आयुष-सिंधु बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप से बाहर:सात्विक-चिराग की जोड़ी टॉप-8 में, त्रिसा-गायत्री भी जीतीं
भारत की पीवी सिंधु बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप से बाहर हो गई हैं। उन्हें विमेंस सिंगल्स के राउंड ऑफ 16 मैच में चीन की वांग झी यी ने 11-21, 21-15, 17-21 से हराया। यह मैच एक घंटे 28 मिनट चला। नई दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में चल रही चैंपियनशिप में गुरुवार को तीसरी सीड चीन की खिलाड़ी क्रैप्स से परेशान दिखीं। इसके बावजूद उन्होंने भारतीय स्टार सिंधु को हरा दिया। सिंधु की हार के साथ सिंगल्स कैटेगरी में भारत की चुनौती समाप्त हो गई है। उनसे पहले आयुष को इंडोनेशिया के अल्वी फरहान ने उन्हें 45 मिनट में 21-19, 21-11 से हराया। मेंस डबल्स में भारत के सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने, विमेंस डबल्स में त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। चीनी खिलाड़ियों से लगातार 8 जीत के बाद हारीं सिंधु 9वीं सीड पीवी सिंधु चीन के खिलाड़ियों के खिलाफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में लगातार 8 जीत के बाद हारी हैं। इसी के साथ उनके वर्ल्ड चैंपियनशिप में छठा मेडल जीतने की उम्मीद खत्म हो गई। सिंधु ने पहला गेम हारने के बाद वापसी की, लेकिन निर्णायक गेम में वे अपनी लय कायम नहीं रख सकीं। आयुष शेट्टी 45 मिनट में हारे सात्विक-चिराग ने मलेशियाई जोड़ी को हराया मेंस डबल्स के राउंड ऑफ 16 में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की भारतीय जोड़ी ने मलेशिया के जुनैदी अरिफ और रॉय किंग याप को 21-23, 21-19, 21-17 से हराया। 5वीं सीड भारतीय जोड़ी को पिछले राउंड में स्कॉटलैंड के एलेक्जेंडर डन और एडम प्रिंगल के खिलाफ वॉकओवर मिला था। त्रिसा-गायत्री भी क्वार्टर फाइनल में भारत की त्रिसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने विमेंस डबल्स में क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। 39वीं सीड भारतीय जोड़ी ने राउंड ऑफ 16 में जापान की 7वीं सीड रिन इवानागा और की नाकानिशी को सीधे गेम में 21-16, 21-12 से हराया। वहीं, मिक्स्ड डबल्स में ध्रुव कपिला और तनिषा क्रास्टो को चीन की गुओ शिन वा और चेन फांग हुई ने 21-16, 21-5 से हराया। इसके साथ ही भारत का मिक्स्ड डबल्स अभियान भी खत्म हो गया। ध्रुव-तनिषा की जोड़ी चीनियों से हारी मिक्स्ड डबल्स के राउंड ऑफ 16 में ध्रुव कपिला और तनिषा क्रास्टो को चीन के गुओ शिन वा और चेन फांग हुई के खिलाफ 16-21, 5-21 हार झेलनी पड़ी है। यह मैच 31 मिनट तक चला। ध्रुव और तनिषा ने पिछले मैच में मकाऊ के लियोंग लोक चोंग और एन वेंग ची को 21-11, 21-11 से हराया था।
एशियन ओपन में भारत ने जीते 44 मेडल:13 गोल्ड-13 सिल्वर और 18 ब्रॉन्ज शामिल, कुल मेडल में नंबर-1 लेकिन गोल्ड में थाईलैंड आगे
देहरादून के महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्थित हिमाद्री आइस रिंक में 17 अगस्त से चल रही एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी-2026 का गुरुवार को समापन हो गया। चार दिनों तक चली प्रतियोगिता में भारतीय स्केटर्स ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 44 मेडल जीते, जो प्रतियोगिता में सबसे ज्यादा हैं। भारत ने 13 गोल्ड, 13 सिल्वर और 18 ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किए। हालांकि गोल्ड मेडल के मामले में थाईलैंड 16 गोल्ड के साथ भारत से आगे रहा और मेडल टैली में पहले स्थान पर रहा। आखिरी दिन भी भारत ने 1 गोल्ड, 2 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज समेत 8 मेडल जीते। जूनियर C बॉयज 777 मीटर में सिद्धांत मांजगे ने गोल्ड जीता उन्होंने इस पूरी प्रतियोगिता में 3 गोल्ड मेडल जीते हैं। सिद्धांत के 3 गोल्ड, समायरा के 2 सिल्वर भारतीय खिलाड़ियों में सिद्धांत मांजगे सबसे आगे रहे। उन्होंने जूनियर C बॉयज की 1000 मीटर, 500 मीटर और 777 मीटर रेस में लगातार 3 गोल्ड जीते। जीएस ब्रधिशा और आर्यन सुजीत बाविस्कर ने 2-2 गोल्ड अपने नाम किए। सबसे ज्यादा सिल्वर समायरा त्यागी ने जीते, उनके नाम 2 सिल्वर हैं। वहीं कीर्ति राज सिंह और अद्वय कोठारी ने 2-2 ब्रॉन्ज मेडल जीते। चार दिन तक 14 देशों के बीच मुकाबला प्रतियोगिता में भारत के अलावा चीन, दक्षिण कोरिया, हांगकांग, थाईलैंड, चीनी ताइपे, इंडोनेशिया, फिलीपींस, मंगोलिया, उज्बेकिस्तान और ऑस्ट्रेलिया समेत 14 देशों के स्केटर्स ने हिस्सा लिया। चार दिनों तक हिमाद्री आइस रिंक में 222 मीटर से लेकर 1500 मीटर तक की अलग-अलग रेस और रिले मुकाबले हुए। कई मुकाबले आखिरी लैप तक बेहद करीबी रहे। अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों के साथ मुकाबले ने भारतीय स्केटर्स को तेज रफ्तार, रणनीति और दबाव में प्रदर्शन करने का अनुभव दिया। देहरादून में लगातार दूसरी बार एशियन ओपन उत्तराखंड को लगातार दूसरी बार एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी की मेजबानी मिली। महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स स्थित हिमाद्री आइस रिंक में हुए इस आयोजन से देहरादून को अंतरराष्ट्रीय आइस स्पोर्ट्स के मंच पर पहचान मिली। चार दिन के आयोजन के बाद भारत ने 44 मेडल और 13 गोल्ड के साथ प्रतियोगिता का समापन किया। फाइनल मेडल टैली में भारत दूसरे स्थान पर रहा। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें… 300+ पौधे, 3 साल की मेहनत और 90% सर्वाइवल:देहरादून का मियावाकी मॉडल बना मिसाल, गर्मी और कंक्रीट के बीच हरियाली की उम्मीद शहरों में बढ़ते कंक्रीट के बीच अगर हरियाली का एक छोटा-सा टुकड़ा भी जंगल का रूप लेने लगे, तो यह सिर्फ पौधरोपण नहीं, बल्कि पर्यावरण के लिए बड़ी उम्मीद बन जाता है। देहरादून के वसंत विहार में तीन साल पहले शुरू किया गया मियावाकी अर्बन फॉरेस्ट इसका उदाहरण बनकर सामने आया है। (पढ़ें पूरी खबर)
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