आलिया भट्ट की स्पाई थ्रिलर Alpha की ओटीटी रिलीज डेट आई सामने, जानिए कब और कहां होगी स्ट्रीम?
Alpha OTT Release: बॉलीवुड एक्ट्रेस आलिया भट्ट (Alia Bhatt) की पिछले महीने स्पाई थ्रिलर फिल्म अल्फा (Alpha) रिलीज हुई थी. इस फिल्म से उनके फैंस को काफी उम्मीद की थी कि ये बॉक्स ऑफिस पर काफी अच्छा बिजनेस करेगी. इसे रिलीज से पहले जबरदस्त हाइप मिली थी. सोशल मीडिया से लेकर हर जगह आलिया की अल्फा के बारे में चर्चा होती दिखी, इसमें शरवरी बाघ और बॉबी देओल का भी शानदार किरदार देखने को मिला था. यशराज फिल्म्स बैनर के तले बनी ये फिल्म लोगों को बड़ी संख्या में थिएटर तक नहीं ला सकी. अब अल्फा अपनी थिएटर रन करने के बाद ओटीटी पर रिलीज होने जा रही है. ऐसे में अगर आप इस फिल्म को देखना चाहते हैं तो तैयार हो जाइए क्योंकि ये ओटीटी जल्द रिलीज होने जा रही है. आइए जानते हैं कि इस फिल्म को ओटीटी प्लेटफॉर्म पर कब देख सकेंगे.
कब और कहां होगी स्ट्रीम
अल्फा 3 जुलाई को सिनेमाघर में रिलीज हुई थी, शुरुआत में फिल्म को ठीक-ठाक शुरुआत मिली थी. लेकिन थिएटर में बाद में लोगों की संख्या कम होती चली गई. फिल्म की रिलीज के कुछ दिनों बाद इसकी ओटीटी रिलीज को लेकर चर्चा शुरु होने लगी थी. उस दौरान सिर्फ अटकलें लगाई जा रही थीं. लेकिन अब रिलीज के 50 दिन बाद इसकी ओटीटी रिलीज डेट सामने आ चुकी हैं. रिपोर्ट्स के मुताबिक, अल्फा 28 अगस्त को नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होगी. ऐसे में जिन दर्शकों ने अभी तक आलिया भट्ट और शरवरी वाघ की एक्शन थ्रिलर अल्फा नहीं देखी है तो वे अब घर बैठे इस मूवी का आनंद ले सकते हैं.
अल्फा की कहानी क्या है?
अल्फा की स्टोरी की बात की जाए तो इसमें एक दुश्मन देश के खुफिया एजेंट की कहानी को दिखाया गया है, जो अपने नापाक इरादों के लिए इंडियन फौजी लड़की अगवा कर लेता है और उसमें अल्फा नाम का सीरम डाल देता है. जिसके बाद वह एक खतरनाक वॉरियर बन जाती है. आलिया के अंदर जब अल्फा सीरम डाला जाता है तो वह भारतीय सेना के लिए खतरा बन जाती है. फिल्म में देखने को मिलता है कि कैसे उस विलेन का पर्दाफाश होता है, जिसने आलिया के अंदर अल्फा नाम का सीरम डाला था. इसकी पूरी कहानी जानने के लिए आप फिल्म देख सकते हैं.
बता दें कि 120 से 130 करोड़ रुपये के बजट में बनी अल्फा दुनियाभर से सिर्फ 100 करोड़ रुपये का ग्रॉस कलेक्शन पर पाई थी. कम कमाई करने के चलते इसे आलिया की फ्लॉप फिल्म की कैटेगरी में रखा जाता है. ऐसे में फिल्म अपना बजट भी निकालने में नाकाम साबित हुई.
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अल्फा को लेकर आलिया हुई थीं ट्रोल
आलिया भट्ट को 'अल्फा' (Alpha) को लेकर सोशल मीडिया पर काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा था. ट्रोलर्स ने उनको हार्ड-कोर एजेंट के रोल के लिए 'मिसफिट' बताया. इतना ही नहीं उनकी डायलॉग डिलीवरी को लेकर भी क्रिटिसाइज किया गया और उनकी एक्टिंग की तुलना दीपिका पादुकोण से की गई. इसके अलावा, जब आलिया ने 'अल्फा' को अपनी पहली एक्शन फिल्म बताया तो लोगों ने उन्हें हॉलीवुड फिल्म 'हार्ट ऑफ स्टोन' की याद दिलाते हुए ट्रोल किया. हालांकि, जब लोगों ने आलिया को ट्रोल करने की हद पार कर दी थी तब विक्रम भट्ट और उनकी मां सोनी राजदान उनके सपोर्ट में आईं. उन्होंने ट्रोलिंग को 'पेड पीआर' (Paid PR) और फेक बॉट्स का खेल बताते हुए आलिया के हार्डवर्क की तारीफ की थी. इसी के साथ अब देखना होगा कि ओटीटी ऑडियंस को आलिया की यह फिल्म कितनी पंसद आती है.
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प्रशांत महासागर में 'डीप-सी माइनिंग' की ट्रंप योजना का विरोध
हाल ही में अमेरिकी प्रशासन ने प्रशांत महासागर में गहरे खनन का प्रस्ताव रखा. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के इस विचार का विरोध भी शुरू हो गया है. प्रशांत महासागर में गहरे समुद्र के तल से खनिज निकालने की योजना को लेकर उत्तरी मारियाना द्वीप समूह, गुआम और अमेरिकी समोआ के नेतृत्व ने फिक्र जाहिर की है. उनके मुताबिक इससे पर्यावरण और स्थानीय मछली उद्योग पर नकारात्मक असर पड़ेगा.
अमेरिका ने जारी किया था डीप-सी माइनिंग का प्रस्ताव
18 अगस्त को ये प्रस्ताव रखा गया. अमेरिकी गृह मंत्रालय के तहत आने वाली एजेंसी, मरीन मिनरल एडमिनिस्ट्रेशन (एमएमए) ने नॉर्दर्न मारियाना आइलैंड्स और गुआम तट के पास समुद्र की सतह के 2.8 करोड़ हेक्टेयर (6.9 करोड़ एकड़) हिस्से में डीप-सी माइनिंग लीज की नीलामी का प्रस्ताव जारी किया. ट्रंप प्रशासन ने महत्वपूर्ण खनिजों की घरेलू आपूर्ति बढ़ाने के उद्देश्य से मारियाना ट्रेंच को लेकर ये फैसला लिया. इन समुद्री तलछटों में निकल, कोबाल्ट और मैंगनीज जैसे खनिज पाए जाते हैं, जिनका इस्तेमाल बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स और रक्षा उपकरणों में किया जाता है.
अमेरिका से की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग
उत्तरी मारियाना द्वीप समूह के गवर्नर डेविड अपाटांग ने द गार्डियन से कहा कि उनका प्रशासन प्रस्ताव की बेहद सावधानी से समीक्षा करेगा. उन्होंने खनन शुरू करने से पहले व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन, पारदर्शिता और समुद्री संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है. गुआम के लेफ्टिनेंट गवर्नर जोशुआ टेनोरियो ने भी योजना का स्पष्ट विरोध किया है.
अमेरिकी समोआ के गवर्नर ने किया ट्र्ंप की योजना का विरोध
उनका कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा या महत्वपूर्ण खनिजों की जरूरत के नाम पर प्रशांत क्षेत्र के लोगों को ऐसे पर्यावरणीय जोखिम स्वीकार करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता, जिनका अभी पर्याप्त अध्ययन ही नहीं हुआ है. अमेरिकी समोआ के गवर्नर प्यूला निकोलाओ ने भी समुद्री खनन का विरोध किया है. उनकी सबसे बड़ी चिंता क्षेत्र के महत्वपूर्ण टूना मछली उद्योग पर पड़ने वाले संभावित असर को लेकर है.
योजना के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू
अमेरिकी समोआ और हवाई के पर्यावरण समूहों ने भी ट्रंप प्रशासन की योजना के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की है. उनका आरोप है कि सरकार ने समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र पर पड़ने वाले संभावित गंभीर प्रभावों का पर्याप्त आकलन नहीं किया है. इनमें समुद्री जीवों के आवास को नुकसान, समुद्र तल की तलछट और खनन गतिविधियों से पैदा होने वाले तेज शोर जैसे खतरे शामिल हैं.
रॉयटर्स के अनुसार, अमेरिकी प्रशासन का तर्क है कि महत्वपूर्ण खनिजों की घरेलू आपूर्ति बढ़ाना राष्ट्रीय हित में है और समुद्र तल के खनिजों से इलेक्ट्रॉनिक्स, बैटरी तथा रक्षा उद्योगों के लिए जरूरी कच्चे माल की उपलब्धता बढ़ाई जा सकती है. यह कदम चीन पर खनिज आपूर्ति के मामले में निर्भरता घटाने की ट्रंप प्रशासन की व्यापक रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है.
स्रोत- आईएएनएस
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