Mamata Banerjee ने Annapurna Scheme पर उठाए सवाल, Suvendu Adhikari का पलटवार
तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसने पश्चिम बंगाल की सभी महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना के तहत आर्थिक सहायता देने के चुनावी वादे का उल्लंघन किया है और पार्टी अब अपात्रता का हवाला देकर लाभार्थियों की संख्या कम कर रही है। ममता के आरोपों को खारिज करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा कि राज्य सरकार ने बिना किसी राजनीतिक या धार्मिक भेदभाव के प्रदेश की 1.45 करोड़ से अधिक पात्र महिलाओं के बैंक खातों में योजना की आर्थिक सहायता सीधे भेज दी है। ममता बनर्जी ने अपने कालीघाट स्थित आवास से फेसबुक लाइव के माध्यम से लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने योजना का लाभ देने के लिए कोई शर्त नहीं रखी थी, लेकिन सत्ता में आने के बाद उसने शर्तें लागू कर दीं।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, भाजपा अपात्रता का बहाना बनाकर अन्नपूर्णा योजना के लाभार्थियों की संख्या घटा रही है। तृणमूल शासन के दौरान लक्ष्मी भंडार योजना सभी महिलाओं के लिए थी। उन्होंने आरोप लगाया कि अब लाभार्थियों की पात्रता तय करने के नाम पर जटिल आवेदन प्रक्रिया और कई नियम लागू कर दिए गए हैं।
ममता ने कहा, भाजपा ने सभी महिलाओं को अन्नपूर्णा योजना का लाभ देने के अपने चुनावी वादे का उल्लंघन किया और लोगों को धोखा दिया। हमने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए लक्ष्मी भंडार योजना शुरू की थी, लेकिन भाजपा अन्नपूर्णा योजना का पैसा देने में लोगों के धर्म और जाति को देख रही है। इसपर पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा, हमारी सरकार धर्म के आधार पर कोई भेदभाव नहीं करती।
इस योजना के तहत 19 लाख से अधिक मुस्लिम महिलाओं के खातों में भी राशि पहुंच चुकी है। ममता के पात्रता संबंधी आरोपों पर अधिकारी ने कहा कि पिछली सरकार ने भी लक्ष्मी भंडार योजना में शर्तें लागू की थीं। उन्होंने कहा कि यह योजना केवल 25 से 60 वर्ष की आयु वाली महिलाओं के लिए थी और सभी आयु वर्ग की महिलाओं को इसका लाभ नहीं दिया जाता था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आवेदनों की जांच सरकार के नियमों के अनुसार सख्ती से की जा रही है। करीब 4.5 लाख महिलाओं ने शिकायतें दर्ज कराई हैं और उचित कार्रवाई करने से पहले हर शिकायत की बारीकी से जांच की गई।
CEC Gyanesh Kumar ने कहा- 97 करोड़ मतदाताओं के साथ भारत दुनिया का सबसे बड़ा परिवार
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने सोमवार को कहा कि भारत के लगभग 97 करोड़ मतदाता मिलकर दुनिया का सबसे बड़ा परिवार बनाते हैं और जब लोकसभा चुनाव होते हैं, तो भारत निर्वाचन आयोग धरती का सबसे बड़ा संगठन बन जाता है। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय द्वारा जारी एक बयान के मुताबिक, कुमार ने ये बातें लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में चुनाव साक्षरता क्लब (ईएलसी) 2.0 और ईसीआईनेट के क्षेत्रीय सम्मेलन में कहीं। ज्ञानेश कुमार ने कहा, भारत में लगभग 97 करोड़ मतदाता हैं।
इसका क्या मतलब है? यह सिर्फ़ एक संख्या नहीं है। क्या आप जानते हैं कि अलग-अलग देशों में मतदाताओं की आबादी के हिसाब से 97 करोड़ कितना होता है?
अगर आप अमेरिका, कनाडा, दक्षिण अमेरिका, पूरे यूरोप, पूरे अफ्रीका और पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया के मतदाताओं को भी जोड़ लें, तब भी यह भारत के मुकाबले आठ करोड़ कम रह जाती है। आप इतने बड़े लोकतंत्र का हिस्सा हैं। यह दुनिया का सबसे बड़ा परिवार है।
कुमार ने कहा, क्या आप जानते हैं कि जब भारत का निर्वाचन आयोग (ईसीआई) लोकसभा चुनाव कराता है तो यह काम कितने बड़े पैमाने पर होता है? जब लोकसभा चुनाव होते हैं, तो भारत निर्वाचन आयोग धरती का सबसे बड़ा संगठन बन जाता है, जिसके साथ 1.8 करोड़ लोग काम करते हैं। उन्होंने कहा कि पारदर्शिता का इससे बड़ा कोई उदाहरण नहीं हो सकता।
कुमार ने उपस्थित लोगों से सवाल किया कि इन 1.8 करोड़ लोगों के साथ बातचीत या संपर्क कैसे होता है? उन्होंने कहा, वे सभी ईसीआईनेट के जरिये जुड़े हुए हैं। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी, जिला निर्वाचन अधिकारी, उप जिलाधिकारी और बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) से लेकर पीठासीन अधिकारी और मतगणना अधिकारी तक, हर कोई इस माध्यम से जुड़ा हुआ है।
उन्होंने कहा कि भारत में ट्विटर (जिसे अब एक्स कहा जाता है) को ढाई करोड़ लोगों ने डाउनलोड किया है, लेकिन चार-पांच महीने पहले शुरू किया गया ईसीआईनेट इस साल के आखिर तक यह भारत का सबसे बड़ा ऐप बन जाना चाहिए, क्योंकि इसमें 1951—52 के लोकसभा चुनावों से लेकर अब तक की सारी जानकारी मौजूद है... चाहे वह किसी बूथ पर वोटिंग की संख्या हो, किसी उम्मीदवार को मिले वोट हों या हलफनामे हों।
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