका की ओर से असिथा फर्नांडो सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने चार विकेट हासिल किए हैं।

विशाल लक्ष्य के दबाव में उतरी श्रीलंकाई टीम को तीसरे दिन की शुरुआत में ही बड़ा झटका लगा। प्रसिद्ध कृष्णा ने कामिल मिशारा को आउट कर भारत को शुरुआती सफलता दिलाई। इसके बाद पसिंदु सूरियाबंडारा और कामिंदु मेंडिस ने कुछ देर तक भारतीय गेंदबाजों का सामना किया। दोनों के बीच 87 रन की साझेदारी हुई, लेकिन प्रसिद्ध कृष्णा ने फिर कामिंदु मेंडिस को पवेलियन भेजकर अपनी तीसरी सफलता हासिल कर ली।

गौरतलब है कि प्रसिद्ध कृष्णा के प्रदर्शन से भारतीय टीम के गेंदबाजी प्रशिक्षक मोर्ने मोर्केल भी प्रभावित नजर आए। उन्होंने कृष्णा की मेहनत, विपक्षी टीम के बारे में जानकारी जुटाने की आदत और खेल को समझने की क्षमता की तारीफ की। मोर्केल के मुताबिक कृष्णा लंबे समय तक भारत के लिए शानदार गेंदबाज साबित होने की क्षमता रखते हैं।

इसके बाद मानव सुथार ने श्रीलंकाई कप्तान धनंजय डी सिल्वा को आउट कर मेजबान टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं। दूसरे टेस्ट में अपना केवल दूसरा मुकाबला खेल रहे पसिंदु सूरियाबंडारा ने 133 गेंदों पर 80 रन बनाकर संघर्ष किया, लेकिन सुथार ने उन्हें पगबाधा आउट कर दिया। इसके कुछ ही देर बाद मोहम्मद सिराज ने निरोशन डिकवेला को चलता कर श्रीलंका को सातवां झटका दिया।

सोनल दिनूषा और केशरा नुवानथा ने इसके बाद पारी संभालने की कोशिश की। दोनों के बीच 137 गेंदों पर 57 रन की साझेदारी हुई। हालांकि मानव सुथार ने नुवानथा को आउट कर यह साझेदारी तोड़ दी। दिनूषा और लाहिरु कुमारा इसके बाद क्रीज पर टिके रहे और दोनों ने नाबाद 35 रन जोड़ लिए।

बारिश के कारण तीसरे दिन का खेल समय से पहले समाप्त करना पड़ा। दिन खत्म होने तक श्रीलंका 230 रन के स्कोर पर आठ विकेट गंवा चुका था और भारत से काफी पीछे था। अब मेजबान टीम के सामने चौथे दिन सबसे बड़ी चुनौती पारी को बचाने की होगी।

इस बीच ऋषभ पंत की चोट को लेकर भी भारतीय खेमे से जानकारी सामने आई है। मोर्ने मोर्केल ने बताया कि पंत के कंधे पर चोट लगी है और वह काफी दर्द में थे। इसी वजह से तीसरे दिन विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी ध्रुव जुरेल ने संभाली। हालांकि भारतीय टीम को उम्मीद है कि पंत चौथे दिन फिर विकेट के पीछे नजर आएंगे।

बता दें कि यह मुकाबला आईसीसी विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 का हिस्सा है और भारतीय टीम ने पहली पारी में शानदार प्रदर्शन के बाद मैच पर अपनी पकड़ मजबूत कर ली है। चौथे दिन श्रीलंका को भारतीय गेंदबाजों के सामने बड़ी चुनौती का सामना करना है।
Tue, 25 Aug 2026 22:40:00 +0530

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