अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निवेश से जुड़ी गतिविधियां एक बार फिर चर्चा में हैं। अमेरिका के सरकारी नैतिकता कार्यालय की ओर से शनिवार को जारी वित्तीय खुलासे के मुताबिक ट्रंप ने जून में 1,000 से अधिक प्रतिभूति लेनदेन किए। इन सभी सौदों की कुल अनुमानित कीमत 7.81 करोड़ डॉलर से 26.31 करोड़ डॉलर के बीच बताई गई है। अमेरिकी नियमों के तहत प्रत्येक सौदे की वास्तविक राशि के बजाय एक निर्धारित मूल्य सीमा बताई जाती है।
मौजूदा जानकारी के अनुसार, जून में ट्रंप के निवेश में बर्कशायर हैथवे, वीजा, मास्टरकार्ड और सिंटास जैसी बड़ी कंपनियां शामिल रहीं। उन्होंने 18 जून को बर्कशायर हैथवे के 10 लाख से 50 लाख डॉलर मूल्य के शेयर खरीदे और 24 जून को इसकी कुछ हिस्सेदारी बेची। इसी तरह मेटा के 10 लाख से 50 लाख डॉलर मूल्य के शेयर 18 जून को बेचे गए, जबकि बाद में महीने में छोटी मात्रा में फिर खरीदारी की गई।
ट्रंप के सौदों में पालांटिर भी खास तौर पर शामिल रही। उन्होंने 3 जून को 1,001 से 15,000 डॉलर मूल्य के शेयर खरीदे। इसके बाद 16 जून को 15,001 से 50,000 डॉलर और 18 जून को 5 लाख से 10 लाख डॉलर मूल्य के शेयर बेचे। 23 और 24 जून को उन्होंने फिर इस कंपनी के शेयर खरीदे। यह खरीद अमेरिका और ईरान के बीच 14 जून को हुए शांति समझौते के बाद हुई थी।
बता दें कि जून में सबसे बड़ा एकल लेनदेन 22 जून को हुआ, जब ट्रंप ने वैनगार्ड समूह के एक निवेश कोष में 50 लाख से 2.5 करोड़ डॉलर मूल्य की हिस्सेदारी बेची। इसके अलावा कॉइनबेस, वीजा और होम डिपो जैसी कंपनियों से जुड़े लेनदेन भी खुलासे में दर्ज हैं।
गौरतलब है कि ट्रंप की निवेश गतिविधियों का यह सिलसिला नया नहीं है। वर्ष 2025 में उन्होंने 21,000 से अधिक प्रतिभूति सौदे किए थे। उन सौदों का कुल अनुमानित मूल्य 60 करोड़ से 1.86 अरब डॉलर के बीच था। कई मौकों पर एक ही प्रतिभूति की खरीद और बिक्री एक ही दिन में किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी।
राष्ट्रपति के निवेश को लेकर हितों के टकराव का मुद्दा भी उठता रहा है। हालांकि व्हाइट हाउस का कहना है कि ट्रंप के निवेश स्वतंत्र रूप से संचालित खातों में रखे गए हैं और राष्ट्रपति या उनके परिवार का निवेश संबंधी फैसलों पर कोई नियंत्रण नहीं है। व्हाइट हाउस के प्रवक्ता डेविस इंग्ल ने कहा कि निवेश कंप्यूटर आधारित मॉडल के जरिए स्वतंत्र प्रबंधकों द्वारा किए जाते हैं।
ट्रंप के बेटे एरिक ट्रंप ने भी पहले कहा है कि संपत्तियां एक ऐसे न्यास में हैं जिसे स्वतंत्र रूप से संचालित किया जाता है। व्हाइट हाउस के मुताबिक निवेश संबंधी फैसलों में राष्ट्रपति या उनके परिवार की कोई प्रत्यक्ष भूमिका नहीं है। हालांकि इतनी बड़ी संख्या में सौदों और राष्ट्रपति पद से जुड़े बाजार प्रभावों के कारण इन खुलासों पर नजर बनी हुई है।
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केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के केंद्र में सत्ता संभालने के बाद जम्मू-कश्मीर के लोगों की सोच में व्यापक बदलाव आया है। सिंह ने यहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की संगठनात्मक बैठक से इतर संवाददाताओं से कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर में लोगों की सोच में पूर्वोत्तर की तरह ही पूरी तरह बदलाव आया है। यह बदलाव 2014 में नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के सत्ता में आने के बाद हुआ।’’
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की शुरुआत के बाद से यहां का माहौल बदल गया है।
शांति कायम है और सामान्य स्थिति लौट रही है। विकास कार्य भी तेजी से हो रहे हैं।’’
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि पिछले तीन दशकों में हिंसा के कारण कई पीढ़ियों को खोने के बाद अब जम्मू-कश्मीर के युवाओं में आगे बढ़ने की आकांक्षा पैदा हुई है। उन्होंने कहा, ‘‘पिछले कुछ वर्षों में यूपीएससी और इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षाओं जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में उनका प्रदर्शन इसका प्रमाण है।’’
सिंह ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में हिंसा के दौरान भाजपा के कई कार्यकर्ताओं ने अपनी जान गंवाई, लेकिन वह भाग्यशाली हैं कि जीवित बचे और अब जम्मू-कश्मीर के लोगों की सोच में आया बदलाव देख पा रहे हैं।
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