वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप फाइनल आज:चीन के पास 3 गोल्ड जीतने का मौका; फ्रांस और साउथ कोरिया भी 2 फाइनल खेलेंगे
वर्ल्ड बैडमिंटन चैंपियनशिप के फाइनल मुकाबले आज खेले जाएंगे। नई दिल्ली में हो रहे इस इवेंट में चीन 3 गोल्ड मेडल जीत सकता है। फेंग यान झे और हुआंग डोंग पिंग की जोड़ी मिक्स्ड डबल्स में खेलेगी। लियू शेंग शु और टैन निंग विमेंस डबल्स के फाइनल में उतरेंगी। मेंस सिंगल्स में भी चीन फाइनल खेलेगा। फ्रांस और साउथ कोरिया के पास भी अलग-अलग इवेंट्स में 2 गोल्ड जीतने का मौका है। चीन की जोड़ी का मुकाबला साउथ कोरिया से विमेंस डबल्स में चीन की टॉप सीड लियू शेंग शु और टैन निंग का मुकाबला साउथ कोरिया की बेक हा ना और ली सो ही से होगा। मिक्स्ड डबल्स में टॉप सीड फेंग यान झे और हुआंग डोंग पिंग फ्रांस के थॉम गिकेल और डेलफिन डेलरू से भिड़ेंगे। लानियर मेंस सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाले पहले फ्रांसीसी फ्रांस के एलेक्स लानियर ने मेंस सिंगल्स ने इतिहास रचा है। वे वर्ल्ड चैंपियनशिप के मेंस सिंगल्स फाइनल में पहुंचने वाले पहले फ्रांसीसी खिलाड़ी बने हैं। सेमीफाइनल में उन्होंने कनाडा के विक्टर लाई को 16-21, 21-13, 21-14 से हराया था। फाइनल में उनका सामना जापान के कोडाई नाराओका से होगा। मिक्स्ड डबल्स में थॉम गिकेल और डेलफिन डेलरू की जोड़ी भी फाइनल में पहुंची है। यह वर्ल्ड चैंपियनशिप के इतिहास में फ्रांस की पहली मिक्स्ड डबल्स फाइनलिस्ट जोड़ी है। यामागुची के सामने एन से यंग विमेंस सिंगल्स के फाइनल में डिफेंडिंग चैंपियन जापान की अकाने यामागुची और साउथ कोरिया की एन से यंग आमने-सामने होंगी। यामागुची ने सेमीफाइनल में थाईलैंड की पोर्नपावी चोचुवोंग को 21-12, 21-17 से हराया था। अब उनकी नजर चौथे वर्ल्ड टाइटल पर है। भारत की ट्रीसा-गायत्री सेमीफाइनल से बाहर विमेंस डबल्स में भारत की ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद का सफर सेमीफाइनल में खत्म हुआ। उन्हें चीन की लियू शेंग शु और टैन निंग ने 18-21, 21-13, 21-8 से हराया। भारतीय जोड़ी ने पहला गेम जीतकर अच्छी शुरुआत की थी, लेकिन चीन की जोड़ी ने अगले दोनों गेम जीतकर फाइनल में जगह बना ली।
दलीप ट्रॉफी आज से, वैभव सूर्यवंशी खेलते दिखेंगे:ईस्ट जोन ने उपकप्तान बनाया; 63वें सीजन में 6 टीमों के बीच मैच
भारत का 2026-27 डोमेस्टिक क्रिकेट सीजन 23 अगस्त से दलीप ट्रॉफी के साथ शुरू होगा। यह टूर्नामेंट का 63वां सीजन है। इस बार सबसे ज्यादा चर्चा 15 साल के वैभव सूर्यवंशी की है। उन्हें ईस्ट जोन का उपकप्तान बनाया गया है। टी-20 में पहचान बना चुके वैभव को रेड बॉल क्रिकेट में अभी खुद को साबित करना है। दलीप ट्रॉफी में देश के अलग-अलग जोन की टीमें खेलती हैं। खिलाड़ी न्यूजीलैंड दौरे और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होम टेस्ट सीरीज के लिए दावेदारी पेश करेंगे। वैभव के लिए रेड बॉल का बड़ा टेस्ट वैभव ने पिछले एक साल में टी-20 क्रिकेट में शानदार परफॉर्मेंस किया है। उन्होंने IPL 2026 में सबसे ज्यादा 776 रन बनाए थे। इसके बाद उन्हें भारत की टी-20 टीम में जगह मिली। अब दलीप ट्रॉफी में उनकी नजर रेड बॉल क्रिकेट में बेहतर प्रदर्शन करने पर होगी। ईस्ट जोन की कप्तानी ईशान किशन करेंगे ईस्ट जोन ने वैभव को ईशान किशन का डिप्टी बनाया है। सिलेक्टर्स का कहना है कि इससे यह देखने में मदद मिलेगी कि वे अतिरिक्त जिम्मेदारी के प्रेश को कैसे संभालते हैं। ईस्ट जोन अपने अभियान की शुरुआत नॉर्थ ईस्ट जोन के खिलाफ करेगा। अगर टीम आगे बढ़ती है तो वैभव को अगले दो हफ्तों में कम से कम दो रेड बॉल मैच खेलने का मौका मिल सकता है। फाइनल तक पहुंचने पर यह संख्या तीन हो सकती है। प्लेयर ऑफ द सीरीज जीतने वाले यंगेस्ट प्लेयर बने थे वैभव हाल ही में जिम्बाब्वे के खिलाफ टी-20 सीरीज में प्लेयर ऑफ द सीरीज रहे थे। वे यह अवॉर्ड जीतने वाले दुनिया के यंगेस्ट प्लेयर बने थे। उन्होंने 3 मैचों में दो अर्धशतक की मदद से 151 रन बनाए थे। राजस्थान रॉयल्स के कैंप में तैयारी की जिम्बाब्वे से लौटने के बाद वैभव ने राजस्थान रॉयल्स के हाई परफॉर्मेंस सेंटर में दो हफ्ते रेड बॉल क्रिकेट की तैयारी की। यह कैंप विक्रम राठौर की निगरानी में हुआ। इसमें तकनीक, फिटनेस, वर्कलोड, रिकवरी और परफॉर्मेंस का एनालिसिस किया गया। उनके पुराने कोच मनीष ओझा ने भी तैयारी में मदद की। वैभव के लिए स्पिन खेलने और उछाल के खिलाफ बैकफुट पर खेलने की खास तैयारी कराई गई। अलग-अलग तरह की पिचों पर अभ्यास कराया गया। इन खिलाड़ियों पर भी नजर टेस्ट टीम के लिए रिजर्व ओपनर की रेस में अभिमन्यु ईश्वरन, आयुष पांडे, अमन मोकाड़े और वैभव सूर्यवंशी पर नजर रहेगी। पिछले रणजी सीजन में 950 रन बनाने वाले आर स्मरण भी अपनी दावेदारी मजबूत करना चाहेंगे। तेज गेंदबाजों में अर्शदीप सिंह और अंशुल कंबोज के प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी। अनुभवी खिलाड़ियों में मोहम्मद शमी और करुण नायर भी शामिल हैं। शमी ने 2025-26 रणजी सीजन में 7 मैचों में 37 विकेट लिए थे। दलीप ट्रॉफी का इतिहास दलीप ट्रॉफी की शुरुआत 1961-62 में हुई थी। इसका नाम पूर्व भारतीय क्रिकेटर कुमार श्री दलीपसिंहजी के नाम पर रखा गया है। यह फर्स्ट क्लास टूर्नामेंट है और लंबे समय तक जोनल फॉर्मेट में खेला जाता रहा है। बीच में इसका फॉर्मेट कई बार बदला। 2016 से 2019 तक BCCI ने इंडिया ब्लू, इंडिया ग्रीन और इंडिया रेड जैसी टीमों के साथ इसे कराया। 2022-23 में फिर जोनल फॉर्मेट लौट आया। 2024-25 में टूर्नामेंट चार टीमों के साथ खेला गया था। इंडिया-A, इंडिया-B, इंडिया-C और इंडिया-D ने हिस्सा लिया था। इसके बाद जोनल फॉर्मेट वापस आया। दलीप ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन वसीम जाफर ने बनाए दलीप ट्रॉफी में सबसे ज्यादा रन बनाने का रिकॉर्ड वसीम जाफर के नाम है। उन्होंने 2545 रन बनाए हैं। नरेंद्र हिरवानी ने सबसे ज्यादा 126 विकेट लिए हैं। सबसे बड़ी पारी का रिकॉर्ड रमन लांबा के नाम हैं, जिन्होंने 1987-88 में नॉर्थ जोन के लिए वेस्ट जोन के खिलाफ 320 रन बनाए थे। एक मैच में बेस्ट गेंदबाजी का रिकॉर्ड देबाशीष मोहंती के नाम है।
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