Delhi Police पर हमले के आरोप में महिला गिरफ्तार, दो नाबालिग बेटे भी पकड़े गए
बाहरी उत्तरी दिल्ली के भलस्वा डेयरी इलाके में पुलिसकर्मियों पर हमले के मामले में एक महिला को गिरफ्तार किया गया, जबकि उसके दो नाबालिग बेटों को हिरासत में लिया गया। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मुख्य आरोपी सुनील उर्फ पंकज और उसका सहयोगी अब भी फरार हैं।
पुलिस के अनुसार, महिला और दो किशोरों को वीडियो फुटेज में पुलिसकर्मियों पर हमला करते हुए देखे जाने के बाद रविवार को हिरासत में ले लिया गया। इससे पहले 22 अगस्त को स्थानीय लोगों की मदद से 17-वर्षीय किशोर को मौके से पकड़ा गया था। यह घटना मुकुंदपुर के जनता विहार इलाके में बिना किसी वैध दस्तावेज और क्षतिग्रस्त नंबर प्लेट वाली मोटरसाइकिल जब्त करने को लेकर हुए विवाद के बाद हुई।
पुलिस ने आरोप लगाया कि परिवार के सदस्यों ने मिर्च पाउडर, ईंटों, पत्थरों और लाठियों से पांच कर्मियों पर हमला किया। पुलिस ने कहा कि मुख्य आरोपी सुनील अब भी एक सहयोगी के साथ फरार है। वह पूर्व में एनडीपीएस अधिनियम सहित पांच मामलों शामिल रहा है और इलाके का खराब चरित्र का व्यक्ति घोषित है।
बाकी आरोपियों को पकड़ने के लिए विभिन्न स्थानों पर छापेमारी की जा रही है। महिला ने पुलिस पर मादक पदार्थ तस्करों के साथ संबंध रखने और उसके परिवार को परेशान करने का आरोप लगाया है। पुलिस जांच के तहत इन आरोपों की जांच कर रही है।
NIA ने Cyber Attack मामले में पांच राज्यों के ठिकानों पर की छापेमारी
राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सरकारी वेबसाइट पर हुए साइबर हमलों की जांच के तहत सोमवार को कई राज्यों में छापे मारे। एनआईए के एक बयान के अनुसार, पांच स्थानों पर छापे मारे गए, जिनमें महाराष्ट्र के पुणे स्थित जुन्नर, गुजरात के खेड़ा स्थित नडियाद, तेलंगाना के करीमनगर स्थित रामागुंडम, बिहार के गोपालगंज और दिल्ली शामिल है। अभिकरण ने बताया कि 25 जून, 2025 को दर्ज मामला ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान सरकारी इकाइयों की 54 वेबसाइट पर ‘‘वितरित सेवा बाधित’’ (डीडीओएस) हमले करने के प्रयास से संबंधित है।
इन हमलों में महत्वपूर्ण कंप्यूटर संसाधनों और महत्वपूर्ण सूचना अवसंरचना (सीआईआई) को निशाना बनाया गया था। एनआईए के अनुसार, इन हमलों का कथित उद्देश्य राष्ट्रीय संप्रभुता, सुरक्षा और एकता को नुकसान पहुंचाना तथा लोगों में भय उत्पन्न करना था। पहलगाम आतंकवादी हमले के जवाब में भारतीय सशस्त्र बलों ने पिछले साल सात मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और इसके कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में आतंकवादी ठिकानों पर लक्षित हमले किए थे।
बाईस अप्रैल, 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम के बैसरन घाटी में पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) आतंकवादी संगठन के तीन आतंकवादियों ने 25 पर्यटकों और एक स्थानीय घोड़ा संचालक की हत्या कर दी थी। मामले में दो आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। यह मामला मूल रूप से गुजरात पुलिस ने दर्ज किया था।
आतंकवाद-रोधी एजेंसी ने बताया कि जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण के जरिए ऐसे संदिग्धों की पहचान की गई, जिन्होंने कथित तौर पर आरोपियों को डीडीओएस हमले की तैयारी करने और उसे अंजाम देने के लिए जरूरी कौशल विकसित करने में मदद और सहयोग दिया था। एजेंसी ने कहा कि सक्षम अदालत द्वारा तलाशी वारंट जारी किए जाने के बाद सोमवार सुबह संदिग्धों के परिसरों की तलाशी ली गई। एनआईए ने बताया कि तलाशी के दौरान हैकिंग गतिविधियों से संबंधित सामग्री वाले विभिन्न डिजिटल उपकरण और दस्तावेज जब्त किए गए।
उसने बताया कि संदिग्धों से गिरफ्तार आरोपियों के साथ उनके संबंधों को लेकर भी पूछताछ की गई। एनआईए ने कहा कि निर्धारित प्रक्रिया के तहत तीन लैपटॉप, पांच मोबाइल फोन और पेन ड्राइव समेत अन्य डिजिटल उपकरण जब्त किए गए।
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