एशियन ओपन में भारत ने जीते 44 मेडल:13 गोल्ड-13 सिल्वर और 18 ब्रॉन्ज शामिल, कुल मेडल में नंबर-1 लेकिन गोल्ड में थाईलैंड आगे
देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्थित हिमाद्री आइस रिंक में 17 अगस्त से चल रही एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी-2026 का गुरुवार को समापन हो गया। चार दिनों तक चली प्रतियोगिता में भारतीय स्केटर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 44 मेडल जीते, जो प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा हैं। भारत ने 13 गोल्ड, 13 सिल्वर और 18 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए। हालांकि गोल्ड मेडल के मामले में थाईलैंड 16 गोल्ड के साथ भारत से आगे रहा और मेडल टैली में पहले स्थान पर रहा। आखिरी दिन भी भारत ने 1 गोल्ड, 2 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज समेत 8 मेडल जीते। जूनियर C बॉयज 777 मीटर में सिद्धांत मांजगे ने गोल्ड जीता उन्होंने इस पूरी प्रतियोगिता में 3 गोल्ड मेडल जीते हैं। सिद्धांत के 3 गोल्ड, समायरा के 2 सिल्वर भारतीय खिलाड़ियों में सिद्धांत मांजगे सबसे आगे रहे। उन्होंने जूनियर C बॉयज की 1000 मीटर, 500 मीटर और 777 मीटर रेस में लगातार 3 गोल्ड जीते। जीएस ब्रधिशा और आर्यन सुजीत बाविस्कर ने 2-2 गोल्ड अपने नाम किए। सबसे ज्यादा सिल्वर समायरा त्यागी ने जीते, उनके नाम 2 सिल्वर हैं। वहीं कीर्ति राज सिंह और अद्वय कोठारी ने 2-2 ब्रॉन्ज मेडल जीते। चार दिन तक 14 देशों के बीच मुकाबला प्रतियोगिता में भारत के अलावा चीन, दक्षिण कोरिया, हांगकांग, थाईलैंड, चीनी ताइपे, इंडोनेशिया, फिलीपींस, मंगोलिया, उज्बेकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया समेत 14 देशों के स्केटर्स ने हिस्सा लिया। चार दिनों तक हिमाद्री आइस रिंक में 222 मीटर से लेकर 1500 मीटर तक की अलग-अलग रेस और रिले मुकाबले हुए। कई मुकाबले आखिरी लैप तक बेहद करीबी रहे। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ मुकाबले ने भारतीय स्केटर्स को तेज रफ्तार, रणनीति और दबाव में प्रदर्शन करने का अनुभव दिया। देहरादून में लगातार दूसरी बार एशियन ओपन उत्तराखंड को लगातार दूसरी बार एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी की मेजबानी मिली। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्थित हिमाद्री आइस रिंक में हुए इस आयोजन से देहरादून को अंतरराष्ट्रीय आइस स्पोर्ट्स के मंच पर पहचान मिली। चार दिन के आयोजन के बाद भारत ने 44 मेडल और 13 गोल्ड के साथ प्रतियोगिता का समापन किया। फाइनल मेडल टैली में भारत दूसरे स्थान पर रहा। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… 300+ पौधे, 3 साल की मेहनत और 90% सर्वाइवल:देहरादून का मियावाकी मॉडल बना मिसाल, गर्मी और कंक्रीट के बीच हरियाली की उम्मीद शहरों में बढ़ते कंक्रीट के बीच अगर हरियाली का एक छोटा-सा टुकड़ा भी जंगल का रूप लेने लगे, तो यह सिर्फ पौधरोपण नहीं, बल्कि पर्यावरण के लिए बड़ी उम्मीद बन जाता है। देहरादून के वसंत विहार में तीन साल पहले शुरू किया गया मियावाकी अर्बन फॉरेस्ट इसका उदाहरण बनकर सामने आया है। (पढ़ें पूरी खबर)
भारतीय महिला टीम हॉकी वर्ल्डकप के टॉप-8 में पहुंची:इंग्लैंड के खिलाफ ड्रॉ खेला; दोनों टीमों को 18 पेनल्टी कॉर्नर मिले, गोल नहीं
भारतीय महिला हॉकी टीम ने विमेंस हॉकी वर्ल्ड कप के टॉप-8 यानी दूसरे राउंड में जगह बना ली है। एम्सटेलवीन में खेले गए पूल-D के आखिरी मुकाबले में भारत ने इंग्लैंड को 0-0 से ड्रॉ पर रोक दिया। भारत को अगले राउंड में पहुंचने के लिए सिर्फ ड्रॉ की जरूरत थी। वहीं इंग्लैंड के लिए जीत जरूरी थी। मैच के आखिरी क्षणों में इंग्लैंड ने अपनी गोलकीपर मिरियम प्रिचर्ड को बाहर बुलाकर एक अतिरिक्त आउटफील्ड खिलाड़ी उतार दिया। इसके बाद इंग्लैंड ने 11 आउटफील्ड खिलाड़ियों के साथ भारतीय सर्कल पर लगातार हमले किए, लेकिन भारतीय डिफेंस नहीं टूटा। भारत ने शुरुआत में बनाए कई मौके भारत ने मैच की शुरुआत आक्रामक अंदाज में की। पहले क्वार्टर में टीम को लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले। चौथे मिनट में नवनीत कौर के शॉट से गेंद गोल में पहुंची, लेकिन रास्ते में इशिका के शरीर से टकराने के कारण गोल को मान्यता नहीं मिली। भारत को पहले क्वार्टर में तीन पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन टीम एक को भी गोल में नहीं बदल सकी। इशिका के पास फील्ड गोल का मौका भी आया, लेकिन इंग्लैंड की गोलकीपर प्रिचर्ड ने शानदार बचाव किया। दूसरे क्वार्टर में भी भारत ने हमले जारी रखे। 26वें मिनट में दीपिका के ड्रैगफ्लिक को इंग्लैंड की गोलकीपर ने पैर से रोक दिया। इसके बाद रिबाउंड पर सलिमा ने मौका बनाया और भारत को एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला। इंग्लैंड के लगातार हमले, भारतीय डिफेंस चट्टान बना दूसरे क्वार्टर से इंग्लैंड ने दबाव बढ़ाना शुरू किया। टीम को लगातार पेनल्टी कॉर्नर मिले, लेकिन भारतीय गोलकीपर सविता पुनिया और डिफेंस ने हर बार खतरा टाल दिया। 38वें मिनट में सविता ने बिंघम के रिवर्स हिट को शानदार तरीके से बचाया। 43वें मिनट में साक्षी ने गोललाइन पर शानदार बचाव कर भारत को गोल खाने से बचाया। हाफ टाइम तक इंग्लैंड को 9 पेनल्टी कॉर्नर मिल चुके थे, लेकिन वह एक को भी गोल में नहीं बदल सका। आखिरी क्वार्टर में इंग्लैंड ने गोलकीपर तक हटाया तीसरे क्वार्टर के बाद मैच पूरी तरह इंग्लैंड के पक्ष में जाता दिखा। इंग्लैंड लगातार भारतीय सर्कल में पहुंच रहा था और पेनल्टी कॉर्नर हासिल कर रहा था। आखिरी क्वार्टर में इंग्लैंड को हर हाल में गोल चाहिए था, क्योंकि ड्रॉ का मतलब था भारत का अगले राउंड में पहुंचना और इंग्लैंड का बाहर होना। 56वें मिनट में इंग्लैंड ने बड़ा फैसला लिया। उसने गोलकीपर को बाहर बुलाकर 11 आउटफील्ड खिलाड़ियों के साथ खेलना शुरू किया। इसके बावजूद भारतीय डिफेंस ने दबाव झेला और गोल नहीं होने दिया। आखिरी मिनटों में भारतीय गोलकीपर बिचु देवी खरिबाम ने भी महत्वपूर्ण बचाव किए और टीम को गोलरहित ड्रॉ के साथ अगले राउंड में पहुंचा दिया। भारत की क्वालिफिकेशन की कहानी भारत ने पूल-D में अपने अभियान की शुरुआत चीन के खिलाफ 2-2 ड्रॉ से की थी। इसके बाद टीम ने दक्षिण अफ्रीका को 6-1 से हराया। इंग्लैंड के खिलाफ ड्रॉ के साथ भारत के खाते में 5 अंक हो गए और टीम ने दूसरे राउंड में जगह बना ली। साउथ अफ्रीका के खिलाफ भारत के छह अलग-अलग खिलाड़ियों ने गोल किए थे। सुनेलिता टोप्पो, नवनीत कौर, सुषिला चानू, दीपिका, लालरेमसियामी और साक्षी राणा ने गोल दागे थे। इससे टीम की अटैकिंग डेप्थ का पता चलता है। क्रॉसओवर पूल में भारत के मैच नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया से इस हॉकी वर्ल्ड कप से क्वार्टर फाइनल को हटा दिया गया है। एक नया फॉर्मेट लागू किया गया है। इसके अनुसार क्रॉसओवर पूल में पहुंचने वाली टीमें आपस में मैच खेलेंगी। भारत का मैच नीदरलैंड और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होगा। इस राउंड में ग्रुप स्टेज के पॉइंट्स भी जुड़ेंगे। क्रॉसओवर पूल की टॉप-2 टीमें सीधे सेमीफाइनल में प्रवेश करेंगी। सेमीफाइनल के विजेता फाइनल खेलेंगे और हारने वाली टीमें ब्रॉन्ज मेडल मैच खेलेंगी। दोनों टीमों का स्क्वॉड भारत: सलीमा टेटे (कप्तान), इशिका चौधरी, निक्की प्रधान, बिचू देवी खरीबाम (गोलकीपर), सविता (गोलकीपर), शिल्पी डबास, लालरेमसियामी, दीपिका सोरेंग, बलजीत कौर, इशिका, ज्योति, नवनीत कौर, सुषिला चानू पुखरंबम, सुनेलिता टोप्पो, नेहा, रुताजा दादासो पिसल, लालथंतलुआंगी, साक्षी राणा, ब्यूटी डुंगडुंग, दीपिका। इंग्लैंड: डार्सी बॉर्न, लिली वॉकर, अन्ना टोमन, हन्ना फ्रेंच, एमी थॉम्पसन, हॉली हंट, एलेना रेयर, टेसा हॉवर्ड, केटी कर्टिस, फियोना क्रैकल्स, एलिजाबेथ नील, सोफी हैमिल्टन, सबी हीश (गोलकीपर), लिली ओव्सली, फ्लोरा पील, मार्था टेलर, ग्रेस बाल्सडन, एलिस एटकिंसन, मिरियम प्रिचर्ड (गोलकीपर), लोटी बिंघम।
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