PPF अकाउंट से बच्चे के लिए बनाएं लाखों का फंड:500 रुपए से खोल सकते हैं खाता, जानें इसको लेकर क्या हैं नियम
अगर आप बच्चे के नाम पर निवेश शुरू करने का प्लान बना रहे हैं तो पब्लिक प्रॉविडेंट फंड यानी PPF स्कीम में निवेश कर सकते हैं। इस स्कीम में अभी 7.1% सालाना ब्याज दिया जा रहा है। आप अपने बच्चे के नाम पर PPF अकाउंट खोलकर उसके लिए आसानी से लाखों का फंड तैयार कर सकते हैं। लेकिन इसके कुछ नियम हैं। हम आपको उन नियमों के बारे में बता रहे हैं। एक व्यक्ति एक ही बच्चे के नाम पर खोल सकता है PPF अकाउंट बच्चे का PPF अकाउंट केवल माता-पिता या कानूनी अभिभावक यानी लीगल गार्जियन द्वारा ही खोला और चलाया जा सकता है। एक व्यक्ति अपने नाम पर केवल एक ही PPF अकाउंट खुलवा सकता है। हालांकि व्यक्ति अपने PPF अकाउंट के अलावा नाबालिग बच्चे के नाम पर एक अन्य PPF खाता खुलवा सकता है। लेकिन यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि एक पैरेंट्स एक ही बच्चे के नाम पर PPF खाता खोल सकता है। नियमों के मुताबिक, अगर किसी के दो बच्चे हैं तो एक नाबालिग बच्चे का PPF अकाउंट मां और दूसरे का पिता खुलवा सकता है। कितना पैसा जमा कर सकते हैं? नाबालिग के PPF अकाउंट के लिए भी एक वित्त वर्ष में कम से कम 500 और अधिकतम 1.5 लाख रुपए जमा कर सकते हैं। लेकिन अगर मां-पिता का खुद का PPF अकाउंट भी है तो उनके खुद के अकाउंट और नाबालिग के PPF अकाउंट दोनों को मिलाकर अधिकतम डिपॉजिट लिमिट 1.5 लाख रुपए सालाना ही रहेगी। उदाहरण से समझें: यदि कोई अभिभावक एक वित्त वर्ष में अपने PPF खाते में 1 लाख और अपने बच्चे के PPF अकाउंट में कुल 80 हजार रुपए जमा करता है, तो कुल जमा राशि 1.8 लाख रुपए हो जाती है। लेकिन PPF नियमों के तहत केवल 1.5 लाख रुपए ही मान्य होंगे। अतिरिक्त जमा 30 हजार रुपए पर न तो PPF की दर से ब्याज मिलेगा और न ही कोई टैक्स लाभ। बच्चे के 18 साल का होने पर बच्चा हैंडल कर सकता है अपना अकाउंट नाबालिग बच्चे के 18 साल का हो जाने के बाद अकाउंट का स्टेटस माइनर से मेजर करने के लिए ऐप्लिकेशन देनी होगी। इसके बाद बालिग हो चुका बच्चा अपना अकाउंट खुद से हैंडल कर सकता है। 15 साल का रहता है मैच्योरिटी पीरियड PPF अकाउंट 15 साल में मैच्योर होता है। आप चाहे तो मैच्योरिटी के बाद पूरा पैसा निकाल सकते हैं। हालांकि अगर आपको पैसे की जरूरत नहीं है तो इसे 5-5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। इस पर मिलता है टैक्स छूट का लाभ PPF इनकम टैक्स की EEE कैटेगरी में आती है। यानी योजना में किए गए निवेश पर आपको टैक्स छूट का लाभ मिलता है। साथ ही इस योजना में निवेश से मिलने वाले ब्याज और निवेश की पूरी राशि पर भी किसी तरह का टैक्स नहीं देना होता। पुरानी इनकम टैक्स व्यवस्था के तहत सेक्शन 80C में सालाना 1.5 लाख रुपए तक के निवेश पर टैक्स छूट का दावा किया जा सकता है। हालांकि, नई टैक्स व्यवस्था चुनने वालों को सेक्शन 80C का यह फायदा नहीं मिलता है। आसानी से तैयार होगा बड़ा फंड इस स्कीम के जरिए अगर आप हर महीने 1 हजार रुपए निवेश करते हैं तो आपको 15 साल बाद 3 लाख 18 हजार रुपए मिलेंगे। वहीं अगर 2 हजार रुपए महीना निवेश करते हैं तो आपको 15 साल बाद 6 लाख 37 हजार रुपए मिलेंगे। यहां जानें इसमें निवेश करने पर आपको कितना फायदा होगा। कौन खोल सकता है PPF अकाउंट? कोई भी व्यक्ति किसी पोस्ट ऑफिस या बैंक में अपने नाम पर यह अकाउंट खोल सकता है। इसके अलावा नाबालिग की तरफ से किसी और व्यक्ति द्वारा भी से खाता खोला जा सकता है।
गूगल ने प्ले स्टोर से हटाए 3 फर्जी लोन एप्स:डेटा चोरी और भारी ब्याज वसूलने की शिकायत पर एक्शन; जानें सुरक्षित एप चुनने का तरीका
गृह मंत्रालय की शिकायत पर गूगल ने 3 और फर्जी लोन एप्स को प्ले स्टोर से हटा दिया है। इस महीने में अब तक 9 ऐसे ठग एप्स बंद कराए जा चुके हैं। ये एप्स न सिर्फ आपकी निजी जानकारी चुराते हैं, बल्कि लोन देने के बाद बहुत ज्यादा ब्याज मांगते हैं और प्रताड़ित करते हैं। इस QA गाइड के जरिए जानिए फर्जी लोन एप्स से बचने और सुरक्षित रहने के आसान तरीके... सवाल 1. सरकार ने किन 3 नए लोन एप्स पर कार्रवाई की है और इन पर क्या आरोप हैं? जवाब: गृह मंत्रालय की साइबर सुरक्षा टीम (I4C) ने 19 अगस्त को गूगल को एक नोटिस भेजकर 3 फर्जी लोन ऐप्स को तुरंत हटाने के लिए कहा। इन 3 एप्स के नाम हैं: होराइजन कैश सर्विस, मनी स्कोर मॉनिटर, और जेलीक्रेडिट। आरोप है कि ये एप्स कम ब्याज पर 5 मिनट में लोन देने का लालच देकर लोगों को फंसाते थे और बाद में उनसे भारी-भरकम ब्याज और पेनाल्टी वसूलते थे। सवाल 2. ये एप्स मोबाइल से आपकी क्या-क्या निजी जानकारी चुरा रहे थे? जवाब: जैसे ही कोई यूजर इन एप्स को फोन में डाउनलोड करता था, ये एप्स चुपके से फोन की पूरी जानकारी चुरा लेते थे। इनमें पहचान पत्र, बैंक खाते से जुड़ी जानकारी, फोन में मौजूद कांटेक्ट लिस्ट (रिश्तेदारों और दोस्तों के नंबर), फोटो गैलरी और कैमरे का एक्सेस शामिल है। बाद में ये ठग इसी जानकारी का इस्तेमाल करके लोगों को ब्लैकमेल करते थे। सवाल 3. गूगल ने इन एप्स पर कितनी जल्दी कार्रवाई की और किस नियम के तहत हटाया? जवाब: सरकारी एजेंसी ने गूगल को नोटिस मिलने के सिर्फ 3 घंटे के भीतर इन तीनों एप्स को प्ले स्टोर से हटाने का आदेश दिया था। यह कार्रवाई सूचना प्रौद्योगिकी कानून की धाराओं के तहत की गई है। गूगल ने सरकार के आदेश को तुरंत मानते हुए इन तीनों एप्स को प्ले स्टोर से हटा दिया है। सवाल 4. क्या इस महीने में ऐसे किसी और एप्स पर भी कार्रवाई हुई है? जवाब: हां, इससे पहले 7 अगस्त को भी सरकार ने गूगल को 6 फर्जी लोन एप्स हटाने को कहा था। उन एप्स के नाम थे: लोन ऑर्बिट, हिसाब, नेक्स्स लोन, वन फंड, क्रेडिट फैक्टर और मोबाइल क्रेडिड। यानी केवल अगस्त में ही कुल 9 एपर को बंद किया है जो आम लोगों को अपना शिकार बना रहे थे। सवाल 5. ये फर्जी एप्स लोगों को अपने जाल में कैसे फंसाते हैं? जवाब: ये एप्स गूगल प्ले स्टोर और सोशल मीडिया पर विज्ञापन चलाते हैं। विज्ञापनों में लिखा होता है- "बिना किसी दस्तावेज, बिना सिबिल स्कोर के 5 मिनट में ₹50,000 का लोन पाएं।" जो लोग किसी जरूरत या मजबूरी में होते हैं, वे ऐसे विज्ञापन देखकर झांसे में आ जाते हैं और एप डाउनलोड कर लेते हैं। सवाल 6. क्या सरकार लोन ऐप्स के अलावा भी अन्य फर्जी वेबसाइट्स पर कोई कदम उठा रही है? जवाब: जी हां, सरकार अब लोन एप्स के साथ-साथ इंटरनेट पर ठगी करने वाली वेबसाइट्स पर भी कार्रवाई कर रही है। इसी महीने सरकार ने गूगल के सर्वर फायरबेस पर चल रही करीब 57 फर्जी वेबसाइट्स और डेटाबेस को बंद करने के निर्देश दिए। ये वेबसाइट्स लोगों के फोन में वायरस फैलाकर उनके बैंक खातों की जानकारी चुरा रही थीं। सवाल 7. किसी भी लोन एप से पैसे लेने से पहले असली और फर्जी एप की पहचान कैसे करें? जवाब: अगर आपको कभी ऑनलाइन लोन लेना हो, तो इन 3 आसान तरीकों से पहचान करें: RBI की मंजूरी जांचें: कोई भी असली लोन एप किसी न किसी रजिस्टर्ड बैंक या NBFC से जुड़ा होता है। एप के डिटेल में उस बैंक या कंपनी का नाम जरूर लिखा होता है। RBI वेबसाइट पर मिलाएं: RBI की वेबसाइट पर जाकर चेक करें कि कंपनी रजिस्टर्ड है। असली कंपनियों का पक्का दफ्तर, लैंडलाइन नंबर और ईमेल आईडी होती है। सवाल 8. फोन में एप डाउनलोड करते समय किन-किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब: सुरक्षा के लिए इन 4 बातों का हमेशा ध्यान रखें: सवाल 9. अगर कोई गलती से फर्जी एप के जाल में फंस जाए, तो वह क्या करे? जवाब: अगर कोई फर्जी एप आपको परेशान कर रहा है तो तुरंत ये कदम उठाएं: I4C और सरकारी नियम क्या हैं? आपके लिए जरूरी सलाह: कभी भी पैसों के लालच में आकर किसी भी अनजान एप को अपने मोबाइल की कांटेक्ट लिस्ट या फोटो गैलरी देखने की छूट न दें।
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