रूसी राष्ट्रपति पुतिन का भारत के लिए बड़ा एलान, परमाणु ऊर्जा और खाद पर लिया ये फैसला, PM मोदी से मुलाकात की बताई तारीख
President Putin: भारत के विदेश मंत्री जयशंकर इन दिनों रूस यात्रा पर हैं. सोमवार को जयशंकर ने रूसी के राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की. इस दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने भारत के लिए बड़ा एलान किया. पुतिन ने परमाणु ऊर्जा और भारतीय किसानों के हित में फैसला लिया.
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि दोनों देशों के अधिकारियों के बीच कई अहम मुद्दों पर लगातार बातचीत हो रही है. इनमें ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु ऊर्जा और हाईटेक सेक्टर में सहयोग शामिल हैं. पुतिन ने कहा कि रूस भारतीय किसानों की जरूरत को देखते हुए उर्वरक की सप्लाई बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है. उन्होंने भरोसा दिया कि आगे भी इस सप्लाई को बढ़ाने की कोशिश जारी रहेगी. भारत-रूस के बीच परमाणु ऊर्जा और हाईटेक क्षेत्रों में भी सहयोग तेजी से आगे बढ़ रहा है.
#WATCH | EAM Dr S Jaishankar meets Russian President Vladimir Putin in Moscow, Russia.
— ANI (@ANI) August 24, 2026
(Source: Russian Pool via Reuters) pic.twitter.com/VrrIirbd7i
मजबूत संबंधों का पीएम मोदी दिया श्रेय
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत और रूस के बीच मजबूत होते संबंधों की तारीफ की है. मॉस्को में उन्होंने कहा कि भारत और रूस कई दशकों से अलग-अलग क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। इसमें सरकारी और संसदीय संबंधों के साथ-साथ आर्थिक सहयोग भी शामिल है.
यह भी पढ़ें: Explainer: कुरिल द्वीपों पर रूस-जापान में क्यों है विवाद? पुतिन के दौरे से फिर गरमाया 80 साल पुराना मुद्दा
पुतिन ने कहा कि इस साल दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ा है. पिछले साल व्यापार में थोड़ी गिरावट आई थी, लेकिन अब इसमें फिर तेजी देखने को मिल रही है. उन्होंने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत-रूस संबंधों को मजबूत करने के व्यक्तिगत प्रयासों को भी दिया.
पीएम मोदी से मिलने की बताई तारीख
पुतिन ने कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी को अपनी शुभकामनाएं भेजना चाहते हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के तहत तय कार्यक्रम के अनुसार जल्द ही उनकी पीएम मोदी से मुलाकात हो सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि इस साल दोनों नेता दोबारा मिल सकते हैं. बता दें कि इस साल यानी 2026 का शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन किर्गिस्तान की अध्यक्षता में 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होने वाला है. इस साल की बैठकों और संगठन का मुख्य विषय "एससीओ के 25 वर्ष: स्थायी शांति, विकास और समृद्धि के लिए एक साथ" रखा गया है.
कॉकरोच एक बार फिर दिल्ली कूच करेंगे, CJP ने इस दिन मार्च निकालने का किया ऐलान; जानें वजह
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने राजधानी में 5 सितंबर को युवा मार्च निकालने की घोषणा की है. पार्टी का आरोप है कि सरकार जुलाई में हुए आंदोलन के दौरान किए वादों को पूरा करने में नाकाम रही है. CJP की नेशनल वर्किंग कमेटी ने एक्स पर सूचना दी कि यह मार्च इंडिया गेट से आरंभ होकर नई दिल्ली पुलिस हेडक्वार्टर तक जाएगी. संगठन ने कहा कि इस विरोध प्रदर्शन की अगुवाई NEET के मारे गए पीड़ितों और कथित पुलिस बर्बरता के शिकार लोगों के परिवार के शिकार लोगों के परिवार करेंगे. इसमें छात्रों के साथ युवा संगठनों के भी शामिल होने की उम्मीद है.
लामबंद होने का निर्णय लिया
पोस्ट में CJP ने कहा, 'कॉकरोच जनता पार्टी केंद्र सरकार की ओर से भारत के युवाओं से 25 जुलाई को किए वादों को पूरा न करने की कड़ी निंदा करती है, खासकर उन वादों को जो छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ FIR वापस लेने से जुड़े थे।' पार्टी ने कहा, 'सरकार की ओर से अपने आश्वासनों को पूरा करने में लगातार देरी के कारण, CJP की नेशनल वर्किंग कमेटी ने शांतिपूर्ण तरह से लामबंद होने का निर्णय लिया है।'
देश भर में दर्ज FIR की सूची मांगी
कमेटी ने इस बात पर संदेह जताया है कि क्या सरकार अपनी बात पर अमल करने का इरादा भी रखती है या नहीं? इसके साथ आरोप लगाया गया कि सरकार ने कार्रवाई में देरी की है। स्पष्ट वादे करने से वह बचती रही है। पोस्ट में सुप्रीम कोर्ट में जारी कार्यवाही का भी जिक्र हुआ है। ऐसा कहा गया है कि 18 अगस्त को अदालत ने देश भर में दर्ज FIR की सूची मांगी। CJP ने आरोप लगाया कि सरकार ने इस मामले पर कोई साफ वादा नहीं किया है।
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation







