4, 4, स्ट्राइक रेट 133 के पार... वैभव सूर्यवंशी ने नहीं बदला खेलने का अप्रोच, दलीप ट्रॉफी के पहले मैच में बनाए इतने रन
Vaibhav Sooryavanshi In Duleep Trophy: दलीप ट्रॉफी का आगाज हो चुका है, जिसमें पहला क्वार्टरफाइनल मैच ईस्ट जोन और नॉर्थ जोन के बीच बेंगलुरु के बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस ग्राउंड-2 पर खेला जा रहा है. इस मैच का सभी को बेसब्री से इंतजार था, क्योंकि हर कोई वैभव सूर्यवंशी को खेलते देखने के लिए उत्साहित था. ईस्ट जोन की ओर से ओपनिंग करने उतरे वैभव सूर्यवंशी बड़ी पारी नहीं खेल सके, लेकिन ये तो तय था कि उन्होंने अपना अप्रोच नहीं बदला... आइए जानते हैं वह कितने रन बनाकर आउट हुए.
UPDATE: Mr Kuldeep Yadav has not fully recovered from his viral illness.
— BCCI (@BCCI) August 23, 2026
He was unavailable for selection in the Playing XI for the second Test against Sri Lanka.
However, he can take the field as a concussion substitute, if required. #TeamIndia | #SLvIND
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अनुलोम-विलोम प्राणायाम कर खांसी से पाएं राहत, तनाव व चिंता कम करने में भी मददगार
नई दिल्ली, 23 अगस्त (आईएएनएस)। बारिश के मौसम में सर्दी-खांसी आम है। खांसी लगातार बनी रहे तो काफी परेशानी होती है। आमतौर पर लोग राहत के लिए दवाएं लेते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि अनुलोम-विलोम प्राणायाम से भी खांसी में आराम मिल सकता है? इसके अलावा यह एकाग्रता बढ़ाने और तनाव व चिंता को कम करने में भी मददगार है।
आयुष मंत्रालय के अनुसार, अनुलोम-विलोम प्राणायाम खांसी से जुड़ी समस्याओं में राहत दिला सकता है। मंत्रालय का कहना है कि नियमित अभ्यास से एकाग्रता और ऊर्जा बढ़ती है, साथ ही तनाव और चिंता का स्तर कम करने में मदद मिलती है। अभ्यास के दौरान कुछ समय गहरी सांस लेने और अपनी गति धीमी रखने पर ध्यान देना चाहिए। अनुलोम-विलोम के लिए बारी-बारी से दोनों नथुनों से सांस लें।
बीते दिन आयुष मंत्रालय की ओर से बदलते मौसम में होने वाली बीमारियों को नजरअंदाज न करने की चेतावनी दी गई थी। आयुष मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा था, मौसम बदलने से आपकी सेहत पर अनपेक्षित असर पड़ सकता है। ऐसे चेतावनी वाले संकेतों को नजरअंदाज न करें, जिनके लिए तुरंत मेडिकल मदद की जरूरत हो सकती है।
आयुष मंत्रालय की ओर से सोशल मीडिया पर बताया गया था, तेज बुखार के साथ उलझन, सांस लेने में तकलीफ, शरीर में पानी की भारी कमी या लगातार उल्टी होना ऐसे संकेत हैं जिनके लिए बिना देरी किए डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए। समय पर मेडिकल मदद मिलने से गंभीर समस्याओं से बचा जा सकता है और जान भी बचाई जा सकती है।
आयुष मंत्रालय की ओर से एक स्वस्थ हृदय के बारे में जानकारी साझा की गई थी। सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा गया था, एक स्वस्थ, अधिक संतुलित जीवन की कुंजी है। रक्तचाप, रक्त ग्लूकोज, रक्त लिपिड और शरीर के वजन के प्रति सचेत रहने से हृदय संबंधी जोखिम कारकों को जल्दी पहचानने में मदद मिल सकती है। जागरूकता, रोकथाम और स्वस्थ जीवन शैली विकल्पों के माध्यम से हृदय स्वास्थ्य की दिशा में सक्रिय कदम उठाएं।
--आईएएनएस
एसडी/एएस
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