Giridih में BJP Protest के दौरान पुलिस से झड़प, 15 कार्यकर्ता हिरासत में लिए गए
झारखंड के गिरिडीह में शनिवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला फूंकने की कोशिश करते समय भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प हो गई। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भाजपा के 15 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया, जबकि करीब 90 अन्य कार्यकर्ताओं ने गिरफ्तारी दी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नगर इकाई के अध्यक्ष रंजीत राय के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का पुतला लेकर नगर थाना क्षेत्र में झंडा ग्राउंड से टावर चौक तक जुलूस निकाला। भाजपा कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उनसे पुतला छीन लिया, जिसके बाद झड़प हो गई। गिरिडीह के अनुमंडल दंडाधिकारी धीरेंद्र कुमार ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “हमने 15 लोगों को हिरासत में लिया।
बाद में करीब 90 लोगों ने गिरफ्तारी दी। हालांकि, उन्हें बाद में छोड़ दिया गया।” बाद में कुछ कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री की तस्वीर वाला एक अन्य पुतला टावर चौक के पास फूंक दिया। एक अन्य पुतला गिरिडीह सदर अस्पताल के पास फूंका गया।
राय ने बताया कि शुक्रवार को गिरिडीह में झामुमो कार्यकर्ताओं द्वारा छात्रों की कथित पिटाई के विरोध में पुतला फूंककर प्रदर्शन किया गया था। इस बीच, शुक्रवार को हजारीबाग जिले में सैकड़ों छात्रों ने पुलिस के कथित लाठीचार्ज के विरोध में ‘मौन जुलूस’ निकाला। गांधी मैदान से शुरू हुआ जुलूस जिला मोड़ पर समाप्त हुआ।
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पुलिसकर्मियों को गुलाब के फूल दिए। एक प्रदर्शनकारी ने कहा, “गुलाब देने का उद्देश्य यह संदेश देना था कि पुलिस लाठीचार्ज करे या पानी की बौछार करे, फिर भी हमारा प्रदर्शन जारी रहेगा।
Tamil Nadu: छात्र प्रदर्शन पर Circular जारी करने वाली संयुक्त निदेशक से मांगा स्पष्टीकरण
तमिलनाडु में डायरेक्टोरेट आफ कॉलेजिएट एजुकेशन ने शनिवार को संयुक्त निदेशक पी. सिंतिया सेल्वी से एक विवादित परिपत्र जारी करने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा। इस परिपत्र में पूर्व विभागीय मंजूरी के बिना राजनीतिक प्रदर्शनों में भाग लेने वाले छात्रों की जानकारी एकत्र करने का निर्देश दिया गया था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
इस बीच, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने राज्य के सभी जिला मुख्यालयों और शैक्षणिक केंद्रों पर प्रदर्शन किए और आरोप लगाया कि सरकार निचले स्तर के अधिकारियों को ‘‘बलि का बकरा’’ बनाकर इस मुद्दे को दबाने की कोशिश कर रही है। सूत्रों ने बताया कि कॉलेजिएट एजुकेशन आयुक्त पी. पोनैया ने नोटिस जारी करके सेल्वी को एक सप्ताह के भीतर औपचारिक जवाब देने का निर्देश दिया है। उनसे स्पष्ट करने को कहा गया है कि राज्य संचालित संस्थानों को भेजा गया परिपत्र किन परिस्थितियों में तैयार और जारी किया गया।
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