एमसीए परिसर के 5 रेस्टोरेंट पर एफडीए की बड़ी कार्रवाई, फूड सेफ्टी उल्लंघन पर लाइसेंस सस्पेंड
मुंबई, 24 अगस्त (आईएएनएस)। मुंबई में फूड सेफ्टी को लेकर बड़ी कार्रवाई हुई है। महाराष्ट्र एफडीए (खाद्य एवं औषधि प्रशासन) ने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (एमसीए) परिसर में चल रहे 5 रेस्टोरेंट के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए हैं। इन पर फूड सेफ्टी और साफ-सफाई के नियमों के गंभीर उल्लंघन का आरोप है।
एफडीए की प्रेस रिलीज के मुताबिक, यह कार्रवाई एमसीए में मौजूद परमिट रूम, पैविलियन, मेडिटेरेनियन, ओरिएंटल स्विंग और क्लबवे एंड पेस्ट्री काउंटर के खिलाफ की गई है।
जांच के दौरान इन सभी जगहों पर फूड सेफ्टी के कई नियमों का उल्लंघन पाया गया। अधिकारियों ने बताया कि रेस्टोरेंट में साफ-सफाई की भारी कमी थी और खाने को रखने और संभालने के गलत तरीके अपनाए जा रहे थे।
जांच के दौरान अधिकारियों को सड़ा हुआ कच्चा खाना, किचन में गंदगी और फ्रीजिंग टेम्परेचर कंट्रोल में बड़ी गड़बड़ी मिली। कई जगहों पर खाने की सामग्री को तय तापमान पर नहीं रखा जा रहा था, जिससे उसके खराब होने का खतरा था।
एफडीए ने इस कार्रवाई का वीडियो और तस्वीरें भी जारी की हैं, जिसमें किचन की खराब स्थिति और नियमों के उल्लंघन को साफ देखा जा सकता है।
इसके साथ ही एफडीए ने कुर्ला में संकल्प महिला औद्योगिक उत्पादक सहकारी सोसाइटी लिमिटेड का लाइसेंस भी सस्पेंड कर दिया है। यह सोसाइटी मिड-डे मील कैंटीन चलाती थी। अधिकारियों ने यहां भी साफ-सफाई और हाउसकीपिंग की खराब हालत पाई। जांच में स्ट्रक्चर और साफ-सफाई से जुड़ी कई कमियां सामने आईं, जिसके बाद लाइसेंस पर रोक लगाई गई।
इसके अलावा एफडीए ने दादर के चर्चित कैफे कैडेल का लाइसेंस भी सस्पेंड कर दिया है। इस कैफे पर वेंटिलेशन, पेस्ट कंट्रोल और फूड इक्विपमेंट स्टैंडर्ड से जुड़े नियमों के उल्लंघन का आरोप है। अधिकारियों को पानी की टेस्टिंग के रिकॉर्ड में भी कमी मिली, जो फूड सेफ्टी के लिहाज से जरूरी होता है।
एफडीए अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई रूटीन इंस्पेक्शन के दौरान की गई है और आगे भी ऐसे इंस्पेक्शन जारी रहेंगे। विभाग ने साफ किया है कि खाने की गुणवत्ता और साफ-सफाई से किसी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
--आईएएनएस
एससीएच/डीकेपी
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
CM मान ने गांवों के युवाओं को 500 आधुनिक ‘ग्रामीण खेल मैदानों’ का तोहफा, खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने सोमवार को पटियाला जिले के गांव देधना से विभिन्न जिलों में स्थापित किए गए 509 से अधिक आधुनिक ‘ग्रामीण खेल मैदानों’ का उद्घाटन करके जमीनी स्तर पर खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. इसके साथ ही अब तक युवाओं को समर्पित किए गए खेल मैदानों की कुल संख्या 734 हो गई है. उन्होंने कहा कि यह पहल गांवों के युवाओं को विश्व स्तरीय खेल सुविधाएं उपलब्ध करवाएगी और ‘नशों से दूर रहने तथा खेलों से जुड़ने’ के संदेश को प्रोत्साहित करते हुए नशों के खिलाफ सरकार की लड़ाई को और मजबूत करेगी.
खेल बजट से 3,100 ग्रामीण खेल मैदान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार इस वर्ष पंजाब भर में 1,744 करोड़ रुपये के खेल बजट से 3,100 ग्रामीण खेल मैदान विकसित कर रही है, जिसमें विशेष रूप से इन मैदानों के लिए 1,500 करोड़ रुपये रखे गए हैं. इसके साथ ही खिलाड़ियों को प्रशिक्षण एवं तैयारी के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करने के अलावा गांवों में 6,000 जिम स्थापित करने का काम भी युद्ध स्तर पर जारी है.
509 और ग्रामीण खेल मैदान लोगों को समर्पित
पंजाब भर में 3,100 आधुनिक ग्रामीण खेल मैदान विकसित करने की राज्य सरकार की योजना के दूसरे चरण के तहत युवाओं को खेल मैदान समर्पित करने के बाद पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "खेल गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और जमीनी स्तर पर विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से पंजाब स्वस्थ शरीर और स्वस्थ मन के लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ रहा है. उन्होंने कहा कि पहले चरण में 255 ग्रामीण खेल मैदान समर्पित करने के बाद आज हम 509 और ग्रामीण खेल मैदान लोगों को समर्पित कर रहे हैं."
आधुनिक सुविधाओं से लैस 3,100 ग्रामीण
मुख्यमंत्री ने कहा कि 1,500 करोड़ रुपये के बजट से पंजाब भर में आधुनिक सुविधाओं से लैस 3,100 ग्रामीण खेल मैदान तैयार किए जा रहे हैं. उन्होंने आगे बताया, "दूसरे चरण में समर्पित किए जा रहे 509 ग्रामीण खेल मैदानों में से 43 लुधियाना, 41 मानसा, 36 संगरूर, 34-34 बठिंडा और पटियाला, 33 श्री मुक्तसर साहिब, 32 अमृतसर में तथा बाकी अन्य जिलों के गांवों को समर्पित किए गए हैं." उन्होंने जोर देकर कहा, "ये ग्रामीण खेल मैदान ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान में महत्वपूर्ण योगदान देंगे और हमारे युवाओं को ‘नशों से दूर रहने तथा खेलों से जुड़ने’ का संदेश देंगे. उन्होंने कहा कि प्रतिभाशाली और उभरते खिलाड़ियों के लिए ये मैदान उम्मीद और अवसरों की किरण बनेंगे."
सद्भाव और एकता के प्रतीक बनेंगे
उन्होंने बताया कि ग्रामीण खेल मैदानों में वॉलीबॉल, फुटबॉल, क्रिकेट और अन्य लोकप्रिय पारंपरिक खेलों के लिए सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार बच्चों और बुजुर्गों के लिए भी विभिन्न खेल एवं मनोरंजक गतिविधियां आयोजित करेगी, ताकि खेल और शारीरिक गतिविधियां प्रत्येक व्यक्ति के जीवन का अभिन्न अंग बन सकें. उन्होंने कहा, "ये मैदान गांवों में आपसी सद्भाव और एकता के प्रतीक बनेंगे."
विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करवा रहे: मान
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "यदि किसी बच्चे के पास पढ़ाई के लिए अच्छा स्कूल और शारीरिक विकास के लिए उपयुक्त खेल मैदान हो, तो वह बच्चा विश्व स्तर पर गांव, पंजाब और देश का नाम रोशन कर सकता है. यह बड़े गर्व और संतोष की बात है कि हम शिक्षा और खेलों के लिए विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध करवा रहे हैं. उन्होंने कहा कि इन ग्रामीण खेल मैदानों को आधुनिक बुनियादी ढांचे से लैस किया जा रहा है, जिसमें रात के समय खेल गतिविधियों के लिए हाई-मास्ट (बड़ी) लाइटें, वॉकिंग ट्रैक के साथ फुटलाइटें, मजबूत जालियों की बाड़ और अन्य सुविधाएं शामिल हैं. उन्होंने कहा कि इसके साथ ही हरे-भरे और स्वस्थ वातावरण को बढ़ावा देने के लिए खेल मैदानों के आसपास पौधे भी लगाए जा रहे हैं."
6,000 ग्रामीण जिम भी स्थापित किए जा रहे
मुख्यमंत्री ने कहा कि इन खेल मैदानों में फुटबॉल के गोलपोस्ट, वॉलीबॉल के पोल, बच्चों के लिए झूले और अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध हैं. उन्होंने कहा, "प्रत्येक गांव में लोकप्रिय खेल के अनुसार खिलाड़ियों को खेल सामग्री उपलब्ध करवाई जा रही है. यदि किसी विशेष गांव में क्रिकेट लोकप्रिय है, तो वहां विशेष रूप से क्रिकेट किट उपलब्ध करवाने के साथ-साथ अन्य लोकप्रिय खेलों की आवश्यक सामग्री भी उपलब्ध करवाई जाएगी."उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार ने वर्ष 2026 को खेलों और खिलाड़ियों के लिए समर्पित किया है. उन्होंने कहा, "इस वर्ष पंजाब में 3,100 ग्रामीण खेल मैदान तैयार किए जाएंगे. इसके साथ ही 6,000 ग्रामीण जिम भी स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें से 500 का उद्घाटन पहले ही किया जा चुका है."
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others
News Nation







