वैक्सीन असर करेगी या नहीं, इसका राज खून में मौजूद: स्टडी
नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। किसी व्यक्ति के शरीर में वैक्सीन का असर कितना और किस हद तक होगा इसका संकेत इंसान के ब्लड पैटर्न में छुपा हो सकता है। एक नया अध्ययन तो कम से कम यही बयां कर रहा है। वैज्ञानिकों ने ऐसे एंटीबॉडी पैटर्न की पहचान की है जिसकी सहायता से यह अनुमान लगाया जा सकता है कि कोई व्यक्ति वैक्सीन के प्रति मजबूत या कमजोर प्रतिक्रिया देगा।
अमेरिका के नेशनल कैंसर इंस्टीट्यूट के सेरोनेट कार्यक्रम से जुड़े शोधकर्ताओं ने पाया कि अलग-अलग लोगों की वैक्सीन के प्रति प्रतिक्रिया एक जैसी नहीं होती। उम्र, लिंग, पहले से मौजूद बीमारियां और आनुवंशिक कारक इसमें भूमिका निभाते हैं। शोध में यह संकेत मिला कि शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली टीका लगने से पहले ही यह संकेत दे सकती है कि वह वैक्सीन के प्रति कितनी मजबूत प्रतिक्रिया देने वाली है। ये शोध सेल प्रेस ब्ल्यू जर्नल में 20 अगस्त को प्रकाशित किया गया।
शोधकर्ताओं ने 4,000 से अधिक लोगों के 8,000 से ज्यादा रक्त नमूनों का विश्लेषण किया। इनमें स्वस्थ और कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग भी शामिल थे। वैज्ञानिकों ने 185 अलग-अलग एंटीजन के खिलाफ मौजूद एंटीबॉडी की जांच की और कोविड-19 वैक्सीन लेने के पहले और बाद के नमूनों की तुलना की।
इसके बाद कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) की मदद से वैज्ञानिकों ने एंटीबॉडी के ऐसे पैटर्न खोजे, जो मजबूत और कमजोर वैक्सीन प्रतिक्रिया वाले लोगों के बीच अंतर कर सकें। शोधकर्ताओं ने इन संकेतकों को ‘सेंटिनल एंटीबॉडी’ नाम दिया है। ये एंटीबॉडी किसी व्यक्ति की संभावित प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया का संकेतक हो सकती हैं।
अध्ययन में पाया गया कि कुछ सामान्य सूक्ष्मजीवों के खिलाफ पहले से मौजूद एंटीबॉडी का उच्च स्तर कोविड-19 वैक्सीन के प्रति बेहतर प्रतिक्रिया से जुड़ा था। इनमें स्टैफिलोकोकस ऑरियस, रेस्पिरेटरी सिंसिटियल वायरस (आरएसवी) और ह्यूमन पैराइन्फ्लुएंजा वायरस-3 (एचपीआईवी-3) के खिलाफ एंटीबॉडी शामिल थीं।
वैज्ञानिकों के अनुसार, यह खोज भविष्य में टीकाकरण को अधिक व्यक्तिगत बनाने में मदद कर सकती है। यदि टीका लगाने से पहले ही ऐसे लोगों की पहचान हो जाए जिनकी इम्युनिटी कमजोर है, तो उनके लिए अलग टीका, बदली हुई खुराक या अतिरिक्त बूस्टर की जरूरत पर विचार किया जा सकता है।
शोधकर्ताओं ने कहा कि मशीन लर्निंग आधारित ऐसे मॉडल उन लोगों की पहचान करने में उपयोगी हो सकते हैं जिनमें टीकाकरण के बाद अपेक्षाकृत कमजोर प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया विकसित होने की संभावना है। हालांकि, यह शोध अभी इस दिशा में शुरुआती वैज्ञानिक आधार उपलब्ध कराता है और इसके आधार पर नियमित चिकित्सा व्यवस्था में बदलाव से पहले आगे के अध्ययन जरूरी होंगे।
अध्ययन का निष्कर्ष यह है कि वैक्सीन के प्रति शरीर की प्रतिक्रिया का रहस्य केवल टीका लगने के बाद बनने वाली एंटीबॉडी में नहीं, बल्कि व्यक्ति के रक्त में पहले से मौजूद प्रतिरक्षा संकेतों में भी छिपा हो सकता है।
--आईएएनएस
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रूसी राष्ट्रपति पुतिन का भारत के लिए बड़ा एलान, परमाणु ऊर्जा और खाद पर लिया ये फैसला, PM मोदी से मुलाकात की बताई तारीख
President Putin: भारत के विदेश मंत्री जयशंकर इन दिनों रूस यात्रा पर हैं. सोमवार को जयशंकर ने रूसी के राष्ट्रपति पुतिन से मुलाकात की. इस दौरान राष्ट्रपति पुतिन ने भारत के लिए बड़ा एलान किया. पुतिन ने परमाणु ऊर्जा और भारतीय किसानों के हित में फैसला लिया.
रूस के राष्ट्रपति पुतिन ने कहा कि दोनों देशों के अधिकारियों के बीच कई अहम मुद्दों पर लगातार बातचीत हो रही है. इनमें ऊर्जा, उर्वरक, परमाणु ऊर्जा और हाईटेक सेक्टर में सहयोग शामिल हैं. पुतिन ने कहा कि रूस भारतीय किसानों की जरूरत को देखते हुए उर्वरक की सप्लाई बढ़ाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है. उन्होंने भरोसा दिया कि आगे भी इस सप्लाई को बढ़ाने की कोशिश जारी रहेगी. भारत-रूस के बीच परमाणु ऊर्जा और हाईटेक क्षेत्रों में भी सहयोग तेजी से आगे बढ़ रहा है.
#WATCH | EAM Dr S Jaishankar meets Russian President Vladimir Putin in Moscow, Russia.
— ANI (@ANI) August 24, 2026
(Source: Russian Pool via Reuters) pic.twitter.com/VrrIirbd7i
मजबूत संबंधों का पीएम मोदी दिया श्रेय
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने भारत और रूस के बीच मजबूत होते संबंधों की तारीफ की है. मॉस्को में उन्होंने कहा कि भारत और रूस कई दशकों से अलग-अलग क्षेत्रों में मिलकर काम कर रहे हैं। इसमें सरकारी और संसदीय संबंधों के साथ-साथ आर्थिक सहयोग भी शामिल है.
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पुतिन ने कहा कि इस साल दोनों देशों के बीच व्यापार बढ़ा है. पिछले साल व्यापार में थोड़ी गिरावट आई थी, लेकिन अब इसमें फिर तेजी देखने को मिल रही है. उन्होंने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भारत-रूस संबंधों को मजबूत करने के व्यक्तिगत प्रयासों को भी दिया.
पीएम मोदी से मिलने की बताई तारीख
पुतिन ने कहा कि वह प्रधानमंत्री मोदी को अपनी शुभकामनाएं भेजना चाहते हैं. उन्होंने उम्मीद जताई कि शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के तहत तय कार्यक्रम के अनुसार जल्द ही उनकी पीएम मोदी से मुलाकात हो सकती है. उन्होंने यह भी कहा कि इस साल दोनों नेता दोबारा मिल सकते हैं. बता दें कि इस साल यानी 2026 का शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन किर्गिस्तान की अध्यक्षता में 31 अगस्त से 1 सितंबर 2026 को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में आयोजित होने वाला है. इस साल की बैठकों और संगठन का मुख्य विषय "एससीओ के 25 वर्ष: स्थायी शांति, विकास और समृद्धि के लिए एक साथ" रखा गया है.
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