Explainer: 'Mirzapur: The Movie' समझने के लिए देखने होंगे सीजन 1 के ये एपिसोड, गुड्डू भैया ने खोला बड़ा राज
Mirzapur: The Movie: जब से फेमस वेब सीरीज मिर्जापुर की फिल्म का ऐलान हुआ था. फैंस इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे. वहीं, फिल्म का ट्रेलर देखने के बाद तो लोग क्रेजी ही हो गए हैं और फिल्म को देखने का इंतजार नहीं कर पा रहे. इन सबके बीच अब मिर्जापुर की स्टारकास्ट ने फिल्म का प्रमोशन शुरू कर दिया है. इसी दौरान फिल्म की कहानी को लेकर जो फैंस के बीच कन्फ्यूजन था, उसे अली फजल (Ali Fazal) ने दूर किया है. फिल्म को लेकर एक ऐसी जानकारी सामने आई है, जिसने पुराने फैंस की एक्साइटमेंट बढ़ा दी है.
कहानी को लेकर फैंस में क्यों है कन्फ्यूजन?
फिल्म के ऐलान के बाद से ही फैंस के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर इसकी कहानी सीजन 3 के बाद होगी या सीरीज की किसी पुरानी कहानी के बीच की कहानी दिखाई जाएगी. दरअसल, ‘मिर्जापुर’ की कहानी में कई ऐसे किरदार हैं, जिनकी अलग-अलग सीजन में मौत हो गई है. लेकिन अली फजल ने इस कन्फ्यूजन को दूर कर दिया है. उन्होंने फिल्म और सीरीज के कनेक्शन को लेकर बात करते हुए इशारा किया है कि ‘मिर्जापुर: द मूवी’ को समझने के लिए दर्शकों को पूरे सीरीज दोबारा देखने की जरूरत नहीं पड़ेगी. लेकिन उन्होंने ये भी बताया कि सीजन 1 का एक हिस्सा फिल्म के लिए काफी अहम है.
‘मिर्जापुर: द मूवी’के लिए जरूरी है सीजन 1
‘मिर्जापुर’ की कहानी की शुरुआत पहले सीजन से ही होती है. इसी सीजन में दर्शकों की मुलाकात कालीन भैया, मुन्ना, गुड्डू, बबलू, गोलू और स्वीटी जैसे किरदारों से होती है. यहीं से सत्ता, बदला, परिवार और अपराध की कहानी शुरू होती है, जो आगे चलकर कई लोगों की जिंदगी बदल देती है. पहले सीजन में गुड्डू पंडित एक आम लड़का होता है. वो अपराध की दुनिया में नहीं जाना चाहता, लेकिन हालात उसे कालीन भैया और उनके परिवार के करीब ले आते हैं. इसके बाद उसकी जिंदगी पूरी तरह बदल जाती है और वो धीरे-धीरे मिर्जापुर की इस खतरनाक दुनिया का हिस्सा बन जाता है.
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गुड्डू पंडित ने खुद दिया बड़ा हिंट
पटना में प्रमोशनल इवेंट के दौरान अली फजल ने फिल्म और सीरीज के बीच के कनेक्शन को लेकर बात की. उन्होंने फैंस से कहा- 'सभी को घर जाकर सीरीज 1 देखनी चाहिए, लेकिन सिर्फ एपिसोड 6 तक. क्योंकि एपिसोड 6 से ही फिल्म की कहानी शुरू होती है और घूमती है. एपिसोड 6 और 7 के बीच में ये फिल्म है. पूरी नई कहानी है'. हालांकि उन्होंने फिल्म का पूरा प्लॉट सामने नहीं रखा है. लेकिन उनके इस बयान ने दर्शकों में सीरीज को दोबारा देखने और फिर फिल्म से कहानी को जोड़ने की एक्साइटमेंट को दोगुना कर दिया है.
ट्रेलर में फिर दिखी गद्दी की लड़ाई
फिल्म के ट्रेलर की बात करे तो इसमें ‘पंकज त्रिपाठी (Pankaj Tripathi) एक बार फिर कालीन भैया के अंदाज में नजर आ रहे हैं, वहीं अली फजल गुड्डू पंडित के किरदार में लौटे हैं. दिव्येंदु (Divyendu) भी मुन्ना भैया बनकर वापसी कर रहे हैं. ट्रेलर में एक बार फिर से मिर्जापुर की गद्दी को लेकर संघर्ष, पुरानी दुश्मनी और सत्ता की लड़ाई देखने को मिलती है. खास बात ये है कि फिल्म की कहानी सिर्फ पुराने शहर और पुराने किरदारों तक सीमित नहीं रहने वाली. ट्रेलर में नए इलाकों और नए किरदारों की झलक भी दिखाई गई है.
कौन-कौन से पुराने किरदार लौटे हैं?
‘मिर्जापुर: द मूवी’ की सबसे बड़ी ताकत इसकी पुरानी स्टारकास्ट है. फिल्म में पंकज त्रिपाठी एक बार फिर अखंडानंद त्रिपाठी यानी कालीन भैया के किरदार में नजर आएंगे. वहीं अली फजल गुड्डू पंडित के रोल में वापसी कर रहे हैं. दिव्येंदु भी मुन्ना त्रिपाठी यानी मुन्ना भैया के किरदार में दिखाई देंगे. इसके अलावा रसिका दुग्गल-बीना त्रिपाठी, श्वेता त्रिपाठी-गोलू गुप्ता और श्रिया पिलगांवकर भी फ्रेंचाइजी से जुड़े पुराने चेहरों में शामिल हैं. यानी फिल्म में फैंस को कई ऐसे किरदार दोबारा देखने को मिलेंगे, जिनसे उनका लंबे समय से कनेक्शन रहा है.
इन कलाकारों की हुई एंट्री
फिल्म की स्टारकास्ट में कुछ नए नाम भी जुड़े हैं. इनमें रवि किशन (Ravi Kishan) का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है. वो फिल्म में एक अहम रोल में नजर आएंगे और ट्रेलर में उनका सामना कालीन भैया से होता दिखाई देता है. इससे साफ है कि कहानी में एक नई लड़ाई की एंट्री होने वाली है. इसके अलावा जितेंद्र कुमार (Jitendra KumaR) भी फिल्म का हिस्सा हैं. वA बबलू पंडित यानी यादव जी के किरदार में नजर आएंगे. इस किरदार को पहले विक्रांत मैसी ने निभाया था. वहीं मोहित मलिक (Mohit Malik) और सोनल चौहान (Sonal Chauhan) भी फिल्म की नई कास्ट में शामिल हैं.
कितने बजट में बनी है ‘मिर्जापुर: द मूवी’?
‘मिर्जापुर: द मूवी’ के बजट की बात करें तो रिपोर्ट के मुताबिक, ये करीब 250 करोड़ में बनी है. हालांकि ये सिर्फ आकाड़ा है, मेकर्स ने इसकी ऑफिशियल जानकारी शेयर नहीं की है. वहीं, इतने बड़े बजट के साथ फिल्म को बड़े पर्दे पर एक बड़े एक्शन और क्राइम ड्रामा के तौर पर पेश करना मेकर्स के लिए एक बड़ा दवान है. वहीं, बता दें कि ‘मिर्जापुर: द मूवी’ भारतीय वेब सीरीज से निकली सबसे बड़े बजट वाली फिल्मों में से एक होने वाली है.
कब रिलीज होगी ‘मिर्जापुर: द मूवी’?
फिल्म की रिलीज डेट की बात करें तो ‘मिर्जापुर: द मूवी’ 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी. फिल्म का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है और इसे एक्सेल एंटरटेनमेंट के रितेश सिधवानी और फरहान अख्तर ने प्रोड्यूस किया है. फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले को लेकर फ्रेंचाइजी की टीम ही इससे जुड़ी हुई है. अब देखना होगा कि ये फिल्म दर्शकों का दिल जीत पाती है या नहीं.
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दिल्ली: एच1एन1 के बढ़ते मामले को लेकर एक्शन में स्वास्थ्य मंत्री, बुलाई उच्चस्तरीय बैठक
नई दिल्ली, 24 अगस्त (आईएएनएस)। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. पंकज सिंह ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में एच1एन1 (स्वाइन फ्लू) और वेक्टर जनित रोगों की रोकथाम और नियंत्रण के लिए वर्तमान स्थिति और तैयारियों पर चर्चा करने के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक बुलाई।
यह बैठक दोपहर 2 बजे दिल्ली सचिवालय में आयोजित होने वाली है और इसमें स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे।
बैठक के दौरान, स्वास्थ्य मंत्री द्वारा मौजूदा स्थिति और विभिन्न मौसमी और वेक्टर जनित रोगों के प्रसार को रोकने और नियंत्रित करने के लिए उठाए जा रहे उपायों की समीक्षा किए जाने की उम्मीद है। चर्चा में अस्पतालों की तैयारियों, निगरानी प्रणालियों और मामलों में संभावित वृद्धि से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तत्परता पर भी ध्यान केंद्रित किए जाने की संभावना है।
इस बैठक में विशेष रूप से स्वाइन फ्लू, डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों के प्रसार को रोकने के लिए उठाए जा रहे कदमों और स्थिति की समीक्षा की जाएगी।
डॉ. पंकज सिंह द्वारा दिल्ली भर में बीमारी की मौजूदा स्थिति के संबंध में अधिकारियों से विस्तृत जानकारी प्राप्त करने की उम्मीद है। वे जमीनी स्तर पर निगरानी को मजबूत करने और आने वाले दिनों में संभावित मामलों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों को बढ़ाने के संबंध में निर्देश भी दे सकते हैं।
दिल्ली में मानसून के मौसम के दौरान मौसमी और वेक्टर जनित बीमारियों के बढ़ते खतरे को देखते हुए इस बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इस बीच, सफदरजंग अस्पताल ने कहा कि वह स्वाइन फ्लू (एच1एन1 इन्फ्लूएंजा) और अन्य मौसमी बीमारियों से पीड़ित मरीजों के इलाज के लिए पूरी तरह से सुसज्जित है। अस्पताल ने बताया कि मरीजों के लिए आवश्यक दवाएं, उपचार सुविधाएं और सहायक देखभाल उपलब्ध हैं।
दिल्ली में 20 अगस्त को इन्फ्लूएंजा के 159 नए मामले दर्ज किए गए, जिनमें एच1एन1 के 114 मामले शामिल हैं। इसके साथ ही 2026 में एच1एन1 के कुल मामलों की संख्या 1,777 हो गई है। इन्फ्लूएंजा ए के मामले भी बढ़कर 2,392 हो गए हैं। एच1एन1 इन्फ्लूएंजा ए का एक उपप्रकार है और इसे आमतौर पर स्वाइन फ्लू के नाम से जाना जाता है।
राष्ट्रीय राजधानी में 2026 में अब तक इन्फ्लूएंजा के कुल 2,602 मामले सामने आए हैं, जिनमें इन्फ्लूएंजा ए के 2,392 और इन्फ्लूएंजा बी के 210 मामले शामिल हैं। 20 अगस्त को इन्फ्लूएंजा बी के चार नए मामले सामने आए, जिससे कुल संख्या 210 हो गई।
एच1एन1 इन्फ्लूएंजा ए वायरस का एक उपप्रकार है, जो श्वसन संबंधी बीमारी का कारण बनता है। 2009 के इन्फ्लूएंजा महामारी के दौरान इसे व्यापक रूप से स्वाइन फ्लू के नाम से जाना जाने लगा और बाद में यह मनुष्यों में फैलने वाले मौसमी इन्फ्लूएंजा वायरसों में से एक बन गया।
इन्फ्लूएंजा के सामान्य लक्षणों में बुखार, खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, शरीर में दर्द, थकान और नाक बहना या बंद होना शामिल हैं। कई मामलों में लोग कुछ दिनों से लेकर लगभग एक सप्ताह के भीतर ठीक हो जाते हैं।
हालांकि, इन्फ्लूएंजा कभी-कभी गंभीर जटिलताओं का कारण बन सकता है। खासकर बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और कुछ गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से ग्रस्त लोगों में। गंभीर श्वसन संबंधी लक्षण, लगातार तेज बुखार, सांस लेने में कठिनाई, सीने में तकलीफ, भ्रम या स्थिति के बिगड़ने पर तुरंत चिकित्सा जांच की आवश्यकता हो सकती है।
इन्फ्लूएंजा मुख्य रूप से संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने या बात करने पर निकलने वाली श्वसन बूंदों और कणों के माध्यम से फैलता है। हाथों की अच्छी स्वच्छता बनाए रखना, खांसते और छींकते समय मुंह ढकना और बीमार लोगों के निकट संपर्क से बचना संक्रमण के प्रसार को कम करने में सहायक हो सकता है।
मौसमी इन्फ्लूएंजा का टीकाकरण भी एक महत्वपूर्ण निवारक उपाय है। खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें जटिलताओं का अधिक खतरा होता है।
--आईएएनएस
एसएचके/एएस
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