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NIA ने Cyber Attack मामले में पांच राज्यों के ठिकानों पर की छापेमारी

राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सरकारी वेबसाइट पर हुए साइबर हमलों की जांच के तहत सोमवार को कई राज्यों में छापे मारे। एनआईए के एक बयान के अनुसार, पांच स्थानों पर छापे मारे गए, जिनमें महाराष्ट्र के पुणे स्थित जुन्नर, गुजरात के खेड़ा स्थित नडियाद, तेलंगाना के करीमनगर स्थित रामागुंडम, बिहार के गोपालगंज और दिल्ली शामिल है। अभिकरण ने बताया कि 25 जून, 2025 को दर्ज मामला ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान सरकारी इकाइयों की 54 वेबसाइट पर ‘‘वितरित सेवा बाधित’’ (डीडीओएस) हमले करने के प्रयास से संबंधित है।

इन हमलों में महत्वपूर्ण कंप्यूटर संसाधनों और महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना (सीआईआई) को निशाना बनाया गया था। एनआईए के अनुसार, इन हमलों का कथित उद्देश्य राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और एकता को नुकसान पहुंचाना तथा लोगों में भय उत्पन्न करना था। पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने पिछले साल सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और इसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ठिकानों पर लक्षित हमले किए थे।

बाईस अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन घाटी में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) आतंकवादी संगठन के तीन आतंकवादियों ने 25 पर्यटकों और एक स्थानीय घोड़ा संचालक की हत्या कर दी थी। मामले में दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। यह मामला मूल रूप से गुजरात पुलिस ने दर्ज किया था।

आतंकवाद-रोधी एजेंसी ने बताया कि जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण के जरिए ऐसे संदिग्धों की पहचान की गई, जिन्होंने कथित तौर पर आरोपियों को डीडीओएस हमले की तैयारी करने और उसे अंजाम देने के लिए जरूरी कौशल विकसित करने में मदद और सहयोग दिया था। एजेंसी ने कहा कि सक्षम अदालत द्वारा तलाशी वारंट जारी किए जाने के बाद सोमवार सुबह संदिग्धों के परिसरों की तलाशी ली गई। एनआईए ने बताया कि तलाशी के दौरान हैकिंग गतिविधियों से संबंधित सामग्री वाले विभिन्न डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गए।

उसने बताया कि संदिग्धों से गिरफ्तार आरोपियों के साथ उनके संबंधों को लेकर भी पूछताछ की गई। एनआईए ने कहा कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत तीन लैपटॉप, पांच मोबाइल फोन और पेन ड्राइव समेत अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए।

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Yogi Adityanath ने Ajay Rai पर साधा निशाना, सावन में मछली भोज पर बढ़ा सियासी विवाद

सावन के दौरान अयोध्या में निषाद समाज की एक बैठक में मछली पकाए जाने का कथित वीडियो सामने आने के बाद सियासी विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय पर श्रावण मास में मछली भोज में शामिल होने का आरोप लगाया, वहीं राय ने आरोप साबित होने पर इस्तीफा देने की बात कही। अयोध्या में रविवार को निषाद समाज ने राय के स्वागत में एक बैठक आयोजित की थी।

आरोप है कि कार्यक्रम स्थल पर मछली पकाई गई, जिससे विवाद बढ़ गया, क्योंकि श्रावण मास में कई लोग धार्मिक कारणों से मांसाहार से परहेज करते हैं। राय हनुमानगढ़ी में हनुमान चालीसा का पाठ और राम मंदिर के दर्शन करने के बाद कार्यक्रम में पहुंचे थे। योगी ने रायबरेली में एक कार्यक्रम में राय के आचरण को लेकर तीखी टिप्पणी की।

उन्होंने कहा कि राय हनुमानगढ़ी में दर्शन के बाद बाहर आकर ‘मछली की दावत’ उड़ाते हैं और फिर राम-राम चिल्लाते हैं। दूसरी ओर, राय ने कहा कि अगर कोई ऐसी फोटो या वीडियो है, जिसमें वह मछली खाते हुए दिखाई दे रहे हैं, तो उसे सार्वजनिक किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रमाण मिलने पर वह माफी मांगकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देंगे, लेकिन सबूत नहीं होने पर मुख्यमंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।

उत्तर प्रदेश के मत्स्य पालन मंत्री संजय निषाद ने कहा कि मछली पकड़ना निषाद समुदाय की परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस तरह की राजनीति के जरिये समुदाय को फंसाने की कोशिश कर रही है। कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा कि कार्यक्रम के मेजबान निषाद समाज के लोग थे और उनकी खानपान की अपनी परंपराएं हैं।

उन्होंने दावा किया कि राय शाकाहारी हैं। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री पंकज चौधरी ने कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस पर ‘सनातन का अपमान’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने पार्टी से संत समाज और देशवासियों से माफी मांगने की मांग की।

रायबरेली की सभा में योगी ने बिना नाम लिए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के भाई अवधेश राय की हत्या का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि अजय राय ने अपने भाई की हत्या के आरोपी माफिया के खिलाफ गवाही नहीं दी। अवधेश राय की 1990 के दशक में वाराणसी में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी और मामले में मुख्तार अंसारी पर आरोप लगा था।

अयोध्‍या में कांग्रेस का कार्यक्रम निषाद समुदाय के स्थानीय नेता राम निहाल निषाद ने आयोजित किया था, जिनका परिवार पारंपरिक रूप से मछली के व्यापार से जुड़ा है। स्थानीय लोगों ने बताया कि राम निहाल निषाद कुछ समय पहले तक भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य थे और लगभग दो महीने पहले कांग्रेस में शामिल हुए थे। इस विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए राम निहाल निषाद ने कहा, ‘‘मछली पकड़ना और बेचना हमारा पारंपरिक व्यवसाय है और हमारी आजीविका मछली पर ही निर्भर है।

सबसे बड़ी बात यह है कि भारत के संविधान में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि सावन के महीने में मछली नहीं खाई जा सकती।’’ राम निहाल निषाद ने कहा, ‘‘इससे पहले, 11 अगस्त को उत्तर प्रदेश सरकार के मत्‍स्‍य मंत्री संजय निषाद ने मछली को शाकाहारी बताया था। उन्होंने कहा था कि अगर मछली बिना लहसुन-प्याज के बनाई जाए, तो वह शाकाहारी होती है। मछली, धनुष और बाण के साथ उत्तर प्रदेश सरकार और भारत के संविधान, दोनों के ही प्रतीक चिह्नों में शामिल है।

यह निषाद समुदाय का भी प्रतीक है और हमें इस पर गर्व है।’’ सोमवार को रायबरेली में एक अन्‍य कार्यक्रम में, योगी आदित्यनाथ ने इस विवाद के सिलसिले में यह कहते हुए कांग्रेस पर फिर निशाना साधा कि पार्टी के लिए ‘मुंह में राम, बगल में छुरी’ है। उन्होंने कांग्रेस पर भगवान राम के अस्तित्व पर पहले सवाल उठाने का भी आरोप लगाया और कहा कि अयोध्या में उनके नेताओं का व्यवहार देश-दुनिया ने देखा है। आदित्यनाथ ने कहा कि विपक्षी दलों ने भगवान कृष्ण के अस्तित्व पर भी सवाल उठाए थे, लेकिन अब वे राम मंदिर के भव्य निर्माण को स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं।

निषाद पार्टी के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के मत्स्य पालन मंत्री संजय निषाद ने कहा कि कांग्रेस को यह साफ करना चाहिए कि वह पुजारी बनना चाहती है या मछली खाने वाली। मंत्री ने कहा कि मछली खाना निषाद समुदाय की परंपरा का हिस्सा है। हालांकि उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ऐसी राजनीति के जरिये समुदाय को फंसाने की कोशिश कर रही है।

निषाद ने कहा, निषाद समुदाय इस जाल में फंसने वाला नहीं है। कांग्रेस को साफ करना चाहिए कि वह पुजारी है या क्या है। उन्होंने कहा कि असली मुद्दे ये हैं कि निषाद समुदाय को गरीब किसने बनाया, किसकी जमीन छीनी गई और बच्चों की शिक्षा और नौकरी जैसे मामले असल मुद्दे हैं।

इस बीच, कांग्रेस की उत्तर प्रदेश इकाई के प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने कहा कि भाजपा को अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन द्वारा श्रावण मास में मांसाहारी भोजन किए जाने से जुड़े सवालों का जवाब देना चाहिए क्योंकि मांसाहार करते हुए उनके वीडियो सामने आए थे। उन्होंने कहा, ‘‘जो आरोप लगाए जा रहे हैं, उनका अभी तक कोई सबूत नहीं है। क्या हमारी वहां पर बैठकर मछली खाते हुए कोई तस्वीर है?

क्या अजय राय की कोई तस्वीर है? गौतम ने कहा कि मछली पकड़ना और खाना केवट, मल्लाह, कश्यप, धीमर और निषाद जैसे समुदायों के खान-पान का पारंपरिक हिस्सा रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘क्या खाना है और क्या नहीं, यह भाजपा तय नहीं करेगी।

संविधान ने सभी को यह अधिकार दिया है। भाजपा मल्लाह समुदाय का अपमान कर रही है।

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Fact Check: क्या सच में वैभव सूर्यवंशी ने विवादित भाषा का इस्तेमाल किया, मांजरेकर को जवाब देने का मुद्दा गरमाया, सच्चाई या बदनाम करने की कोशिश?

fact check: एक्स पर @Vaibhavsooryava नाम के एक हैंडल से ट्वीट आया "टॉक्सिसिटी, अपरिपक्व तर्कों और इस कड़वे व्यवहार को अब बंद करें. दूसरों को उपदेश देने से पहले पूरी कहानी जान लें. (Enough with the toxicity, immature arguments, and salty behaviour. Know the full story before preaching other) चूंकि इस फर्जी प्रोफाइल पर ब्लू टिक (वेरिफाइड सिंबल) लगा हुआ था, इसलिए फैंस और कई मीडिया रिपोर्ट्स ने इसे सच मान लिया. लोग हैरान रह गए कि महज 15 साल का खिलाड़ी अपने से 50 साल बड़े दिग्गज और पूर्व क्रिकेटर को इस लहजे में जवाब दे रहा है. Wed, 26 Aug 2026 16:34:24 +0530

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