Ramdas Athawale ने आरक्षण विरोधी लोगों पर Sedition लगाने की मांग उठाई
केंद्रीय मंत्री एवं रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया (आठवले) के प्रमुख रामदास आठवले ने आरक्षण का विरोध करने वालों या इसे खत्म करने की मांग करने वालों के खिलाफ राजद्रोह का मामला दर्ज करने की रविवार को मांग की। उन्होंने कहा कि आरक्षण संवैधानिक अधिकार है। आठवले ने एक बयान में कहा कि आरक्षण के खिलाफ प्रदर्शन (जिनमें दिल्ली के जंतर-मंतर पर घोषित प्रदर्शन भी शामिल हैं) ने इस मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि सोशल मीडिया पर भी आरक्षण व्यवस्था को खत्म करने या उसमें बदलाव की मांग को लेकर अभियान चलाए जा रहे हैं। आठवले ने कहा, ‘‘आरक्षण का विरोध संविधान का विरोध है। जो लोग आरक्षण-विरोधी रुख अपनाते हैं, वे संविधान-विरोधी हैं और उनके खिलाफ राजद्रोह के तहत कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।’’ उन्होंने कहा कि कुछ लोग आरक्षण खत्म करने की मांग कर रहे हैं, लेकिन इसे समाप्त नहीं किया जा सकता, क्योंकि यह संविधान प्रदत्त अधिकार है।
150 Pakistani Brides पहुंचीं भारत, शादी के लिए केंद्र सरकार ने दी मंजूरी
वाघा-अटारी बॉर्डर से आसानी से वीजा मिलने और आवाजाही की सुविधा के कारण पाकिस्तान के सिंध प्रांत के परिवार सालों से अपनी बेटियों की शादी भारत में करते आ रहे थे, लेकिन भारत के ऑपरेशन सिंदूर शुरू करने और सिंधी लोगों के लिए वीजा एवं सड़क मार्ग बंद करने के बाद यह स्थिति बदल गई। इस फैसले के चलते कम से कम 150 पाकिस्तानी महिलाओं की शादियां अटक गईं। इन महिलाओं की भारत में सगाई हो चुकी थी और वे अपने ससुराल में बसने का इंतजार कर रही थीं।
नागपुर के एक सामुदायिक नेता राजेश झांबिया ने रविवार को कहा, “आखिरकार लंबा इंतजार खत्म हो गया।” उन्होंने बताया कि काफी प्रयासों के बाद केंद्र ने सिंधी महिलाओं और उनके रिश्तेदारों को शादी के लिए भारत आने के वास्ते वीजा जारी किए। पाकिस्तान से आए सिंधी प्रवासियों के लिए काम करने वाले झांबिया ने पीटीआई-से कहा, “दुल्हन और उनके रिश्तेदार मस्कट, दुबई, श्रीलंका और अन्य देशों के रास्ते भारत पहुंचे हैं।” उन्होंने कहा कि सिंधी समुदाय के लोग ऐसी शादियों के लिए पंजाब में वाघा-अटारी सीमा के रास्ते भारत आते थे। उन्होंने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर के बाद सब कुछ बदल गया क्योंकि सरकार ने अटारी मार्ग से भारत आने की योजना बना रहे सभी लोगों के वीजा खारिज कर दिए।” ‘ऑपरेशन सिंदूर’ भारत द्वारा 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए घातक आतंकवादी हमले के जवाब में चलाया गया सैन्य अभियान था।
पहलगाम हमले में 26 भारतीय नागरिकों की मौत हो गयी थी। झांबिया ने कहा कि इसके बाद उन्होंने रायपुर स्थित संत युधिष्ठिरलाल शदानी से संपर्क किया, जो पाकिस्तान के सिंध प्रांत के घोटकी में स्थित प्रमुख हिंदू धार्मिक स्थल शदानी दरबार के आध्यात्मिक प्रमुख हैं। उन्होंने बताया कि शदानी दरबार ने उन पाकिस्तानी महिलाओं की सूची तैयार करना शुरू किया, जिनकी भारत में पुरुषों से सगाई हो चुकी थी।
उन्होंने कहा, “करीब 150 दुल्हनें थीं, जिनकी शादी नागपुर, रायपुर, जोधपुर, पुणे और भारत के अन्य शहरों में होनी थी।” उन्होंने कहा कि मंदिर ने इन महिलाओं और उनके परिवारों के भारत आने की सुविधा के लिए सूची केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजी और वीजा जारी करने का अनुरोध किया। झांबिया के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने पाकिस्तान से आने वाले लोगों को भारत में प्रवेश की अनुमति इस शर्त पर दी कि उन्हें हवाई मार्ग से यात्रा करनी होगी। उन्होंने कहा, “इस साल अप्रैल से पाकिस्तान की 150 दुल्हनें और उनके परिवार शादियों के लिए दुबई, ओमान, श्रीलंका, बांग्लादेश और अन्य देशों के रास्ते भारत आ चुके हैं।
इनमें नागपुर के 15 मामले शामिल हैं।” झांबिया ने कहा कि पाकिस्तान में ऐसी करीब 300 और महिलाएं हैं जो भारत आने का इंतजार कर रही हैं और उन्होंने भारत सरकार से उन्हें भी वीजा जारी करने का अनुरोध किया है।
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