बॉम्बे हाईकोर्ट भर्ती एग्जाम दोबारा कराने की मांग:दस मिनट में लॉग आउट, खराब की बोर्ड, छात्रों ने कहा - ये हमारा फेलियर नहीं, सिस्टम की गलती है
महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में 16 अगस्त को बॉम्बे हाईकोर्ट क्लर्क भर्ती का टाइपिंग एग्जाम आयोजित किया गया था। इस परीक्षा को लेकर उम्मीदवारों का आरोप है कि एग्जाम के दौरान कई कम्प्यूटर, माउस और की-बोर्ड ने काम करना बंद कर दिया। यह एग्जाम मुंबई के कई परीक्षा केंद्रों पर हुआ था। कल्याण में 600 से अधिक उम्मीदवारों का प्रदर्शन परीक्षा 10 मिनट की थी, जिसमें 400 शब्दों का टाइपिंग पैसेज था। कई उम्मीदवारों ने आरोप लगाया कि परीक्षा शुरू होने के कुछ ही मिनट बाद सिस्टम ने उन्हें लॉग आउट कर दिया। कल्याण, छत्रपति संभाजीनगर, नांदेड, वाशिम और भंडारा समेत कई केंद्रों से तकनीकी दिक्कतों की शिकायतें सामने आईं। कल्याण में 600 से अधिक उम्मीदवारों ने विरोध प्रदर्शन किया। कुछ केंद्रो से मिली तकनीकी खामियों की शिकायत बॉम्बे हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार ने कहा कि महाराष्ट्र में परीक्षा सामान्य रूप से आयोजित हुई, लेकिन कुछ केंद्रों, खासकर कल्याण और छत्रपति संभाजीनगर में तकनीकी समस्याओं की शिकायतें मिली हैं। एजेंसी की प्रक्रिया से जुड़ी समस्याओं की जांच की जा रही है हालांकि छात्रों का कहना है कि ये हमारा फेलियर नहीं है, ये सिस्टम की गलती है। उम्मीदवारों ने कहा कि जब इसकी कंप्लेन की गई तो अथॉरिटीज ने कहा कि इन बच्चों में अक्ल नहीं है कि एग्जाम कैसे दिया जाता है। दीपके छात्रों के पक्ष में बोले छत्रपति संभाजीनगर में छात्रों के प्रदर्शन में अभिजीत दीपके भी शामिल होने पहुंचे। दीपके ने कहा - यह सिस्टम और सरकार की विफलता है, जो ऑनलाइन परीक्षा ठीक से कराने में सक्षम नहीं है। जब छात्रों ने अधिकारियों से शिकायत की तो उनसे कहा गया कि उनमें परीक्षा ठीक से देने की समझ नहीं है। अगर अधिकारियों के पास इन छात्रों से ज्यादा समझ थी तो उन्हें इसका इस्तेमाल बेहतर कंप्यूटर और काम करने वाले कीबोर्ड लगाने के साथ परीक्षा से पहले सर्वर को ठीक से चलने की स्थिति में रखने के लिए करना चाहिए था। दीपके ने कहा - परीक्षा केंद्र में एक जिला अदालत के जज मौजूद थे। उन्हें बाहर आकर लिखित आश्वासन देना चाहिए कि परीक्षा दोबारा कराई जाएगी और आज इस्तेमाल किए गए खराब कंप्यूटरों पर नहीं कराई जाएगी। ऐसी स्थिति दोबारा नहीं होनी चाहिए। छात्रों का भविष्य दांव पर है। अगर जिला न्यायाधीश बात करना चाहते हैं तो उन्हें यहां आना चाहिए परीक्षाएं ठीक से नहीं करा पाते तो आयोजित ही क्यों करते हो दीपके ने आगे कहा - अगर आपके पास जरूरी बुनियादी ढांचा नहीं है और आप ऑनलाइन परीक्षाएं ठीक से नहीं करा सकते तो इन्हें आयोजित ही क्यों करते हैं? यह पहली बार नहीं है। पूरे देश में और महाराष्ट्र में ऑनलाइन परीक्षाओं के दौरान सर्वर क्रैश होने या कीबोर्ड और माउस जैसे हार्डवेयर के काम नहीं करने की घटनाएं होती रहती हैं। उन्होंने कहा कि ऐसा हर परीक्षा में होता है। एक ऑनलाइन परीक्षा का नाम बताइए जो बिना किसी समस्या के हुई हो। जब आपको अच्छी तरह पता है कि आप इन ऑनलाइन परीक्षाओं को संभालने में सक्षम नहीं हैं, तो फिर इन्हें आयोजित करके छात्रों का भविष्य खतरे में क्यों डालते हैं। परीक्षा तीन सेशन में हाईकोर्ट की नागपुर और औरंगाबाद बेंच के तहत 1,300 क्लर्क पदों के लिए आयोजित की गई थी। तकनीकी गड़बड़ी की शिकायत सुबह 10 बजे से 11:15 बजे वाले सेशन में सामने आई। ------------------------------------------------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें एग्जाम रूम में पंखे न होने से 2 छात्राएं बेहोश:गुस्से में छात्राओं ने प्रिंसिपल के कमरे का पंखा बंद किया, दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा दरभंगा के बहेड़ा में 12 अगस्त को ग्रेजुएशन के चौथे सेमेस्टर की परीक्षा चल रही थी। उस दौरान भीषण गर्मी और उमस के चलते दो छात्राएं बेहोश हो गईं।
स्कूली छात्रों ने रोका राज्यमंत्री का काफिला:खराब सड़क, बाउंड्री वॉल बनाने और बिजली न होने का किया विरोध; वीडियो वायरल
मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले की चंदला विधानसभा क्षेत्र की माध्यमिक शाला बसराही के छात्रों ने भाजपा विधायक और मंत्री दिलीप अहिरवार का काफिला रोक लिया। छात्रों ने मंत्री जी स्कूल की दुर्दशा बताई। यहां स्कूली बच्चे अपने स्कूल की बुनियादी सुविधाओं को लेकर परेशान हैं। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सड़क निर्माण की मांग सबसे पहले उठाई बच्चों ने क्षेत्र में स्कूल तक सड़क बनवाने और मौजूदा सड़कों की बेहतर व्यवस्था की मांग सबसे पहले रखी। बच्चों ने मंत्री से सड़क समस्या का जल्द समाधान कराने की मांग की। छात्रों ने कहा कि उन्होंने मंत्री जी को इसलिए रोका क्योंकि इससे पहले भी कई बार समस्याओं को उठाया गया है लेकिन समाधान नहीं हुआ। लखनऊ में जेन अल्फा ने हाईवे जाम किया लखनऊ में शिक्षकों की कमी को लेकर जेन-अल्फा 17 अगस्त को सड़कों पर नजर आई। सुबह 7 बजे बारिश के बीच करीब 250 जेन-अल्फा छात्राएं दुबग्गा-कानपुर बायपास चौराहे पर इकट्ठा हो गईं। सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। छात्राएं मोहान रोड स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय से ढाई किमी चलकर यहां तक पहुंचीं। 6वीं से 12वीं कक्षा तक के इस स्कूल को समाज कल्याण विभाग चलाता है। छात्राएं डीएम आवास की तरह दौड़ी प्रदर्शन के दौरान बाईपास के चारों तरफ 2 से 3 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। यह जानकारी मिलते ही पुलिस एक्टिव हुई। 4 थानों और चौकियों से पुलिस बल मौके पर पहुंची। पुलिस ने करीब 2 घंटे तक छात्राओं को समझाने की कोशिश की, लेकिन वे DM को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ी रहीं। जब बात नहीं बनी, तो छात्राएं हजरतगंज स्थित DM आवास की तरफ चल दौड़ने लगीं। 8 किमी दूर बालागंज चौराहे तक दौड़ी छात्राएं लखनऊ-हरदोई हाईवे पर रॉन्ग साइड में दौड़ती छात्राओं के पीछे-पीछे पुलिसकर्मी भी दौड़ पड़े। जब छात्राएं मोहान रोड से 8 किमी दूर बालागंज चौराहे पर पहुंचीं तो एसीपी काकोरी शकील अहमद और एडीसीपी धनंजय ने उन्हें रोका। उनसे बातचीत की। उनके सामने ही समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों से फोन पर बात की। उन्हें पूरी बात बताई। भारी बारिश के बीच स्कूल पहुंचे अधिकारी अधिकारियों ने स्कूल में छात्राओं से सीधे बात करने का आश्वासन दिया। एसीपी काकोरी ने छात्राओं को बताया कि अधिकारी उनकी समस्या का समाधान आज ही करेंगे। इसके बाद छात्राएं मान गईं और उन्हें ई-बसों से वापस स्कूल भेज दिया गया। छात्राओं से मिलने भारी बारिश के बीच विभाग के प्रमुख सचिव अनुराग यादव, सचिव व निदेशक संजीव सिंह, समाज कल्याण अधिकारी अंजनी कुमार और सरोजनीनगर एसडीएम अभिषेक कुमार सिंह स्कूल पहुंचे। करीब ढाई घंटे की बातचीत के बाद सभी अफसर स्कूल से बाहर निकले। छात्राओं ने कहा - पढ़ाई पूरी तरह ठप है छात्राओं का कहना था कि उनके स्कूल में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के शिक्षक नहीं हैं। साल भर से बार-बार शिकायत करने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे उनकी पढ़ाई पूरी तरह ठप है। इंटरनेट की उचित व्यवस्था न होने के कारण वे ऑनलाइन क्लास भी नहीं ले पातीं हैं। इसी साल कई छात्राओं की बोर्ड परीक्षा भी होनी है। ये खबर भी पढ़ें एग्जाम रूम में पंखे न होने से 2 छात्राएं बेहोश:गुस्से में छात्राओं ने प्रिंसिपल के कमरे का पंखा बंद किया, दो घंटे तक बंधक बनाकर रखा दरभंगा के बहेड़ा में 12 अगस्त को ग्रेजुएशन के चौथे सेमेस्टर की परीक्षा चल रही थी। उस दौरान भीषण गर्मी और उमस के चलते दो छात्राएं बेहोश हो गईं।
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