Rice Soya Sticks: घर पर ऐसे बनाएं कुरकुरी और टेस्टी राइस सोया स्टिक्स, बच्चों से बड़ों तक सबको पसंद आएगी
Rice Soya Sticks: शाम की चाय के साथ कुछ कुरकुरा और चटपटा खाने का मन हो तो हर बार बाजार की पैक्ड स्नैक्स खरीदने की जरूरत नहीं है। घर में मौजूद चावल के आटे और सोया जैसी आसानी से मिलने वाली चीजों से स्वादिष्ट राइस सोया स्टिक्स तैयार की जा सकती हैं। बाहर से बेहद क्रिस्पी और अंदर से हल्की मसालेदार ये स्टिक्स चाय, कॉफी या किसी भी ड्रिंक के साथ स्नैक के तौर पर परोसी जा सकती हैं।
खास बात यह है कि इसे बनाने की प्रक्रिया बहुत मुश्किल नहीं है। सही मात्रा में आटा, सोया और मसाले मिलाकर तैयार किया गया आटा अगर ठीक तरह से गूंथा जाए, तो स्टिक्स आसानी से आकार ले लेती हैं और तलने के बाद अच्छी तरह कुरकुरी बनती हैं। बच्चों की पार्टी हो या घर पर अचानक मेहमान आ जाएं, यह स्नैक मेन्यू में शामिल किया जा सकता है।
राइस सोया स्टिक्स बनाने के लिए सामग्री
- 1 कप चावल का आटा
- 1/2 कप सोया ग्रेन्यूल्स या सोया चंक्स
- 2 बड़े चम्मच बेसन
- 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- 1/2 छोटा चम्मच अजवाइन
- 1/2 छोटा चम्मच हल्दी पाउडर
- 1/2 छोटा चम्मच चाट मसाला
- स्वादानुसार नमक
- 1 बड़ा चम्मच तेल
- जरूरत के अनुसार पानी
- तलने के लिए तेल
राइस सोया स्टिक्स बनाने का तरीका
सबसे पहले तैयार करें सोया
सोया ग्रेन्यूल्स या सोया चंक्स को गर्म पानी में कुछ मिनट भिगो दें। नरम होने के बाद पानी निकालकर उन्हें अच्छी तरह निचोड़ लें। अगर चंक्स इस्तेमाल कर रहे हैं तो इन्हें मिक्सर में हल्का दरदरा पीस लें। ध्यान रखें कि सोया में पानी ज्यादा न रह जाए, वरना आटा गीला हो सकता है।
ऐसे तैयार करें स्टिक्स का आटा
एक बड़े बर्तन में चावल का आटा, बेसन और तैयार किया हुआ सोया डालें। अब इसमें लाल मिर्च, हल्दी, अजवाइन, चाट मसाला और नमक मिलाएं। एक चम्मच तेल डालकर सभी चीजों को अच्छी तरह मिलाएं। इसके बाद थोड़ा-थोड़ा पानी डालते हुए ऐसा आटा गूंथें जो नरम हो, लेकिन बहुत ज्यादा चिपचिपा न हो।
आटे को 5 से 10 मिनट के लिए ढककर रख दें। इससे सभी मसाले अच्छी तरह मिल जाएंगे और आटा आकार देने के लिए तैयार हो जाएगा।
स्टिक्स को दें सही आकार
अब आटे की छोटी लोई लेकर लंबी और पतली स्टिक जैसा आकार दें। आप चाहें तो सेव बनाने वाली मशीन या मुरुक्कू मेकर की मदद से भी एक जैसे आकार की स्टिक्स तैयार कर सकते हैं। सभी स्टिक्स बहुत मोटी न रखें, क्योंकि ज्यादा मोटी स्टिक्स अंदर से नरम रह सकती हैं।
सुनहरी और क्रिस्पी होने तक तलें
कड़ाही में तेल गर्म करें। तेल बहुत तेज गर्म नहीं होना चाहिए। तैयार स्टिक्स को मध्यम आंच पर बैच में डालें और धीरे-धीरे सुनहरा व कुरकुरा होने तक तलें। ज्यादा तेज आंच पर तलने से स्टिक्स बाहर से जल्दी रंग पकड़ सकती हैं और अंदर से ठीक से क्रिस्पी नहीं होंगी।
तलने के बाद इन्हें टिश्यू पेपर पर निकाल लें, ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए। पूरी तरह ठंडी होने पर एयरटाइट डिब्बे में रख सकते हैं।
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लेखक: (कीर्ति)
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Coconut Oil Purity Check: नारियल तेल का इस्तेमाल आज सिर्फ खाना पकाने तक सीमित नहीं है। बालों की देखभाल, त्वचा की मालिश और कई घरेलू नुस्खों में भी इसका खूब इस्तेमाल होता है। यही वजह है कि बाजार में नारियल तेल की मांग बनी रहती है। लेकिन बढ़ती मांग के साथ मिलावट का सवाल भी सामने आता है। पैकेट या बोतल देखकर यह हमेशा तय करना आसान नहीं होता कि तेल पूरी तरह शुद्ध है या उसमें किसी दूसरे तेल की मिलावट की गई है।
घर पर कुछ आसान शुरुआती जांच से आप नारियल तेल की गुणवत्ता को लेकर अंदाजा जरूर लगा सकते हैं। हालांकि, किसी भी घरेलू टेस्ट को लैब टेस्ट का विकल्प नहीं माना जा सकता। खासकर खाने के लिए इस्तेमाल होने वाले तेल की शुद्धता को लेकर संदेह हो तो पैकेजिंग, लेबल, FSSAI जानकारी और विश्वसनीय स्रोत से खरीदारी पर ध्यान देना ज्यादा जरूरी है।
जमने का टेस्ट कर सकते हैं
नारियल तेल की एक खासियत है कि सामान्य तापमान कम होने पर यह ठोस या अर्ध-ठोस रूप ले सकता है। थोड़ी मात्रा तेल को साफ कांच के बर्तन में रखकर कुछ समय ठंडे स्थान पर देखें। अगर तेल ठोस होने लगता है तो यह सामान्य व्यवहार हो सकता है। हालांकि, सिर्फ जमने या न जमने से शुद्धता का पक्का फैसला नहीं किया जा सकता, क्योंकि तापमान और नारियल तेल की प्रोसेसिंग से भी इसका टेक्सचर बदल सकता है।
रंग और बनावट पर दें ध्यान
अच्छी गुणवत्ता वाला रिफाइंड नारियल तेल आमतौर पर साफ और हल्के रंग का दिखाई दे सकता है, जबकि वर्जिन नारियल तेल में हल्की प्राकृतिक खुशबू और अलग रंग-रूप हो सकता है। अगर तेल में असामान्य धुंधलापन, गंदगी या तलछट नजर आए तो सावधान होना चाहिए। हालांकि, प्राकृतिक नारियल तेल के प्रकार के अनुसार रंग और गंध में अंतर होना भी सामान्य है।
खुशबू से मिल सकता है शुरुआती संकेत
वर्जिन या अनरिफाइंड नारियल तेल में नारियल की हल्की प्राकृतिक खुशबू मौजूद रह सकती है। अगर तेल से बहुत तेज केमिकल जैसी गंध आए या उसकी महक सामान्य से बिल्कुल अलग लगे, तो उत्पाद की गुणवत्ता पर सवाल उठ सकता है। दूसरी तरफ रिफाइंड नारियल तेल में तेज नारियल की खुशबू न होना भी सामान्य है, इसलिए केवल खुशबू के आधार पर मिलावट तय करना सही नहीं होगा।
लेबल और पैकेजिंग जरूर जांचें
मिलावट पहचानने का सबसे व्यावहारिक तरीका सिर्फ घरेलू प्रयोग नहीं, बल्कि बोतल के लेबल को ध्यान से पढ़ना भी है। उत्पाद में कोकोनट ऑयल या संबंधित खाद्य श्रेणी की स्पष्ट जानकारी, निर्माता का नाम-पता, बैच नंबर, निर्माण या पैकिंग की तारीख, एक्सपायरी और आवश्यक लाइसेंस संबंधी विवरण जरूर देखें। पैकेजिंग टूटी या संदिग्ध हो तो ऐसे उत्पाद से बचना बेहतर है।
कीमत बहुत कम हो तो रहें सतर्क
अगर कोई नारियल तेल समान मात्रा और समान श्रेणी के दूसरे उत्पादों की तुलना में असामान्य रूप से सस्ता मिल रहा है, तो खरीदने से पहले सावधानी बरतें। कम कीमत हमेशा मिलावट का प्रमाण नहीं होती, लेकिन बहुत ज्यादा मूल्य अंतर होने पर ब्रांड, सामग्री और पैकेजिंग की दोबारा जांच करना समझदारी है।
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