UP में STF की नजर में होंगे परीक्षा केंद्र, पेपर लीक रोकने को पहले होगा सिक्योरिटी ऑडिट
UP STF Centre Audit: उत्तर प्रदेश सरकार प्रतियोगी परीक्षाओं में नकल और पेपर लीक रोकने के लिए कड़े कदम उठा रही है. अब किसी भी परीक्षा केंद्र को मंजूरी देने से पहले STF उसकी पूरी पड़ताल करेगी, जिसमें सुरक्षा से लेकर संचालक और कर्मचारियों के रिकॉर्ड तक खंगाले जाएंगे.
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फूलों से लेकर इंटीमेट सीन तक: बॉलीवुड में ऐसे बदला प्यार दिखाने का तरीका, अब नए अंदाज में लौट रही हैं रोमांटिक कहानियां
बॉलीवुड में प्यार हमेशा से फिल्मों का अहम हिस्सा रहा है। कभी हीरो-हीरोइन के बीच प्यार दिखाने के लिए दो फूलों को करीब आते दिखाया जाता था, तो अब फिल्मों में किसिंग और इंटीमेट सीन भी आम हैं। लेकिन बदलाव सिर्फ इतना नहीं है।
आज की लव स्टोरीज में प्यार के साथ रिश्तों की उलझन, अलग सोच, परिवार और बदलती जिंदगी भी दिखाई जा रही है। यश और कियारा आडवाणी की ‘टॉक्सिक’ के गाने ‘तबाही’ के इंटीमेट सीन को लेकर हुई चर्चा ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया कि बॉलीवुड में रोमांस आखिर कितनी दूर आ गया है। अगर पुराने दौर से आज तक की फिल्मों को देखें, तो प्यार दिखाने का तरीका पूरी तरह बदल चुका है।
पहले प्यार का इशारा फूल करते थे
1960 के दशक में फिल्मों में रोमांस तो खूब था, लेकिन किसिंग सीन दिखाना आसान नहीं था। इसलिए जब कहानी में हीरो-हीरोइन के करीब आने का मौका आता, तो कैमरा अक्सर फूलों पर चला जाता था। दो फूलों का एक-दूसरे के करीब आना ही उस दौर में प्यार का इशारा समझा जाता था। दर्शक भी समझ जाते थे कि पर्दे पर क्या होने वाला है। लेकिन समय के साथ फिल्ममेकर्स ने इस तरीके से आगे बढ़ना शुरू किया।
‘मुगल-ए-आजम’ ने दिखाई नई राह
प्यार को पर्दे पर दिखाने के अलग-अलग तरीके पुराने समय से ही आजमाए जाते रहे हैं। ‘मुगल-ए-आजम’ में सलीम और अनारकली के बीच का मशहूर सीन इसका उदाहरण है। फिल्म में दिलीप कुमार और मधुबाला के किरदारों के बीच किस को सीधे दिखाने के बजाय एक पंख का इस्तेमाल किया गया था। सीन में प्यार भी था और उस समय की सीमाओं का भी ध्यान रखा गया था।
फिर फिल्मों में दिखने लगा लिप लॉक
इसके बाद हिंदी सिनेमा में किसिंग सीन धीरे-धीरे ज्यादा खुले तरीके से दिखाए जाने लगे। राज कपूर की ‘बॉबी’ और ‘सत्यम शिवम सुंदरम’ जैसी फिल्मों ने भी इस बदलाव में भूमिका निभाई। फिर 1980 और 1990 के दशक में आमिर खान की फिल्मों में भी किसिंग सीन देखने को मिले। ‘कयामत से कयामत तक’, ‘दिल’ और ‘राजा हिंदुस्तानी’ जैसी फिल्मों में रोमांस को पहले के मुकाबले ज्यादा खुलकर दिखाया गया। 2000 के दशक में इमरान हाशमी की फिल्मों ने तो किसिंग को लेकर बॉलीवुड में एक अलग ही पहचान बना दी।
आज रोमांस सिर्फ किस तक नहीं है
आज फिल्मों में रोमांस का मतलब सिर्फ हीरो-हीरोइन की प्रेम कहानी नहीं रह गया है। अब फिल्मों में रिश्तों की शुरुआत, ब्रेकअप, शादी के बाद की जिंदगी, परिवार की मुश्किलें और अलग-अलग सोच वाले लोगों के बीच प्यार जैसी कहानियां भी दिखाई जा रही हैं। यही वजह है कि आने वाले समय में कई ऐसी फिल्में आ रही हैं, जिनमें प्यार का अंदाज पहले से काफी अलग होगा।
'2 स्टेटस' और ‘परम सुंदरी’ में अलग संस्कृति का प्यार
आलिया भट्ट-अर्जुन कपूर की 2 स्टेटस और सिद्धार्थ मल्होत्रा-जाह्नवी कपूर की ‘परम सुंदरी’ में दो अलग संस्कृतियों से आने वाले लोगों की कहानी दिखाई जाएगी। फिल्म में एक पंजाबी लड़के और दक्षिण भारतीय लड़की के बीच प्यार को दिखाया गया है। यानी कहानी में सिर्फ रोमांस नहीं, बल्कि दोनों परिवारों और उनकी अलग-अलग सोच का मजेदार टकराव भी देखने को मिलेगा। यह उस तरह की लव स्टोरी है, जिसे बॉलीवुड पहले भी पसंद करता रहा है, लेकिन अब इसे नए अंदाज में पेश किया जा रहा है।
‘मेट्रो... इन दिनों’ में शहर वाला प्यार
अनुराग बसु की ‘मेट्रो... इन दिनों’ का रोमांस थोड़ा अलग है। यहां एक ही कपल की कहानी नहीं है। फिल्म में शहर में रहने वाले कई लोगों के रिश्तों और उनकी जिंदगी को दिखाया गया है। कहीं प्यार अधूरा है, कहीं पुराना रिश्ता दोबारा जुड़ रहा है और कहीं दो लोग अचानक एक-दूसरे की जिंदगी का हिस्सा बन जाते हैं। यानी आज का प्यार सिर्फ ‘हीरो मिला, प्यार हुआ और शादी हो गई’ वाली कहानी नहीं है।
नई जोड़ियां भी बदल रही हैं तस्वीर
बॉलीवुड में रोमांस की वापसी के साथ नई जोड़ियां भी देखने को मिल रही हैं। अनन्या पांडे-लक्ष्य की ‘चांद मेरा दिल’ और कार्तिक आर्यन-स्रीलीला की आने वाली फिल्म जैसे प्रोजेक्ट्स में नई जोड़ी और नए तरह के रिश्ते देखने को मिलेंगे। इन फिल्मों की कहानी आज की जिंदगी के हिसाब से आगे बढ़ेगी।
अब उम्र भी प्यार के बीच नहीं
रोमांस को सिर्फ युवा कपल तक सीमित रखने का चलन भी बदल रहा है। आर. माधवन और फातिमा सना शेख की ‘आप जैसा कोई’ जैसी फिल्में अलग उम्र के लोगों की कहानी दिखाने की कोशिश कर रही हैं। यहां प्यार सिर्फ कॉलेज या जवानी की कहानी नहीं है। फिल्म का फोकस इस बात पर है कि जिंदगी के किसी भी पड़ाव पर इंसान को प्यार और साथ की जरूरत हो सकती है।
बॉलीवुड में फिर लव स्टोरीज का चलन
पिछले कुछ सालों में बॉलीवुड में एक्शन और थ्रिलर फिल्मों का दबदबा रहा। बड़े स्टार, बड़े सेट के साथ-साथ जोरदार एक्शन वाली फिल्मों ने बॉक्स ऑफिस पर खूब जगह बनाई। लेकिन ‘रॉकी और रानी की प्रेम कहानी’ और ‘जरा हटके जरा बचके’ जैसी फिल्मों ने दिखाया कि दर्शक आज भी अच्छी लव स्टोरी देखना चाहते हैं। जिसमें उन्हें अपने रिश्तों और जिंदगी की कुछ झलक दिखाई दे।
‘टॉक्सिक’ ने फिर छेड़ी बोल्ड रोमांस पर बहस
आज की फिल्म इंडस्ट्री में रोमांस को सिर्फ प्यार और गानों तक सीमित नहीं रखा जा रहा। ‘टॉक्सिक’ के ‘तबाही’ गाने में यश और कियारा आडवाणी के किरदारों के बीच दिखाए गए इंटीमेट सीन इसका उदाहरण हैं। ऐसे सीन अब फिल्मों में रिश्तों की नजदीकी दिखाने का एक तरीका बन गए हैं।
हालांकि, इन्हें लेकर दर्शकों की राय अलग-अलग है। कुछ लोगों को यह आज के समय की कहानी के हिसाब से सही लगता है, जबकि कुछ दर्शक मानते हैं कि रोमांस दिखाने के लिए कहानी और सीन के बीच संतुलन जरूरी है।
फूलों वाला प्यार अब बदल चुका है
बॉलीवुड का रोमांस अब काफी आगे निकल चुका है। कभी कैमरा दो फूलों पर रुक जाता था, फिर इशारों के जरिए प्यार दिखाया गया और बाद में लिप लॉक और इंटीमेट सीन फिल्मों का हिस्सा बन गए। लेकिन सबसे बड़ा बदलाव कहानी में आया है। आज फिल्मों में प्यार सिर्फ खूबसूरत जगहों और गानों तक सीमित नहीं है। अब इसमें करियर, परिवार, अलग संस्कृति, उम्र, ब्रेकअप और रिश्तों की असली परेशानियां भी शामिल हैं।
यानी बॉलीवुड का प्यार अब सिर्फ ‘सरसों के खेत’ वाला रोमांस नहीं रहा। अब यह बदलती जिंदगी के साथ बदल रहा है कभी इंटीमेट सीन के जरिए, तो कभी एक साधारण रिश्ते की उलझी हुई कहानी के जरिए।
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