Commerce Secretary का South America दौरा 24 अगस्त से, ब्राजील और चिली से व्यापार पर चर्चा
भारत अपनी व्यापार विविधीकरण रणनीति के तहत दक्षिण अमेरिका पर विशेष ध्यान दे रहा है। इस क्रम में चिली, अर्जेंटीना और ब्राजील को महत्वपूर्ण निर्यात बाजार के रूप में देखा जा रहा है। वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल 24 से 28 अगस्त तक इन देशों की यात्रा करेंगे।
एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। अग्रवाल अर्जेंटीना और ब्राजील में संयुक्त व्यापार बैठकों की अध्यक्षता करेंगे, जबकि चिली के साथ प्रस्तावित वृहद व्यापार समझौते की प्रगति की समीक्षा करेंगे। भारत और चिली के बीच व्यापार समझौते को व्यापक बनाने की बातचीत अंतिम चरण में पहुंच गई है।
दोनों देशों के बीच कुछ मुद्दे अभी लंबित हैं, जिनमें बाजार पहुंच और महत्वपूर्ण खनिज प्रमुख हैं। भारत और चिली ने 2006 में तरजीही व्यापार समझौता (पीटीए) लागू किया था और अब इसे वृहद आर्थिक साझेदारी समझौते (सीईपीए) में बदलने की दिशा में बातचीत चल रही है। प्रस्तावित सीईपीए में डिजिटल सेवाओं, निवेश प्रोत्साहन, सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (एमएसएमई) और महत्वपूर्ण खनिजों जैसे क्षेत्रों को शामिल करने की संभावना है।
चिली लातिनी अमेरिकी क्षेत्र में भारत का पांचवां सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। दोनों देशों के बीच अब तक चार दौर की वार्ता हो चुकी है, जिसका अंतिम दौर दिसंबर, 2025 में नयी दिल्ली में हुआ था। इस बीच, चिली में दिसंबर, 2025 के राष्ट्रपति चुनाव के बाद सरकार बदल गई है।
जोस एंतोनियो कास्त के नेतृत्व वाली नई सरकार ने 11 मार्च, 2026 को कार्यभार संभाला। इसके बाद अभी तक औपचारिक वार्ता नहीं हुई है। हालांकि, भारतीय अधिकारियों के अनुसार, नयी चिली सरकार समझौते को लेकर इच्छुक है और दोनों पक्ष लंबित मुद्दों का समाधान तलाश रहे हैं।
अर्जेंटीना और ब्राजील के साथ बातचीत में भारत-मर्कोसुर तरजीही व्यापार समझौते के विस्तार का मुद्दा भी प्रमुखता से उठ सकता है। मर्कोसुर में ब्राजील, अर्जेंटीना, उरुग्वे और पैराग्वे शामिल हैं। भारत-मर्कोसुर पीटीए एक जून, 2009 से लागू है और इसमें करीब 450 शुल्क लाइन ही शामिल हैं।
दोनों पक्ष अब इसके दायरे को व्यापक बनाने पर विचार कर रहे हैं। भारत और मर्कोसुर के बीच नए सिरे से बातचीत शुरू करने के लिए शर्तों को अंतिम रूप देने पर चर्चा जारी है। वाणिज्य सचिव की यात्रा के दौरान इस मुद्दे पर भी बातचीत होने की उम्मीद है।
भारत के लिए अर्जेंटीना और ब्राजील बड़े बाजार हैं और इन देशों में भारतीय मूल के लोगों की भी अच्छी संख्या है। विशेषज्ञों के अनुसार, दोनों देश चीन पर अपनी निर्भरता कम करने के विकल्प भी तलाश रहे हैं, जिससे भारत के लिए व्यापारिक अवसर बढ़ सकते हैं। भारत और ब्राजील के बीच बातचीत में विश्व व्यापार संगठन (डब्ल्यूटीओ) में चल रहा चीनी विवाद भी उठ सकता है।
ब्राजील ने भारत की गन्ना उत्पादकों को दी जाने वाली घरेलू सहायता और चीनी निर्यात से जुड़ी कुछ नीतियों पर सवाल उठाए हैं। भारत ने इन आरोपों को चुनौती देते हुए कहा है कि उसकी चीनी संबंधी नीतियां डब्ल्यूटीओ के तहत उसकी प्रतिबद्धताओं और अधिकारों के अनुरूप हैं। भारत और अर्जेंटीना के बीच 2025-26 में द्विपक्षीय व्यापार 25.5 प्रतिशत बढ़कर 5.96 अरब डॉलर हो गया।
इसमें भारत का निर्यात 1.01 अरब डॉलर और आयात 4.95 अरब डॉलर रहा। भारत और ब्राजील के बीच व्यापार 23.48 प्रतिशत बढ़कर 15 अरब डॉलर पर पहुंच गया। इसमें भारत का निर्यात करीब सात अरब डॉलर और आयात आठ अरब डॉलर रहा।
वहीं, भारत-चिली द्विपक्षीय व्यापार में सबसे तेज वृद्धि दर्ज की गई। 2025-26 में यह 66.45 प्रतिशत बढ़कर 6.25 अरब डॉलर हो गया। भारत ने चिली को 1.22 अरब डॉलर का निर्यात किया, जबकि 5.03 अरब डॉलर का आयात किया।
कुल मिलाकर, दक्षिण अमेरिका के साथ व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करना भारत की नए बाजारों की तलाश, निर्यात बढ़ाने और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में विविधता लाने की व्यापक रणनीति का अहम हिस्सा बनता जा रहा है।
Mahindra Scorpio Lifestyler पिकअप से वैश्विक निर्यात बढ़ाएगी कंपनी, नए बाजारों की तलाश
घरेलू वाहन विनिर्माता कंपनी महिंद्रा एंड महिंद्रा (एमएंडएम) अपने नए पिकअप वाहन ‘स्कॉर्पियो लाइफस्टाइलर’ के जरिये वैश्विक बाजार में अपनी मौजूदगी बढ़ाने की तैयारी कर रही है। कंपनी के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी -वाहन एवं कृषि क्षेत्र राजेश जेजुरिकर ने कहा कि इस पिकअप को दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, पश्चिम एशिया और लातिनी अमेरिका जैसे बाजारों में उतारने की योजना है। कंपनी ने हाल ही में ‘महिंद्रा स्कॉर्पियो लाइफस्टाइलर’ का अनावरण किया है।
यह वाहन भारत में अप्रैल, 2027 में बाजार में आएगा, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में इसे ‘महिंद्रा लाइफस्टाइलर’ नाम से पेश किया जाएगा। जेजुरिकर ने कहा कि लाइफस्टाइलर को वैश्विक बाजारों को ध्यान में रखकर बनाया गया है और यह कंपनी की वैश्विक विकास रणनीति का अहम हिस्सा है। उन्होंने कहा कि दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया, पश्चिम एशिया और लातिनी अमेरिका के अलावा दक्षिण-पूर्व एशियाई (आसियान) बाजारों में भी इस वाहन के लिए संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि कंपनी फिलहाल इंडोनेशिया को छोड़कर आसियान क्षेत्र के अन्य बाजारों में मौजूद नहीं है। ऐसे में नए उत्पादों के साथ इन बाजारों में प्रवेश करने की संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है। महिंद्रा की वित्त वर्ष 2025-26 के वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी के वाहन कारोबार का निर्यात 41,030 इकाई पर पहुंच गया, जो इससे पिछले वित्त वर्ष के 34,709 वाहन के मुकाबले 18.2 प्रतिशत अधिक है।
कंपनी ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, पश्चिम एशिया, अफ्रीका और दक्षिण अमेरिका जैसे बाजारों में अपने एसयूवी मॉडल निर्यात करती है। जेजुरिकर के मुताबिक, लाइफस्टाइलर की भारत में भी अच्छी संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि पिछले तीन से पांच वर्षों में ऐसे भारतीय ग्राहकों की संख्या बढ़ी है जो यात्रा, कैंपिंग और अन्य मनोरंजक गतिविधियों के लिए अपने साथ जरूरी सामान ले जाना पसंद करते हैं।
ऐसे ग्राहकों के लिए लाइफस्टाइलर एक उपयोगी विकल्प साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि कॉफी बागान के मालिक से लेकर दोस्तों और परिवार के साथ ‘कैंपिंग’ पर जाने वाले लोगों तक, इस तरह के वाहन के लिए नए ग्राहक वर्ग उभर रहे हैं। महिंद्रा के इलेक्ट्रिक वाहन कारोबार में भी तेज वृद्धि देखने को मिली है।
जेजुरिकर ने बताया कि पिछले 16-17 महीनों में कंपनी की कुल एसयूवी बिक्री में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी लगभग शून्य से बढ़कर 12 प्रतिशत हो गई है। इस वृद्धि में बीई 6, एक्सईवी 9ई और एक्सईवी 9एस जैसे मॉडलों की अहम भूमिका रही है।
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