Mumbai में Ganesh Idol ले जाते समय गिरी, 2 लोगों की मौत और बच्चों समेत 5 घायल
दक्षिण मुंबई में स्थापना के लिए ले जाई जा रही भगवान गणेश की विशाल प्रतिमा गिरने से दो लोगों की मौत हो गई और दो बच्चों समेत पांच अन्य घायल हो गए। स्थानीय अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों के अनुसार, हादसा शनिवार रात करीब 10 बजे भुलेश्वर के जय अंबे चौक स्थित कबूतरखाना के पास बलराम मर्चेंट रोड पर हुआ।
एक स्थानीय अधिकारी ने बताया कि प्रतिमा को भुलेश्वर ले जाया जा रहा था, तभी अचानक वह गिर गई। हादसे में घायल लोगों को तत्काल पास के अस्पतालों में ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान दो लोगों की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस, एम्बुलेंस सेवा और स्थानीय वार्ड कर्मचारी मौके पर पहुंच गए और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया।
अधिकारी ने बताया कि मृतकों की पहचान संकेत नावशे (33) और बृजेश हेमंत जोशी (30) के रूप में हुई है। अधिकारियों के अनुसार, घायलों में वैभव घेणंद (38), पवन चौरसिया (25), लावण्या गानर (पांच), दिव्या गानर (सात) और कुणाल काशिद (26) शामिल हैं। सभी का उपचार किया जा रहा है और उनकी हालत स्थिर बताई गई है।
दस दिवसीय गणेशोत्सव इस वर्ष 14 सितंबर से शुरू होगा। यह मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में मनाए जाने वाले सबसे बड़े वार्षिक त्योहारों में से एक है। उत्सव के दौरान भगवान गणेश की प्रतिमाएं पंडालों और घरों में स्थापित कर पूजा-अर्चना की जाती है।
मुंबई में हर साल भव्य शोभायात्राएं भी निकाली जाती हैं, जिनमें श्रद्धालु संगीत, ढोल-ताशों और बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के बीच विभिन्न पंडालों में भगवान गणेश की प्रतिमाएं लेकर पहुंचते हैं।
CEC Gyanesh Kumar दो दिवसीय UP दौरे पर लखनऊ में अफसरों और BLO से करेंगे संवाद
मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल 24 अगस्त को शुरू होने वाले दो दिनों के दौरे पर उत्तर प्रदेश आएगा। इस प्रतिनिधिमंडल में वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्त मनीष गर्ग, महानिदेशक (मीडिया) आशीष गोयल, महानिदेशक (आईटी) सीमा खन्ना और आयोग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा शनिवार को जारी एक बयान के मुताबिक मुख्य निर्वाचन आयुक्त की अगुवाई में होने वाले इस दो दिवसीय दौरे का मुख्य उद्देश्य जमीनी स्तर पर चुनावी प्रक्रिया को और मजबूत करना, युवाओं और भविष्य के मतदाताओं को चुनावी प्रणाली से जोड़ना, निर्वाचन से संबंधित जानकारी को बढ़ावा देना और बूथ स्तर के अधिकारियों के साथ बातचीत करके उनके अनुभवों और सुझावों को समझना है।
बयान के मुताबिक लखनऊ के कॉल्विन तालुकदार कॉलेज में शुरुआती शिक्षा लेने वाले मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार सोमवार 24 अगस्त की सुबह इसी कॉलेज के अवध ऑडिटोरियम में छात्रों के साथ एक संवादात्मक सत्र में भाग लेंगे। इसके अनुसार इसके बाद कुमार लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान के जुपिटर हॉल में चुनावी साक्षरता क्लब (ईएलसी) और निर्वाचन आयोग के डिजिटल मंच ईसीआईनेट पर आयोजित एक दिवसीय क्षेत्रीय सम्मेलन में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। अधिकारियों ने बताया कि चुनावी साक्षरता क्लब (ईएलसी) और ईसीआईनेट पर क्षेत्रीय सम्मेलन पूरे राज्य में तीन चरणों में लखनऊ, मेरठ और वाराणसी में आयोजित किए जाएंगे।
लखनऊ में आयोजित होने वाले पहले चरण में 20 जिलों लखनऊ, शाहजहांपुर, अयोध्या, बाराबंकी, सुल्तानपुर, अमेठी, गोंडा, बहराइच, मैनपुरी, कानपुर नगर, कानपुर देहात, औरैया, इटावा, कन्नौज, प्रतापगढ़, हरदोई, खीरी, रायबरेली, सीतापुर और उन्नाव के उप जिला निर्वाचन अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक और मीडिया नोडल अधिकारी शामिल होंगे। भारत निर्वाचन आयोग ने व्यवस्थित मतदाता शिक्षा और चुनावी भागीदारी कार्यक्रम (स्वीप) के तहत 2018 में चुनावी साक्षरता क्लब (ईएलसी) शुरू किए थे। इसका उद्देश्य छात्रों और युवा नागरिकों को लोकतांत्रिक मूल्यों, चुनावी प्रक्रिया और चुनाव आयोग की भूमिका व कामकाज से परिचित कराना था।
अधिकारियों ने बताया कि सूचना और संचार के बदलते परिदृश्य और युवाओं की बढ़ती डिजिटल भागीदारी को देखते हुए, ईएलसी कार्यक्रम को अब ईएलसी 2.0 के रूप में फिर से तैयार किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसका उद्देश्य स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में ईएलसी क्लबों को ऐसे मंच के तौर पर विकसित करना है जो साल भर सक्रिय रहें, जिनमें व्यावहारिक अनुभव मिले और जो डिजिटल रूप से सक्षम हों। मुख्य निर्वाचन आयुक्त अपनी यात्रा के दूसरे दिन 25 अगस्त को लखनऊ के इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में लखनऊ और आस-पास के ज़िलों के लगभग 500 बूथ स्तरीय अधिकारियों (बीएलओ) के साथ सीधे बातचीत करेंगे।
उत्तर प्रदेश के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने बताया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त के नेतृत्व में आयोग का यह दो दिवसीय कार्यक्रम छात्रों और भविष्य के मतदाताओं को चुनावी प्रक्रिया की व्यावहारिक समझ हासिल करने का मौका देगा। उन्होंने बताया कि इसके अलावा यह बूथ स्तरीय अधिकारियों के जमीनी अनुभवों और सुझावों का इस्तेमाल करके चुनावी प्रक्रिया को ज्यादा असरदार, सुलभ और पारदर्शी बनाने के मकसद से सार्थक बातचीत के लिए एक प्लेटफॉर्म के तौर पर भी काम करता है। रिणवा ने बयान में कहा कि बाद के चरणों में पूरे राज्य में ईएलसी और ईसीआईनेट पर इसी तरह की क्षेत्रीय कॉन्फ़्रेंस आयोजित की जाएंगी।
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