Gurmeet Ram Rahim 21 दिन की Furlough पर रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर आया
दुष्कर्म के मामले में दोषी डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह मंगलवार सुबह 21 दिन की फरलो पर रोहतक की सुनारिया जेल से बाहर आया। सूत्रों ने यह जानकारी दी। अगस्त 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद यह 17वीं बार है, जब वह जेल से बाहर आया है।
राम रहीम अपनी दो शिष्याओं से दुष्कर्म के मामले में 20 साल की जेल की सजा काट रहा है और हरियाणा के रोहतक स्थित सुनारिया जेल में बंद है। सूत्रों के अनुसार, फरलो की अवधि के दौरान वह सिरसा स्थित अपने डेरा मुख्यालय में रहेगा। दोषी ठहराए जाने के बाद से उसे असामान्य रूप से कई बार फरलो और पैरोल मिल चुकी है।
इस साल ही वह तीसरी बार जेल से बाहर आया है। उसे जनवरी में 40 दिन और मई में 30 दिन की पैरोल दी गई थी। अगस्त 2025 में वह 40 दिन की पैरोल और अप्रैल 2025 में 21 दिन की फरलो पर बाहर आया था।
जनवरी 2025 में उसे पांच फरवरी को होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले 30 दिन की पैरोल पर रिहा किया गया था। पांच अक्टूबर 2024 को होने वाले हरियाणा विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पहले, एक अक्टूबर 2024 को वह 20 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आया था। अगस्त 2024 में राम रहीम को 21 दिन की फरलो दी गई थी।
इससे पहले उसे सात फरवरी 2022 से तीन सप्ताह की फरलो भी दी गई थी, जो पंजाब विधानसभा चुनाव से महज दो सप्ताह पहले थी। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) जैसे सिख संगठनों ने राम रहीम को बार-बार मिल रही इस राहत की आलोचना की है। मार्च में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने 2002 में एक पत्रकार की हत्या के मामले में राम रहीम को बरी कर दिया था।
इस मामले में विशेष सीबीआई अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। इसके सात साल बाद उच्च न्यायालय ने उसे बरी किया। मई 2024 में उच्च न्यायालय ने एक अन्य विशेष सीबीआई अदालत के आदेश को पलटते हुए डेरा के पूर्व प्रबंधक रणजीत सिंह की 2002 में हुई हत्या के मामले में राम रहीम और चार अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था।
डेरा सच्चा सौदा का मुख्यालय सिरसा में है और हरियाणा, पंजाब तथा राजस्थान में इसके बड़ी संख्या में अनुयायी हैं। हरियाणा में इसके सबसे अधिक अनुयायी सिरसा, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, कैथल और हिसार जैसे जिलों में हैं।
Karnataka ने Amazon और Swiggy Instamart के खाद्य लाइसेंस निलंबित किए, धतूरा बेचने पर रोक
कर्नाटक सरकार ने धतूरा के फल/बीज की ऑनलाइन बिक्री और वितरण को लेकर ई-कॉमर्स मंच अमेजन, स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट के खाद्य लाइसेंस अगले आदेश तक निलंबित करने का निर्देश दिया है। सरकार ने इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा के लिए चिंता का विषय बताया है। सरकार ने इन तीनों ऑनलाइन मंचों को उत्पाद उपलब्ध कराने वाले प्रतिष्ठानों और विक्रेताओं के लाइसेंस/पंजीकरण तत्काल निलंबित करने का भी आदेश दिया है।
साथ ही, सभी संबंधित खाद्य कारोबार संचालकों को भोजन या मानव उपभोग के लिए धतूरा से संबंधित ‘लिस्टिंग’, विज्ञापन और प्रचार सामग्री हटाने का निर्देश दिया गया है। अंग्रेजी में धतूरा को ‘थॉर्न एप्पल’ के नाम से जाना जाता है, जबकि तमिल में इसे ‘उमथाई’ कहा जाता है। खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा, ‘‘खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 तथा इसके तहत बनाए गए नियमों/विनियमों के प्रावधानों के अनुसार, संबंधित सक्षम अधिकारियों को अमेजन, स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट जैसे ई-कॉमर्स मंच को जारी खाद्य लाइसेंस अगले आदेश तक निलंबित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने और तत्काल अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।’’ विभाग ने कहा कि यह मामला उसके संज्ञान में तब आया, जब कुछ ऑनलाइन मंच पर भारतीय खाद्य संरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के लाइसेंस/पंजीकरण के तहत धतूरा के फल और बीज बिक्री के लिए प्रदर्शित पाए गए।
विभाग ने कहा, ‘‘धतूरा के पौधे में विषैले गुण होते हैं और इसके फल तथा बीजों का सेवन मानव स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव डाल सकता है।’’ विभाग ने कहा कि अमेजन, स्विगी इंस्टामार्ट और बिगबास्केट के लाइसेंस का निलंबन अगले आदेश तक लागू रहेगा। अनुपालन रिपोर्ट मिलने के बाद, संबंधित पक्षों को अपना पक्ष रखने का अवसर देने के पश्चात निलंबन हटाने के मुद्दे पर अलग से विचार किया जाएगा।
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