विशाखापत्तनम: मांडविया, रक्षा खडसे ने 'ब्रिक्स फ्रेंडशिप साइकिलिंग इवेंट' का नेतृत्व किया
विशाखापत्तनम, 23 अगस्त (आईएएनएस)। केंद्रीय युवा मामले और खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया और युवा मामले और खेल राज्य मंत्री रक्षा खडसे ने रविवार को विशाखापत्तनम में ब्रिक्स फ्रेंडशिप साइकिलिंग इवेंट का नेतृत्व किया। यह फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल का 87वां संस्करण था। ब्रिक्स युवा और खेल मंत्रियों की बैठक के दौरान इस साइकिलिंग इवेंट का आयोजन किया गया था।
मिस्र, इथियोपिया, इंडोनेशिया, यूएई, ईरान और दक्षिण अफ्रीका के मंत्री और विभाग के हेड ने साइकिलिंग इवेंट में हिस्सा लिया। इसके माध्यम से ब्रिक्स देशों के बीच दोस्ती और सहयोग की भावना को दिखाया गया।
इस सप्ताह के फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल की थीम उन्नत भारत अभियान थी।
इस अवसर पर मनसुख मांडविया ने कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फिट इंडिया मूवमेंट पूरे देश में धीरे-धीरे फैल रहा है। युवाओं ने फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल के तहत देश भर में 18,000 से ज्यादा जगहों पर साइकिल चलाई है ताकि फिटनेस का संदेश फैलाया जा सके। साइकिल चलाने के कई फायदे हैं—यह एक बेहतरीन एक्सरसाइज है, ट्रैफिक जाम से निपटने में मदद करती है और प्रदूषण कम करने में मदद करती है। साइकिल चलाने से इंधन भी बचता है और विदेशी मुद्रा बचाने में मदद मिलती है। हम सभी को विकसित भारत बनाने के लिए फिट रहना होगा।
मांडविया ने कि एक स्वस्थ और खुशहाल समाज बनाने के लिए फिटनेस बहुत जरूरी है।
उन्होंने कहा, जब कोई इंसान फिट होता है, तो समाज स्वस्थ रहता है, और एक समाज समाज ही एक खुशहाल देश बना सकता है। पीएम मोदी ने भारत को एक विकसित देश बनाने का संकल्प लिया है। इस संकल्प को पूरा करने के लिए हम सभी को हर रविवार साइकिल चलाकर खुद को फिट रखना चाहिए।
ब्रिक्स फ्रेंडशिप साइकिलिंग इवेंट में हिस्सा लेने वाले मेहमानों ने फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल पहल की प्रशंसा की और डॉ. मांडविया को पूरे भारत में इस अभियान को पहुंचाने के लिए बधाई दी।
फिट इंडिया संडे ऑन साइकिल का 87वां एडिशन पूरे देश में आयोजित किया गया, जिसमें नई दिल्ली, लेह, कारगिल और पोर्ट ब्लेयर शामिल थे। प्रतिभागियों ने नशा मुक्त भारत की शपथ ली, जिससे नशे की लत से लड़ने और युवाओं में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने का उनकी प्रतिबद्धता सुनिश्चित हुई।
नई दिल्ली में, मशहूर मेजर ध्यानचंद नेशनल स्टेडियम में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया गया। सुबह 5:30 बजे से शुरू हुई फिटनेस गतिविधियों में 1,000 से ज्यादा लोगों ने हिस्सा लिया। गतिविधियों में योग, जुम्बा और रोप स्किपिंग शामिल थे। इसके बाद इंडिया गेट के चारों ओर 5 किलोमीटर की साइकिल रैली आयोजित की गई।
दिल्ली में आयोजित साइकिल रैली में इंडियन हैंडबॉल टीम के पूर्व कप्तान और कोच नवीन पुनिया और जुम्बा और डांस कोरियोग्राफर शिविका अश्विन ने विशेष अतिथि के रूप में हिस्सा लिया। कैरम, शतरंज, बैडमिंटन, रस्साकशी और एक बाधा दौड़ वाला एक खास गेम जोन भी बनाया गया था। इसमें 5 से 85 साल की उम्र के लोगों ने हिस्सा लिया।
फिट इंडिया संडेज ऑन साइकिल, फिट इंडिया मूवमेंट के तहत युवा मामले और खेल मंत्रालय की एक पहल है, जिसे साइकिलिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया (सीएफआई), राहगिरी फाउंडेशन और एमवाई भारत के साथ मिलकर आयोजित किया गया है।
यह साइकिलिंग ड्राइव सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक साथ आयोजित की जाती है, जिसमें साई क्षेत्रिय केंद्र, नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, साई ट्रेनिंग सेंटर, खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और खेलो इंडिया सेंटर शामिल हैं।
--आईएएनएस
पीएके
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लिस्बन पहुंचा आईएनएस सुदर्शिनी, दुनिया को दे रहा है दोस्ती का संदेश
भारतीय नौसेना का पाल प्रशिक्षण पोत आईएनएस सुदर्शिनी पुर्तगाल की राजधानी लिस्बन पहुंचा है. अपनी लंबी समुद्री यात्रा ‘लोकायन 2026’ के तहत तीन मस्तूलों वाला यह शानदार नौसैनिक पोत टैगस नदी से होते हुए लिस्बन पहुंचा. इस दौरान पारंपरिक नौकायन तथा समुद्री कौशल का प्रभावशाली प्रदर्शन किया.
7 महीने लंबी समुद्री यात्रा
नौसेना के मुताबिक लिस्बन, आईएनएस सुदर्शिनी की 7 महीने लंबी समुद्री यात्रा का 15वां बंदरगाह पड़ाव है. इतने लंबे समुद्री अभियान के दौरान यह पोत विभिन्न देशों के बंदरगाहों तक पहुंचकर भारत की समुद्री परंपरा, नौकायन कौशल और मित्रता का संदेश पहुंचा रहा है. तीन मस्तूलों और पारंपरिक पालों से सुसज्जित आईएनएस सुदर्शिनी को देखकर समुद्री यात्रा की पुरानी परंपराओं की झलक भी मिलती है.
आधुनिक नौसैनिक तकनीक के दौर में यह पोत प्रशिक्षु नौसैनिकों को समुद्र की परिस्थितियों को समझने, पारंपरिक नौकायन कौशल सीखने और चुनौतीपूर्ण समुद्री वातावरण में काम करने का व्यावहारिक अनुभव देता है. आईएनएस सुदर्शिनी की यह लिस्बन यात्रा काफी महत्वपूर्ण है. यह भारत और पुर्तगाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे समुद्री संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है.
विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होगा आईएनएस सुदर्शिनी
इस यात्रा के दौरान पोत पर तैनात नौसैनिक अधिकारी, चालक दल और प्रशिक्षण ले रहे कैडेट यहां पुर्तगाली नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों, स्थानीय प्रशासन तथा वहां रह रहे भारतीय समुदाय के साथ विभिन्न कार्यक्रमों में हिस्सा लेंगे. पुर्तगाल की इस यात्रा में पेशेवर अनुभवों का आदान-प्रदान किया जाएगा. दोनों नौसेनाओं के बीच जहाजों का पारस्परिक निरीक्षण और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे.
दोनों देशों के रिश्तों को मजबूत करने का संदेश
इन गतिविधियों का उद्देश्य दोनों देशों के नौसैनिकों के बीच आपसी समझ और सहयोग को बढ़ाना है. दरअसल ‘लोकायन 2026’ केवल एक प्रशिक्षण अभियान नहीं है, बल्कि इसके जरिए भारत दुनिया के विभिन्न देशों के साथ मित्रता, सहयोग और सौहार्द के रिश्तों को मजबूत करने का संदेश भी दे रहा है. लिस्बन में आईएनएस सुदर्शिनी की मौजूदगी भारत और पुर्तगाल के बीच समुद्री संपर्क की ऐतिहासिक विरासत को भी रेखांकित करती है.
भारतीय नौसेना का यह पाल पोत जहां एक ओर प्रशिक्षु नौसैनिकों को समुद्र की चुनौतियों के लिए तैयार कर रहा है, वहीं दूसरी ओर विभिन्न देशों में भारत की समुद्री विरासत और वसुधैव कुटुम्बकम् की भावना का संदेश भी पहुंचा रहा है. लोकायन 2026 के तहत आईएनएस सुदर्शिनी की यात्रा लगातार आगे बढ़ रही है और हर नया पड़ाव भारत की समुद्री मित्रता को दुनिया के नए हिस्सों तक पहुंचा रहा है.
स्रोत- आईएएनएस
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