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IRCTC Ticket Booking: पैसे कट गए पर टिकट नहीं मिला? तुरंत करें ये काम, खाते में वापस आएगा पूरा रिफंड

IRCTC Ticket Booking: रेलवे में सफर करने के लिए आज के दौर में ज्यादातर यात्री घर बैठे आईआरसीटीसी के जरिए टिकट बुक करना पसंद करते हैं. मोबाइल ऐप या वेबसाइट से टिकट बनाना बेहद आसान और समय बचाने वाला तरीका है. लेकिन कई बार ऐसा होता है कि जब आप पेमेंट वाले आखिरी चरण में पहुंचते हैं, तो सब कुछ गड़बड़ हो जाता है. 

आपके बैंक खाते या यूपीआई ऐप से पैसे कटने का मैसेज आ जाता है, लेकिन स्क्रीन पर टिकट कन्फर्म होने की जगह एरर दिखाई देने लगता है. ऐसे हालात में किसी भी यात्री का परेशान होना स्वाभाविक है, क्योंकि यात्रा की चिंता के साथ-साथ यह डर भी सताने लगता है कि आखिर कटी हुई गाढ़ी कमाई का क्या होगा.

अगर आपके साथ भी कभी ऐसी घटना घटती है, तो सबसे पहले घबराने या परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है. डिजिटल लेनदेन में अक्सर सर्वर पर लोड बढ़ने या इंटरनेट कनेक्टिविटी कमजोर होने से इस तरह की तकनीकी दिक्कतें आ जाती हैं. रेलवे और पेमेंट गेटवे का सिस्टम इतना सुरक्षित है कि ऐसे मामलों में आपका पैसा कहीं डूबता नहीं है, बल्कि वह खुद ब खुद आपके खाते में वापस आ जाता है.

घबराहट में तुरंत दोबारा पेमेंट करने से बचें

टिकट बुक न होने पर अक्सर लोग जल्दबाजी में आकर तुरंत दोबारा टिकट बुक करने की कोशिश करते हैं और फिर से पेमेंट कर देते हैं. जानकारों का कहना है कि ऐसी स्थिति में कुछ देर रुकना ही सबसे समझदारी भरा कदम है. तुरंत दोबारा पेमेंट करने से पहले अपने आईआरसीटीसी खाते में लॉग इन करें. वहां जाकर अपनी बुकिंग हिस्ट्री और फेल्ड ट्रांजैक्शन वाले हिस्से को अच्छी तरह चेक करें. कई बार ऐसा होता है कि तकनीकी देरी की वजह से टिकट थोड़ी देर में जनरेट हो जाता है या फिर सिस्टम उस ट्रांजैक्शन को फेल्ड मार्क करके खुद रिफंड की प्रक्रिया शुरू कर देता है.

कटा हुआ पैसा कहां और कैसे वापस आएगा

जब टिकट नहीं बनता और पेमेंट सफल दिखता है, तो रेलवे का सिस्टम उस पैसे को अपने पास नहीं रखता. आईआरसीटीसी के नियमों के अनुसार, टिकट न बनने पर वह राशि अपने आप उसी माध्यम में वापस भेजी जाती है, जिससे भुगतान किया गया था. इसका मतलब यह है कि अगर आपने गूगल पे, फोनपे या किसी अन्य यूपीआई के जरिए पैसे दिए थे, तो रिफंड सीधे आपके उसी यूपीआई से जुड़े बैंक खाते में आएगा. वहीं अगर आपने डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग का इस्तेमाल किया था, तो पैसा सीधे उसी कार्ड या खाते में क्रेडिट होगा. बैंकों और पेमेंट कंपनियों की अपनी कार्यप्रणाली होती है, इसलिए खाते में पैसा दिखने में तीन से पांच कामकाजी दिनों का समय लग सकता है.

ऐप और पोर्टल पर रिफंड स्टेटस ऐसे चेक करें

कटे हुए पैसे का स्टेटस पता लगाने के लिए आपको इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं है. आप सीधे आईआरसीटीसी की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप में अपने यूजरनेम और पासवर्ड से लॉग इन करें. इसके बाद माय अकाउंट सेक्शन में जाएं और माय ट्रांजैक्शंस पर क्लिक करें. वहां आपको टिकट रिफंड हिस्ट्री और फेल्ड ट्रांजैक्शन की पूरी सूची दिखाई देगी. उस सूची में आपको अपने उस लेनदेन की ट्रांजैक्शन आईडी, तारीख और रिफंड की मौजूदा स्थिति साफ नजर आ जाएगी. इस ट्रांजैक्शन आईडी को कहीं सुरक्षित नोट करके रख लें, क्योंकि भविष्य में बैंक या रेलवे से बातचीत करते समय यह आईडी ही आपके सबसे काम आएगी.

7 दिन बीतने के बाद भी रिफंड न मिले तो क्या करें

आमतौर पर फेल्ड ट्रांजैक्शन का रिफंड तय समय सीमा के भीतर खाते में आ जाता है. लेकिन अगर सात दिन बीत जाने के बाद भी पैसा आपके बैंक खाते में वापस न आए, तो आपको सक्रिय कदम उठाने होंगे. सबसे पहले अपनी बैंक पासबुक या स्टेटमेंट की अच्छी तरह जांच कर लें ताकि यह पक्का हो सके कि रिफंड वाकई क्रेडिट नहीं हुआ है. इसके बाद आप आईआरसीटीसी के आधिकारिक सपोर्ट ईमेल etickets@irctc.co.in पर अपनी शिकायत लिखकर भेज सकते हैं. ईमेल में अपनी ट्रांजैक्शन आईडी, भुगतान की तारीख, काटी गई रकम और अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर जरूर दर्ज करें.

इसके अलावा यात्री रेलवे की चौबीसों घंटे चलने वाली आधिकारिक हेल्पलाइन 139 पर कॉल करके भी अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते हैं. हेल्पलाइन पर मौजूद कस्टमर केयर अधिकारी आपकी ट्रांजैक्शन आईडी के जरिए तुरंत स्थिति जांचकर सही मार्गदर्शन प्रदान करते हैं. इसलिए पेमेंट कटने के बाद टिकट न दिखने पर बेचैन होने के बजाय सही प्रक्रिया का पालन करें और शांति से अपने पैसे का स्टेटस जांचें.

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एमसीए परिसर के 5 रेस्टोरेंट पर एफडीए की बड़ी कार्रवाई, फूड सेफ्टी उल्लंघन पर लाइसेंस सस्पेंड

मुंबई, 24 अगस्त (आईएएनएस)। मुंबई में फूड सेफ्टी को लेकर बड़ी कार्रवाई हुई है। महाराष्ट्र एफडीए (खाद्य एवं औषधि प्रशासन) ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) परिसर में चल रहे 5 रेस्टोरेंट के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए हैं। इन पर फूड सेफ्टी और साफ-सफाई के नियमों के गंभीर उल्लंघन का आरोप है।

एफडीए की प्रेस रिलीज के मुताबिक, यह कार्रवाई एमसीए में मौजूद परमिट रूम, पैविलियन, मेडिटेरेनियन, ओरिएंटल स्विंग और क्लबवे एंड पेस्ट्री काउंटर के खिलाफ की गई है।

जांच के दौरान इन सभी जगहों पर फूड सेफ्टी के कई नियमों का उल्लंघन पाया गया। अधिकारियों ने बताया कि रेस्टोरेंट में साफ-सफाई की भारी कमी थी और खाने को रखने और संभालने के गलत तरीके अपनाए जा रहे थे।

जांच के दौरान अधिकारियों को सड़ा हुआ कच्चा खाना, किचन में गंदगी और फ्रीजिंग टेम्परेचर कंट्रोल में बड़ी गड़बड़ी मिली। कई जगहों पर खाने की सामग्री को तय तापमान पर नहीं रखा जा रहा था, जिससे उसके खराब होने का खतरा था।

एफडीए ने इस कार्रवाई का वीडियो और तस्वीरें भी जारी की हैं, जिसमें किचन की खराब स्थिति और नियमों के उल्लंघन को साफ देखा जा सकता है।

इसके साथ ही एफडीए ने कुर्ला में संकल्प महिला औद्योगिक उत्पादक सहकारी सोसाइटी लिमिटेड का लाइसेंस भी सस्पेंड कर दिया है। यह सोसाइटी मिड-डे मील कैंटीन चलाती थी। अधिकारियों ने यहां भी साफ-सफाई और हाउसकीपिंग की खराब हालत पाई। जांच में स्ट्रक्चर और साफ-सफाई से जुड़ी कई कमियां सामने आईं, जिसके बाद लाइसेंस पर रोक लगाई गई।

इसके अलावा एफडीए ने दादर के चर्चित कैफे कैडेल का लाइसेंस भी सस्पेंड कर दिया है। इस कैफे पर वेंटिलेशन, पेस्ट कंट्रोल और फूड इक्विपमेंट स्टैंडर्ड से जुड़े नियमों के उल्लंघन का आरोप है। अधिकारियों को पानी की टेस्टिंग के रिकॉर्ड में भी कमी मिली, जो फूड सेफ्टी के लिहाज से जरूरी होता है।

एफडीए अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई रूटीन इंस्पेक्शन के दौरान की गई है और आगे भी ऐसे इंस्पेक्शन जारी रहेंगे। विभाग ने साफ किया है कि खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

--आईएएनएस

एससीएच/डीकेपी

डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.

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सबसे ज्यादा बार बल्लेबाजों को क्लीन बोल्ड करने वाले 5 गेंदबाज, 11 साल से अभेद है विश्व कीर्तिमान

5 bowlers Most wickets taken clean bowled: इंटरनेशनल क्रिकेट में बल्लेबाजों की गिल्लियां बिखेरकर उन्हें क्लीन बोल्ड करने का रोमांच ही कुछ और है. टेस्ट, वनडे और टी20 फॉर्मेट को मिलाकर मुथैया मुरलीधरन, वसीम अकरम, वकार यूनिस, मिचेल स्टार्क और जेम्स एंडरसन जैसे दिग्गजों ने इस कला में महारत हासिल की है. मुरलीधरन ने जहां अपनी फिरकी से सबसे ज्यादा बल्लेबाजों को बोल्ड किया, वहीं वसीम अकरम और वकार यूनिस ने अपनी घातक यॉर्कर और स्विंग से स्टंप्स उखाड़ने के अनूठे रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं. Tue, 25 Aug 2026 04:01:03 +0530

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