Tamil Nadu: छात्र प्रदर्शन पर Circular जारी करने वाली संयुक्त निदेशक से मांगा स्पष्टीकरण
तमिलनाडु में डायरेक्टोरेट आफ कॉलेजिएट एजुकेशन ने शनिवार को संयुक्त निदेशक पी. सिंतिया सेल्वी से एक विवादित परिपत्र जारी करने के संबंध में स्पष्टीकरण मांगा। इस परिपत्र में पूर्व विभागीय मंजूरी के बिना राजनीतिक प्रदर्शनों में भाग लेने वाले छात्रों की जानकारी एकत्र करने का निर्देश दिया गया था। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
इस बीच, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने राज्य के सभी जिला मुख्यालयों और शैक्षणिक केंद्रों पर प्रदर्शन किए और आरोप लगाया कि सरकार निचले स्तर के अधिकारियों को ‘‘बलि का बकरा’’ बनाकर इस मुद्दे को दबाने की कोशिश कर रही है। सूत्रों ने बताया कि कॉलेजिएट एजुकेशन आयुक्त पी. पोनैया ने नोटिस जारी करके सेल्वी को एक सप्ताह के भीतर औपचारिक जवाब देने का निर्देश दिया है। उनसे स्पष्ट करने को कहा गया है कि राज्य संचालित संस्थानों को भेजा गया परिपत्र किन परिस्थितियों में तैयार और जारी किया गया।
Chester Hills मामले में हाईकोर्ट जज से जांच नहीं, Himachal सरकार का जवाब
हिमाचल प्रदेश सरकार ने शनिवार को विधानसभा को बताया कि ‘चेस्टर हिल’ मामले की जांच उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश की निगरानी में नहीं कराई जाएगी, क्योंकि इस मामले की कार्यवाही सोलन जिला कलेक्टर की अदालत में पहले से चल रही है। राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के धर्मशाला से विधायक सुधीर शर्मा के सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी। यह मामला सोलन जिले में हुए “अवैध” जमीन सौदों से संबंधित है।
आरोप है कि रियल एस्टेट माफिया और वरिष्ठ नौकरशाहों के बीच सांठगांठ के चलते ‘हिमाचल प्रदेश काश्तकारी एवं भूमि सुधार कानून, 1972 की धारा 118 का कथित उल्लंघन हुआ और जमीन पर अवैध कब्जे किए गए। धारा 118 के तहत गैर-हिमाचल निवासियों द्वारा बिना पूर्व अनुमति के जमीन खरीदने पर प्रतिबंध है। शर्मा ने ‘चेस्टर हिल’ आवासीय परियोजना में भ्रष्टाचार के आरोपों पर की गई कार्रवाई के बारे में सरकार से जानकारी मांगी थी।
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