Responsive Scrollable Menu

मिजोरम विवाह और संपत्ति कानून पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा रुख, गुवाहाटी हाईकोर्ट जाने की दी छूट

Supreme Court News: मिजोरम में शादी, तलाक और संपत्ति से जुड़े कानून में किए गए बदलाव को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई. याचिकाकर्ताओं का कहना है कि कानून में हुए बदलाव से मिजोरम की महिलाओं के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं और उनके साथ भेदभाव की स्थिति बन रही है. मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने की.

मिजो महिलाओं के अधिकारों का मुद्दा

याचिका में खास तौर पर मिजो महिलाओं के अधिकारों का मुद्दा उठाया गया. इसमें कहा गया कि कानून में किए गए बदलाव का असर अंतर-समुदाय विवाह करने वाली महिलाओं और संपत्ति से जुड़े उनके अधिकारों पर भी पड़ सकता है. याचिकाकर्ताओं ने इस मामले में सीधे सुप्रीम कोर्ट से दखल देने की मांग की थी.

CJI सूर्यकांत ने क्या कहा?

सुनवाई के दौरान CJI सूर्यकांत ने कहा कि पहली नजर में कानून में किए गए बदलाव कुछ ऐसे दिखाई देते हैं, जिन पर गौर करने की जरूरत हो सकती है. हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं से पूछा कि वे पहले हाईकोर्ट क्यों नहीं गए. CJI ने कहा कि हाईकोर्ट इसी तरह के मामलों की सुनवाई के लिए बनाए गए हैं और इस मामले को पहले वहां ले जाना ज्यादा उचित रहेगा. चीफ जस्टिस ने इस बात पर भी जोर दिया कि मामले की पैरवी के लिए संबंधित महिला को बार-बार दिल्ली आने की जरूरत नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि महिला को अपने मामले के लिए इतनी दूर आने से बचाया जाना चाहिए और उसे संबंधित हाईकोर्ट का रास्ता अपनाना चाहिए.

मिजोरम में विरोध की आशंका का हवाला

याचिकाकर्ताओं के वकील ने कोर्ट को बताया कि मिजोरम में इस मामले को लेकर विरोध या किसी तरह की प्रतिक्रिया का डर है. इसके बावजूद सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि मामले को उचित तरीके से हाईकोर्ट के सामने रखा जा सकता है. कोर्ट ने साफ किया कि मिजोरम विधानसभा ने **Mizo Marriage, Divorce and Inheritance of Property Act** में बदलाव किए हैं. ऐसे में इस कानून को चुनौती देने वाली याचिका पर पहले संबंधित हाईकोर्ट सुनवाई कर सकता है.

गुवाहाटी हाईकोर्ट जाने की मिली छूट

सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को गुवाहाटी हाईकोर्ट की प्रिंसिपल बेंच जाने की छूट दी. कोर्ट ने कहा कि अगर याचिकाकर्ताओं को यह चिंता है कि मामला उचित बेंच के सामने नहीं सुना जाएगा, तो वे गुवाहाटी हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से अनुरोध कर सकते हैं कि मामले को प्रिंसिपल बेंच के सामने रखा जाए.

हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने इस स्तर पर कानून में किए गए बदलाव सही हैं या गलत, इस पर कोई अंतिम राय नहीं दी. कोर्ट ने साफ किया कि उसने मामले के असली मुद्दे पर कोई फैसला नहीं किया है.

यह भी पढ़ें: Supreme Court: हाथियों का रास्ता सुरक्षित रहेगा, प्रकृति और विकास के बीच संतुलन जरूरी

अब हाईकोर्ट में उठेगा असली सवाल

सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल याचिका का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ताओं को हाईकोर्ट जाने की आजादी दे दी है. अब इस मामले में आगे की सुनवाई गुवाहाटी हाईकोर्ट की प्रिंसिपल बेंच में हो सकती है. यानी फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने मामले को खारिज करने के बजाय याचिकाकर्ताओं को सही न्यायिक मंच पर जाने का रास्ता दिया है. असली सवाल अब हाईकोर्ट के सामने उठेगा कि मिजोरम के विवाह, तलाक और संपत्ति कानून में किए गए बदलाव महिलाओं के अधिकारों को प्रभावित करते हैं या नहीं.

यह भी पढ़ें: CBSE के तीन-भाषा वाले नियम पर उठाये सवाल, सुप्रीम कोर्ट ने "नेटिव" शब्द पर जताई आपत्ति

Continue reading on the app

अरुणाचल के सरकारी ठेकों पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, CBI से मांगी नई रिपोर्ट

अरुणाचल प्रदेश में सरकारी ठेकों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मामले में कोर्ट ने CBI से नई स्टेटस रिपोर्ट मांगी है. आरोप है कि कुछ सरकारी ठेके मुख्यमंत्री पेमा खांडू के रिश्तेदारों से जुड़ी कंपनियों को दिए गए. मामले की सुनवाई जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच कर रही है. सुनवाई के दौरान अरुणाचल सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट से जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय मांगा. कोर्ट ने यह समय दे दिया.

सीबीआई को सौंपे गए 17 ट्रंक में दस्तावेज

राज्य सरकार की ओर से बताया गया कि करीब 17 ट्रंक में दस्तावेज CBI को सौंपे गए हैं. कोर्ट ने कहा कि इन दस्तावेजों को लेकर राज्य सरकार हलफनामा दाखिल करे. साथ ही CBI से भी पुष्टि कराने को कहा कि उसे सभी दस्तावेज मिल गए हैं. सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण ने सवाल उठाया कि CBI की शुरुआती जांच में सामने आए दस्तावेजों के आधार पर नियमित केस क्यों दर्ज नहीं किया गया.

पहले दस्तावेजों को हासिल करें CBI- सुप्रीम कोर्ट

इस पर कोर्ट ने कहा कि पहले CBI दस्तावेजों को हासिल करे और उनकी जांच करे. इसके बाद CBI ही बताएगी कि आगे क्या कार्रवाई की जानी चाहिए. कोर्ट ने इस स्तर पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. प्रशांत भूषण ने यह भी कहा कि सरकार ने केवल विवादित ठेकों के रिकॉर्ड नहीं, बल्कि सभी ठेकों से जुड़े दस्तावेज CBI को दे दिए हैं. उन्होंने चिंता जताई कि इससे जांच में देरी हो सकती है.

नई स्टेटस रिपोर्ट के के जरिए जांच का स्टेटस बताए सीबीआई

कोर्ट ने कहा कि अगर सरकार ने ज्यादा दस्तावेज दे दिए हैं तो CBI उन्हें देखे. कोर्ट ने यह भी कहा कि हो सकता है जांच के दौरान किसी और मामले की जानकारी सामने आ जाए. इस मामले में कोर्ट पहले ही CBI जांच को लेकर दिशा-निर्देश दे चुका है. अब CBI को नई स्टेटस रिपोर्ट के जरिए बताना होगा कि जांच कहां तक पहुंची है और दस्तावेजों की जांच में क्या सामने आया. कोर्ट ने राज्य सरकार को अपना जवाब दाखिल करने के लिए दो हफ्ते का समय दिया है. मामले की अगली सुनवाई करीब चार हफ्ते बाद होगी.

Continue reading on the app

  Sports

Dhruv Jurel Record: 9 साल से टेस्ट में अटूट था हार्दिक पंड्या का रिकॉर्ड, ध्रुव जुरेल आए और एक झटके में तोड़ दिया

dhruv jurel broke hardik pandya record: कोलंबो टेस्ट में ध्रुव जुरेल ने निचले क्रम में उतरकर शानदार शतक जड़ा और कई बड़े रिकॉर्ड अपने नाम कर लिए. जुरेल ने 115 रन की पारी के साथ श्रीलंका में नंबर-7 या उससे नीचे बल्लेबाजी करते हुए सबसे बड़ी पारी खेलने वाले भारतीय बल्लेबाज का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया. इससे पहले यह रिकॉर्ड हार्दिक पंड्या के नाम था, जिन्होंने 2017 में पल्लेकेले टेस्ट में 108 रन बनाए थे. Mon, 24 Aug 2026 18:42:09 +0530

  Videos
See all

Ayodhya की पावन धरा पर कांग्रेस का 'मांसाहारी' प्रहार !Congress Fish Feast | Ajay Rai | CM Yogi #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-24T13:16:43+00:00

UP election 2027: OBC-दलित-सवर्ण वोट पर किसकी नजर? कौन सा दल किसे साधेगा! | BJP | SP |BSP | Top News #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-24T13:15:28+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers