फिसड्डी पाकिस्तान! एशिया कप में भारत को हराने के लिए अपनाया नया पैंतरा, मेन्स टीम के साथ मिलकर तैयार किया चक्रव्यूह
Pakistan Cricket Team : महिला एशिया कप 2026 का आयोजन 28 अगस्त से होने जा रहा है. इस बार टूर्नामेंट दुबई में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) की में 13 सितंबर तक खेला जाएगा. एशिया कप 2026 में इस बार कुल 8 टीमें हिस्सा ले रही हैं. इन 8 टीमों के 4-4 के दो ग्रुप में रखा गया है. ग्रुप-ए में भारत, पाकिस्तान, थाईलैंड और हांगकांग, चीन को रखा गया है. वहीं ग्रुप-बी में श्रीलंका, बांग्लादेश, इंडोनेशिया और मेजबान संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) को शामिल किया गया है.
एशिया कप 2026 की शुरुआत से पहले पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम ने भारत को हराने के लिए एक नया पैंतरा अपनाया है. उन्होंने इंडियन क्रिकेट को एशिया कप में मात देने के लिए चक्रव्यूह तैयार किया है. क्योंकि भारत की महिला टीम ने कुल 7 बार एशिया कप का खिताब जीता है. ऐसे में पाकिस्तान महिला क्रिकेट के लिए भारत सबसे बड़ी चुनौती होगा. इन दोनों टीमों के पिछले कुछ मुकाबलों में भारत पाकिस्तान पर हमेशा भारी साबित हुआ है. अब पाकिस्तान क्रिकेट टीम एशिया कप से पहले खास तरीके से तैयार कर रही है.
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— Sony Sports Network (@SonySportsNetwk) August 23, 2026
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पाकिस्तान की महिला टीम की खास तैयारी
दरअसल, इस टूर्नामेंट के लिए पाकिस्तान टीम बिल्कुल अलग तरीके से तैयारी कर रही है. इस बार एशिया कप 2026 टी20 फॉर्मेट में खेला जाने वाला है. पाकिस्तान क्रिकेट टीम टी20 फॉर्मेट में काफी कमजोर है. ऐसे में उनके एशिया कप में खुद को साबित करने के लिए नया प्लान तैयार किया है. पाकिस्तान की महिला टीम इस टूर्नामेंट की बेहतर और मजबूत तैयारी के लिए ने पुरुष टीम के साथ मैच खेले हैं.
आपको बता दें कि, ईएसपीएन क्रिकइंफो की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम ने हाल ही में लाहौर में एनसीए में प्री-टूर्नामेंट कैंप लगाया है. इस कैंप में पाकिस्तान महिला टीम अब्दुल कादिर क्रिकेट एकेडमी की पुरुष टीम के खिलाफ मैच खेले हैं. पुरुष टीम में किशोर और अनुभवी खिलाड़ी शामिल थे. ये पाकिस्तान की महिला टीम को खेल के मैदान पर मदद करने वाला है.
पाकिस्तान महिला क्रिकेट टीम ने पुरुष टीम के साथ मुकाबले 20-20 ओवर के फॉर्मेट में ही खेले हैं. इससे खिलाड़ियों को मुश्किल मौकों पर एक मुश्किल विपक्षी के खिलाफ अपने फैसले लेने में सुधार करने में मदद मिल सके. मुकाबलों के दौरान पाकिस्तान टीम को अपनी स्किल और प्रदर्शन के स्तर को ऊपर उठाने में मदद मिली है.
पाकिस्तानी कप्तान सना फातिमा ने दिया बड़ा बयान
इस दौरान पाकिस्तानी महिला क्रिकेट टीम की कप्तान फातिमा सना ने कहा कि, 'पुरुष टीम के साथ हुए मुकाबलों ने एशिया कप के लिए हमारी तैयारी में मदद की. मुकाबलों के दौरान हम पर दबाव था. ये अनुभव हमें आगामी टूर्नामेंट की चुनौतियों का सामना करने में मददगार होगा. हम टूर्नामेंट के लिए अच्छी तरह तैयार हैं. हमें यह समझने की जरूरत थी कि दबाव से किस तरह निपटा जाए. बड़े टूर्नामेंट में हमारे लिए सबसे बड़ी चुनौती दबाव वाली स्थिति से बेहतर तरीके से निपटने की होती है, जिसमें हम लगातार असफल रहे हैं. पुरुष टीम के खिलाफ हुए मैचों में हमारी मदद की और इसका परिणाम आपको हमारे आगामी मैचों में दिखेगा'.
पाकिस्तान टीम को एशिया कप के फाइनल में पहुंचे 10 साल हो चुके हैं. पिछली बार टीम सेमीफाइनल में श्रीलंका से हारकर बाहर हो गई थी. अब पाकिस्तान क्रिकेट टीम पास मौका होगा कि वो एशिया कप 2026 में कैसे बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं.
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छोटा फल, बड़े फायदे: औषधीय गुणों का खजाना है करौंदा, आयरन और विटामिन-सी का अच्छा स्रोत
नई दिल्ली, 25 अगस्त (आईएएनएस)। खट्टा-मीठा स्वाद और औषधीय गुणों से भरपूर करौंदा (कैरिसा कैरेंडस) भले ही एक छोटा सा जंगली फल हो, लेकिन सेहत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। गुच्छों में लगने वाला यह फल आमतौर पर अचार, चटनी और मुरब्बे में इस्तेमाल होता है, लेकिन आयुर्वेद में इसे कई बीमारियों का प्राकृतिक इलाज माना गया है।
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग ने एक्स पोस्ट में कहा, करौंदा छोटे, सुगंधित फूलों और रंग-बिरंगे फलों वाला एक उपयोगी और कम देखभाल में पनपने वाला पौधा है। इसके फलों का उपयोग अचार, जैम और जेली बनाने में किया जाता है। वहीं, यह आयरन और विटामिन-सी का भी अच्छा स्रोत माना जाता है।
पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन विभाग ने बताया कि करौंदे के पौधे की ऊंचाई 8-12 फीट तक होती है। पौधे पर छोटी, मोटी और विपरीत क्रम में लगी पत्तियां, तने और शाखाओं पर मजबूत कांटे, छोटे, सुगंधित सफेद फूल, फल, कच्चे हरे, पकने पर लाल से बैंगनी-काले होते हैं।
विभाग ने आगे बताया कि करौंदे ताजे फल खाने के साथ अचार, जैम और जेली में उपयोग किए जाते हैं। इसके अलावा, यह आयरन और विटामिन-सी का अच्छा स्रोत है। करौंदे के पौधे की खासियत है कि यह कम देखभाल में आसानी से पनपता है। कांटेदार होने के कारण प्राकृतिक बाड़े के लिए उपयोगी है।
इसके फल का उपयोग प्राचीन भारतीय हर्बल चिकित्सा प्रणाली, आयुर्वेद में एसिडिटी, अपच, ताजे और संक्रमित घावों, त्वचा रोगों, मूत्र संबंधी विकारों और मधुमेह के अल्सर के इलाज के लिए किया जाता है। इसके साथ ही पित्त की समस्या, पेट दर्द, कब्ज, एनीमिया, त्वचा की समस्याओं, भूख न लगने पर भी इसके फल का इस्तेमाल होता है।
करौंदे के पत्तियों का काढ़ा बुखार, दस्त और कान दर्द के इलाज के लिए उपयोग किया जाता है। इसके अलावा, करौंदे की जड़ें पेट की बीमारियों के लिए, खुजली के लिए कृमिनाशक दवा के रूप में और कीटनाशक के रूप में भी काम करती हैं।
--आईएएनएस
ओपी/एएस
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