देश की सुरक्षा में तैनात ‘श्रुति’: 113 मीटर का स्वदेशी पोत बना समुद्री प्रहरी, हर आहट पर होगी नजर
नाम है ‘श्रुति’…जिसका संबंध भारतीय ज्ञान परंपरा से है। अब यही नाम समुद्र में भारत की सुरक्षा की नई इबारत लिखने जा रहा है। भारतीय नौसेना के लिए तैयार किए जा रहे नेक्स्ट जनरेशन ऑफशोर पेट्रोल वेसल (NGOPV) ‘श्रुति’ का लॉन्च 11 अगस्त को कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स (GRSE) में हुआ। यह जीआरएसई द्वारा बनाया जा रहा इस श्रेणी का दूसरा पोत है।
लगभग 113 मीटर लंबा यह पोत समुद्र की निगरानी से लेकर तटीय सुरक्षा और समुद्री डकैती के खिलाफ अभियानों तक कई अहम जिम्मेदारियां निभाने के लिए तैयार किया गया है। समुद्र में संकट की स्थिति हो, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखनी हो या किसी आपदा के बाद राहत पहुंचानी हो..ऐसे कई मिशन में यह पोत उपयोगी भूमिका निभाएगा।
भारतीय वेद परंपरा से जुड़ा नाम “श्रुति”
‘श्रुति’ भारतीय ज्ञान परंपरा में वेदों से जुड़ा शब्द है जिसका अर्थ है ‘सुनना’ या ‘जो सुना जाए’। भारतीय परंपरा में यह शब्द विशेष रूप से चार वेदों के लिए प्रयोग किया जाता है जिनका ज्ञान सदियों तक गुरु-शिष्य की मौखिक परंपरा के जरिए पीढ़ी-दर-पीढ़ी संरक्षित और आगे बढ़ाया गया। यही वजह है कि ‘श्रुति’ नाम में ज्ञान, परंपरा और संरक्षण का भाव समाहित है। अब इसी नाम का आधुनिक रूप समुद्र में देश की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने जा रहा है। भारतीय नौसेना का यह नया पोत समुद्र की लहरों के बीच देश की सीमाओं की निगरानी करेगा और दुश्मन की हर आहट पर नजर रखेगा।
समुद्री निगरानी के लिए तैनात होगा पोत
‘श्रुति’ अकेला पोत नहीं है। यह भारतीय नौसेना के 11 NGOPV वाले बड़े कार्यक्रम का हिस्सा है। इनमें से चार पोत जीआरएसई और बाकी गोवा शिपयार्ड लिमिटेड द्वारा बनाए जा रहे हैं। जीआरएसई इससे पहले मई में इसी कार्यक्रम का पहला पोत ‘संघमित्रा’ लॉन्च कर चुका है। इस लिहाज से ‘श्रुति’ का लॉन्च सिर्फ एक जहाज का जलावतरण नहीं, बल्कि भारत की स्वदेशी युद्धपोत निर्माण क्षमता के तेजी से आगे बढ़ने का संकेत भी है।
भारत में हुआ निर्माण
‘श्रुति’ का निर्माण भारत में ही किया जा रहा है। यह बात इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि आधुनिक समुद्री सुरक्षा के लिए जरूरी प्लेटफॉर्म तैयार करने में स्वदेशी डिजाइन, निर्माण क्षमता और घरेलू रक्षा उद्योग की भूमिका लगातार बढ़ रही है। कोलकाता का जीआरएसई भारतीय नौसेना के लिए अब तक 110 से अधिक युद्धपोत बना चुका है और 800 से अधिक जहाजों व प्लेटफॉर्म का निर्माण कर चुका है। इस साल जून में उसे नवरत्न का दर्जा भी मिला है।
कई क्षमताओं से लैस है “श्रुति पोत”
‘श्रुति’ सिर्फ नाम में ही खास नहीं है बल्कि अपनी लंबाई, क्षमता और तकनीकी खूबियों के कारण भी भारतीय नौसेना के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। लगभग 113 मीटर लंबा और 14.6 मीटर चौड़ा यह पोत लगभग 3,000 टन का है। यह अधिकतम 23 नॉट की गति हासिल कर सकता है और 14 नॉट की क्रूजिंग स्पीड पर 8,500 नॉटिकल मील तक की सहन क्षमता रखता है। यानी यह लंबे समय तक समुद्र में तैनात रहकर व्यापक क्षेत्र पर निगरानी रख सकता है।
‘श्रुति’ की भूमिका सिर्फ समुद्र में चक्कर लगाने और निगरानी तक ही सीमित नहीं होगी। यह समुद्री क्षेत्र की निगरानी, तटीय और अपतटीय संपत्तियों की सुरक्षा, संदिग्ध गतिविधियों पर नजर, समुद्री डकैती और तस्करी के खिलाफ अभियान जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में इस्तेमाल की जा सकती है। इसके अलावा किसी जहाज या व्यक्ति के समुद्र में फंसने की स्थिति में सर्च एंड रेस्क्यू ऑपरेशन, प्राकृतिक आपदा के दौरान मानवीय सहायता और राहत अभियान तथा अन्य समुद्री सुरक्षा अभियानों में भी यह अहम भूमिका निभा सकती है। इसका अर्थ ये है कि समुद्र में निगरानी से लेकर सुरक्षा और संकट की घड़ी में मदद तक ‘श्रुति’ कई जिम्मेदारियां एक साथ निभाने के लिए तैयार की गई है। यही वजह है कि इसे भारतीय नौसेना की समुद्री निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने वाला एक महत्वपूर्ण नया प्लेटफॉर्म माना जा रहा है।
जब लाश बना दिए जाओ, तो रोना मत:कंगना ने नीले ड्रम की तस्वीर शेयर कर मॉडर्न डेटिंग पर उठाए सवाल, कहा- रिश्ते बॉडी काउंट तक सिमट गए हैं
बैंग्लोर में रहनेवाली एक महिला ने बॉयफ्रेंड संग मिलकर पति और 5 साल के बेटे की हत्या कर दी। कंगना रनोट ने कड़े शब्दों में इस केस की निंदा की और साथ ही नीले ड्रम की तस्वीर शेयर की है। उनका कहना है कि मॉडर्न डेटिंग अब सिर्फ बॉडी काउंट तक सिमट गई है। कंगना ने कहा है कि जो दूसरे परिवारों के साथ हो रहा है वो जल्द ही आपके परिवार के साथ भी हो सकता है। कंगना ने केस पर लिखा है, 'हर दूसरे दिन ऐसी खबरें पढ़ने को मिलती हैं कि महिलाएं, आदमियों को पहाड़ से फेंक रही हैं या आदमी महिलाओं को नीले ड्रमों में पैक कर रहे हैं। पश्चिमीकरण करना आसान है, लेकिन पश्चिम में लोग एक-दूसरे को खत्म नहीं कर रहे हैं। अरेंज्ड मैरिज या रूढ़िवादी संस्कृति के सामाजिक दबाव में रहना तब तक बहुत अच्छा लगता है, जब तक वह आपका अपना बच्चा पैदा करने तक न पहुंच जाए।' आगे कंगना ने लिखा, ‘जाग जाइए। बेंचिंग, घोस्टिंग, क्रम्बिंग और बॉडी काउंट जैसी इस संस्कृति को आपको असंवेदनशील न बनाने दें। एक बार जब आप इसे सामान्य मानने लगते हैं, तो इंसानों के साथ आपके रिश्ते महज ‘बॉडी काउंट’ तक सिमट जाते हैं। फिर जब आपको भी एक लाश में बदल दिया जाएगा, तो रोइए मत। इंसानी रिश्तों को सिर्फ ‘बॉडी काउंट’ मानने वाली पश्चिमी संस्कृति को ना कहिए। मुझे ट्रोल करने के लिए तैयार हो जाइए, लेकिन याद रखिए, यहां आसपास एक नीला ड्रम भी है। हा हा। बाय, आपका दिन शुभ हो।’ कंगना ने आगे एक नीले ड्रम की तस्वीर शेयर कर कहा, उन सभी दोस्तों के लिए, जो सोचते हैं कि इंसानी रिश्तों को ‘बॉडी काउंट’ कहना और इंसानों को सिर्फ शरीर बना देना ठीक है। मैंने तो कुछ कहा ही नहीं। आगे कंगना ने लिखा, आज आप दूसरों के परिवार के लिए इसे आम बना रहे हैं, कल आपके परिवार के साथ ऐसा होगा। क्या है बैंग्लोर मर्डर केस बयानों से चर्चा में हैं कंगना रनोट GenZ को कहा गटरछाप- जंतर-मंतर पर हुए कॉकरोच जनता पार्टी के प्रोटेस्ट में पहुंचे स्टूडेंट पर कंगना ने कहा था, ‘मैंने अपनी जिंदगी में कभी एक जगह पर इतनी बदसूरती नहीं देखी। Gen Z के विरोध प्रदर्शनों की ये रील्स उल्टी लाने वाली हैं। जिस तरह से वे बात करते हैं और जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं। मैंने अपनी जिंदगी में कभी भी हर एक फ्रेम में सब कुछ इतना खटकने वाला और इतना भद्दा एक साथ नहीं देखा। मैं उन्हें जेनरेशन गटर कहती हूं। उनमें से कुछ के पास सिस्टम को देने के लिए कुछ भी नहीं है। वे पढ़ाई-लिखाई में अच्छे नहीं हैं।’ बयान पर विवाद बढ़ने के बाद कंगना ने कहा कि पूरे देश के युवाओं को ‘गटरछाप’ नहीं कहा था। उनका बयान जंतर-मंतर पर प्रदर्शन में मौजूद एक खास नस्ल को लेकर था। बाबा रामदेव से कहा- मेरी जवानी के सपने न देखें- योग गुरू बाबा रामदेव ने कंगना की आलोचना की है। टीवी 9 भारतवर्ष के साथ बातचीत में बाबा रामदेव ने जेन Z को लेकर कंगना की टिप्पणी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “उनका क्वालिफिकेशन क्या है? उनका बचपन कैसा रहा है? उनकी जवानी कैसी रही है? उनके पहले के कारनामे कैसे रहे हैं? मैं ऐसे लोगों के बारे में बात नहीं करना चाहता। ऐसे किसी भी देश के जवान को, जेन Z को गटर-पटर बोलना, ये बिगड़े हुए दिमाग की निशानी है। गलत बात है। इसके ऊपर जो है, उनके पार्टी के लोगों को संज्ञान लेना चाहिए।" कंगना ने इंस्टाग्राम स्टोरी के जरिए बाबा रामदेव पर पलटवार करते हुए लिखा, “बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में डे-ड्रीम मत कीजिए। कोई सिर्फ अफवाहों और गॉसिप के आधार पर ही ऐसा सोच सकता है। कम से कम मुझे कभी सुप्रीम कोर्ट से झूठे या फर्जी मेडिकल दावों को लेकर फटकार नहीं लगी। इसलिए मुझे चरित्र का पाठ मत पढ़ाइए। आपका चरित्र जैसा भी है, मेरा उससे कहीं बेहतर है। यहां कोई फ्रॉड नहीं मिला है।”
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