Mumbai Ganpati idol Accident: राजधानी में बड़ा हादसा, देखते ही देखते जमीन पर गिरी बप्पा की विशाल प्रतिमा, मची भगदड़… इतने लोगों की मौत
Mumbai Ganpati idol Accident: राजधानी में बड़ा हादसा, देखते ही देखते जमीन पर गिरी बप्पा की विशाल प्रतिमा, मची भगदड़... इतने लोगों की मौतट्रम्प ने होर्मुज को फिर अमेरिकी इलाका बताया:ईरान बोला- दावा हकीकत से दूर, रेजाई ने अमेरिका पर बातचीत और वादे तोड़ने का आरोप लगाया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फिर एक तस्वीर शेयर की, जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को ‘अमेरिकी इलाका’ बताया गया है। ईरान ने इस दावे को हकीकत से दूर बताया है। ट्रम्प ने पहली बार यही तस्वीर 18 अगस्त को शेयर की थी। इससे पहले 14 अगस्त को लॉन्ग आइलैंड की पुलिस अकादमी में उन्होंने कहा था, “बहुत जल्द मैं होर्मुज जलडमरूमध्य को अमेरिका का इलाका घोषित करूंगा।” यह बयान ऐसे समय आया है, जब संघर्ष छह महीने पूरे होने के करीब है। ट्रम्प ने ईरान के खिलाफ “अभूतपूर्व आर्थिक युद्ध और अलगाव” का नया अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। अमेरिका ने आर्थिक दबाव बढ़ाने की रणनीति अपनाई इस अभियान को “इकोनॉमिक डी-डे” नाम दिया गया है। इसका मकसद ईरान के बचे हुए आर्थिक सहारे पूरी तरह खत्म करना है। अमेरिका ने अपनी रणनीति सीधे सैन्य संघर्ष से हटाकर ईरान पर आर्थिक दबाव और उसे अलग-थलग करने की ओर कर दी है। ईरान के सुरक्षा अधिकारी बोले- कूटनीतिक तरीके में बदलाव जरूरी ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव मोहसेन रेजाई ने कहा कि अमेरिका के वादों से पीछे हटने के बाद ईरान के कूटनीतिक व्यवहार में सुधार जरूरी है। ईरान के राष्ट्रीय टीवी पर प्रसारित इंटरव्यू में उन्होंने अमेरिका के साथ ईरान के कूटनीतिक व्यवहार में बदलाव की जरूरत बताई। रेजाई ने कहा, “पूरी दुनिया ईरान को एक नए नजरिए से देख रही है।” उन्होंने कहा, “कई बातचीत और अमेरिका की ओर से वादा तोड़े जाने के बाद, दुनिया के साथ इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के कूटनीतिक व्यवहार में सुधार होना चाहिए।” रेजाई ने आगे कहा, “युद्ध के तरीके में निश्चित रूप से बदलाव आएगा। अमेरिकियों ने बातचीत, कूटनीति और अपने हस्ताक्षर के साथ विश्वासघात किया है।” पेजेश्कियन बोले- मजबूत स्थिति में युद्ध खत्म करना सही इस्लामिक एसोसिएशन ऑफ ईरानियन मेडिकल कम्युनिटी की 31वीं आम सभा में पेजेश्कियन ने समझौता ज्ञापन (MoU) को “सम्मानजनक और मूल्यवान” बताया। उन्होंने कहा कि यह समझौता सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल में एकता के जरिए हुआ था। इसमें शामिल सभी लोगों ने मजबूती से इसका समर्थन किया था। पेजेश्कियन ने कहा कि ईरान के मजबूत और ताकतवर रहते हुए युद्ध खत्म करना सही रास्ता था। उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया ने ईरान की जीत को पहचाना है। उनके मुताबिक, नियमों का उल्लंघन कर स्कूलों, अस्पतालों और बुनियादी ढांचे पर हमला करने के कारण दुनिया अमेरिका को “नफरत के लायक” मानती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि ईरान कभी आक्रामकता के सामने झुकेगा। पेजेश्कियन ने कहा, “हम कभी दबाव के आगे नहीं झुकेंगे। हम अपनी आखिरी सांस तक खड़े रहेंगे और करारा जवाब देंगे।”
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