दिमाग को रिलैक्स करने के टिप्स: 5 आसान टेक्निक से तनाव होगा कम! खुद को महसूस करेंगे तरोताजा
Relaxation Techniques: लगातार काम, स्क्रीन टाइम, भागदौड़ और रोजमर्रा की जिम्मेदारियों के बीच दिमाग का थक जाना आज आम बात हो गई है। कई बार शरीर आराम कर रहा होता है, लेकिन दिमाग में विचारों की हलचल बनी रहती है। काम पूरा करने की चिंता, भविष्य को लेकर सोच और छोटी-छोटी परेशानियां मानसिक थकान बढ़ा सकती हैं। ऐसे में हर बार लंबी छुट्टी लेना या कहीं दूर जाना जरूरी नहीं है। रोजाना कुछ मिनट खुद के लिए निकालकर अपनाई गई छोटी-छोटी रिलैक्सेशन टेक्निक भी मन को शांत करने में मदद कर सकती हैं।
मेंटल रिलैक्सेशन का मतलब सिर्फ सोना या कुछ देर चुप बैठना नहीं है। इसका मकसद शरीर और दिमाग दोनों को तनाव से थोड़ा ब्रेक देना है। गहरी सांस लेना, थोड़ी देर मेडिटेशन करना, प्रकृति के बीच समय बिताना या अपना ध्यान किसी पसंदीदा काम पर लगाना मानसिक दबाव को कम करने में मददगार हो सकता है। यहां जानिए ऐसी 5 आसान तकनीकें जिन्हें आप अपनी दिनचर्या का हिस्सा बना सकते हैं।
गहरी सांस लेने की तकनीक अपनाएं
तनाव महसूस होने पर कुछ मिनट धीमी और गहरी सांस लेने पर ध्यान केंद्रित करें। आराम से बैठें, नाक से धीरे-धीरे सांस लें और फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ें। कुछ मिनट तक सांस की गति पर ध्यान देने से आपका ध्यान उलझे हुए विचारों से हट सकता है। इसे खासतौर पर काम के बीच छोटे ब्रेक के दौरान किया जा सकता है।
कुछ मिनट मेडिटेशन करें
मेडिटेशन के लिए घंटों बैठने की जरूरत नहीं है। शुरुआत रोजाना 5 से 10 मिनट से की जा सकती है। शांत जगह पर बैठकर आंखें बंद करें और अपने सांस लेने की प्रक्रिया पर ध्यान दें। विचार आएं तो उनसे लड़ने के बजाय ध्यान को दोबारा सांस पर ले आएं। नियमित अभ्यास से माइंडफुलनेस विकसित करने में मदद मिल सकती है।
स्क्रीन से लें छोटा ब्रेक
लगातार मोबाइल, कंप्यूटर और टीवी की स्क्रीन देखते रहने से मानसिक थकान बढ़ सकती है। हर कुछ समय में स्क्रीन से नजर हटाकर कुछ देर दूर देखें, थोड़ा चलें या बस आंखों को आराम दें। खासकर सोने से पहले फोन को लगातार देखने के बजाय शांत गतिविधि अपनाना रिलैक्सेशन के लिए बेहतर आदत हो सकती है।
खुली हवा और प्रकृति के बीच बिताएं समय
कुछ देर पार्क में टहलना, पौधों के पास बैठना या खुली हवा में समय बिताना मन को बदलने वाला अनुभव हो सकता है। प्रकृति के बीच थोड़ी देर धीमी गति से चलने और आसपास की चीजों पर ध्यान देने से रोजमर्रा की भागदौड़ से मानसिक दूरी बनाने में मदद मिलती है। इसे मॉर्निंग वॉक या शाम की हल्की सैर के साथ जोड़ा जा सकता है।
पसंदीदा हॉबी के लिए समय निकालें
म्यूजिक सुनना, किताब पढ़ना, पेंटिंग करना, गार्डनिंग, लिखना या खाना बनाना जैसी पसंदीदा गतिविधियां दिमाग को रोजमर्रा के तनाव से ब्रेक देने का अच्छा तरीका हो सकती हैं। जरूरी नहीं कि हॉबी बहुत लंबे समय तक की जाए। दिन में 15-20 मिनट भी अपनी पसंद के काम के लिए निकालना आपको मानसिक रूप से तरोताजा महसूस करा सकता है।
रिलैक्सेशन के साथ नींद का भी रखें ध्यान
दिमाग को आराम देने के लिए पर्याप्त और नियमित नींद बेहद जरूरी है। रोजाना सोने और जागने का समय लगभग तय रखने की कोशिश करें। सोने से पहले बहुत ज्यादा स्क्रीन टाइम, कैफीन या तनावपूर्ण गतिविधियों से दूरी बनाना भी मददगार हो सकता है। दिनभर में छोटे ब्रेक लेने के साथ रात में अच्छी नींद मानसिक ऊर्जा को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है।
(Disclaimer: इस आर्टिकल में दी गई सामग्री सिर्फ जानकारी के लिए है। हरिभूमि इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी सलाह या सुझाव को अमल में लेने से पहले किसी विशेषज्ञ/डॉक्टर से परामर्श जरूर लें।)
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लेखक: (कीर्ति)
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Papad Ki Sabji: राजस्थान की मशहूर पापड़ की सब्जी घर पर बनाएं, स्वाद ऐसा कि दाल-बाटी भी लगेगी फीकी!
Papad Ki Sabji: राजस्थानी खाने की बात हो और उसमें चटपटे स्वाद वाली पापड़ की सब्जी का जिक्र न हो, ऐसा भला कैसे हो सकता है? कम सामग्री में तैयार होने वाली यह सब्जी राजस्थान के पारंपरिक खान-पान की खास पहचान है। जब घर में सब्जियां कम हों और कुछ झटपट, स्वादिष्ट और अलग बनाना हो, तब पापड़ की सब्जी बेहतरीन विकल्प बन सकती है। खट्टे-मीठे और मसालेदार ग्रेवी में नरम पापड़ का स्वाद खाने को खास बना देता है।
इस सब्जी की खासियत यह है कि इसे बनाने में ज्यादा मेहनत या लंबी तैयारी की जरूरत नहीं पड़ती। दही, बेसन, टमाटर और कुछ मसालों से तैयार होने वाली इसकी ग्रेवी बेहद स्वादिष्ट होती है। इसे रोटी, पराठे, बाजरे की रोटी या चावल के साथ परोसा जा सकता है। आइए जानते हैं घर पर राजस्थानी अंदाज में पापड़ की सब्जी बनाने का आसान तरीका।
पापड़ की सब्जी के लिए सामग्री
- 4-5 उड़द या मूंग के पापड़
- 1 कप फेंटा हुआ दही
- 1 बड़ा चम्मच बेसन
- 1-2 हरी मिर्च बारीक कटी हुई
- 1 छोटा चम्मच जीरा
- 1 चुटकी हींग
- 1 छोटा चम्मच लाल मिर्च पाउडर
- 1/2 छोटा चम्मच हल्दी
- 1 छोटा चम्मच धनिया पाउडर
- 1/2 छोटा चम्मच गरम मसाला
- 1 छोटा चम्मच अमचूर या थोड़ा सा नींबू रस
- 1 बड़ा चम्मच तेल या घी
- नमक स्वादानुसार
- 1 से 11/2 कप पानी
- बारीक कटा हरा धनिया
पापड़ की सब्जी बनाने का तरीका
सबसे पहले तैयार करें पापड़
पापड़ की सब्जी बनाने के लिए सबसे पहले पापड़ों को हल्का सेंक लें। आप इन्हें तवे पर बिना तेल के भून सकते हैं या फिर हल्का सा तेल लगाकर सेंक सकते हैं। पापड़ को बहुत ज्यादा न भूनें, क्योंकि बाद में ग्रेवी में डालने पर वे टूट सकते हैं। सेंके हुए पापड़ों को हाथ से मध्यम आकार के टुकड़ों में तोड़कर अलग रख दें।
दही और बेसन की ग्रेवी बनाएं
एक बर्तन में दही और बेसन डालकर अच्छी तरह फेंट लें। ध्यान रखें कि इसमें गांठें न रहें। अब इसमें हल्दी, धनिया पाउडर और थोड़ा नमक डालकर दोबारा मिला लें।
एक कड़ाही में तेल या घी गर्म करें। इसमें जीरा और हींग डालें। जीरा चटकने लगे तो हरी मिर्च डालकर कुछ सेकंड भूनें। अब गैस की आंच धीमी करके दही-बेसन का मिश्रण धीरे-धीरे डालें और लगातार चलाते रहें। ऐसा करने से दही फटने की संभावना कम होती है।
ऐसे तैयार करें राजस्थानी ग्रेवी
दही का मिश्रण डालने के बाद इसमें करीब एक से डेढ़ कप पानी डालें और अच्छी तरह मिलाएं। अब धीमी-मध्यम आंच पर ग्रेवी को उबलने दें। इसमें लाल मिर्च पाउडर और जरूरत के अनुसार नमक डालें। ग्रेवी को कुछ मिनट पकाएं, ताकि बेसन अच्छी तरह पक जाए और कच्चापन खत्म हो जाए।
अगर आपको हल्का खट्टा-मीठा स्वाद पसंद है तो इस स्टेज पर थोड़ा अमचूर या नींबू का रस डाल सकते हैं। कुछ लोग स्वाद बढ़ाने के लिए थोड़ी सी कसूरी मेथी भी डालते हैं।
आखिर में डालें पापड़
अब सेंके हुए पापड़ के टुकड़ों को तैयार ग्रेवी में डाल दें। इन्हें डालने के बाद बहुत ज्यादा देर तक न पकाएं, क्योंकि पापड़ जल्दी नरम हो जाते हैं। सिर्फ 1-2 मिनट धीमी आंच पर पकाकर गैस बंद कर दें।
ऊपर से हरा धनिया डालकर गर्मागर्म परोसें। राजस्थानी पापड़ की सब्जी को बाजरे की रोटी, फुल्के, पराठे या सादे चावल के साथ खाया जा सकता है।
स्वाद बढ़ाने के आसान टिप्स
दही हमेशा अच्छी तरह फेंटा हुआ इस्तेमाल करें और ग्रेवी बनाते समय आंच बहुत तेज न रखें। पापड़ को परोसने से थोड़ी देर पहले ही डालें, ताकि उनका स्वाद और हल्का कुरकुरा टेक्सचर बरकरार रहे। ग्रेवी बहुत गाढ़ी हो जाए तो थोड़ा गर्म पानी मिलाया जा सकता है। अधिक तीखा स्वाद पसंद हो तो हरी मिर्च की मात्रा बढ़ाई जा सकती है।
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