Haryana के Sanitation Workers की हड़ताल जारी, सरकार से बातचीत बेनतीजा
हरियाणा में सफाई कर्मचारियों की हड़ताल जारी रहेगी, क्योंकि राज्य सरकार और कर्मचारियों के संघ के बीच हुई वार्ता शनिवार को बेनतीजा रही। देर शाम जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि राज्य सरकार ने सैद्धांतिक रूप से कर्मचारियों की लगभग सभी मांगें मान ली हैं और यह भी कहा कि सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से आम लोगों को परेशानी हो रही है। सूत्रों के मुताबिक, सफाई कर्मचारियों को नियमित करने का मुख्य मुद्दा अब भी एक बड़ी बाधा बना हुआ है।
कुरुक्षेत्र में शनिवार को सफाई कर्मचारियों के प्रतिनिधियों और राज्य सरकार के बीच एक बैठक हुई। कर्मचारी संघ ने दो सप्ताह से अधिक समय से जारी हड़ताल समाप्त करने से इनकार कर दिया और कहा कि अब वह अपनी मांगों पर ठोस निर्णय के लिए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात करेंगे। आधिकारिक बयान के अनुसार, चर्चा का मुख्य मुद्दा नगरपालिका के वेतनमान पर काम करने वाले सफाई कर्मचारियों और अग्निशमन सेवा कर्मचारियों को नियमित करना है।
बयान में कहा गया है कि सरकार इस मामले पर कानूनी राय ले रही है। बयान के मुताबिक, सरकार इन कर्मचारियों को ‘हरियाणा संविदा कर्मचारी (सेवा सुरक्षा) अधिनियम, 2024’ के दायरे में लाने के लिए तैयार है, ताकि उन्हें नियमित कर्मचारियों के बराबर लाभ मिल सके। बयान में कहा गया है कि सरकार इन कर्मचारियों के लिए 60 साल की उम्र तक नौकरी की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी तैयार है।
इसमें कहा गया है कि सफाई कर्मचारियों को प्रतिमाह 2,000 रुपये का जोखिम भत्ता देने की सैद्धांतिक मंजूरी भी दे दी गई है। अनुकंपा के मामलों में, राशि को पांच लाख रुपये से बढ़ाकर 10 लाख रुपये करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी गई है, साथ ही मौत के मामले में 50 लाख रुपये और स्थायी विकलांगता के मामले में 25 लाख रुपये देने की मंजूरी भी दी गई है। बैठक में सरकार की ओर से मंत्री कृष्ण बेदी ने हिस्सा लिया, जबकि म्यूनिसिपल एम्प्लॉइज यूनियन हरियाणा और अन्य कर्मचारी संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारी वार्ता में शामिल हुए।
हड़ताल जारी रहने के कारण घर-घर से कचरा एकत्र करने और उसे उठाने का काम प्रभावित हुआ है। हरियाणा के कई हिस्सों में बाजारों और अन्य स्थानों पर कचरे के ढेर लग गए हैं। बैठक के बाद मंत्री कृष्ण बेदी ने संवाददाताओं से कहा कि सरकार ने सफाई कर्मचारियों के संघ के साथ विस्तृत बातचीत की है और काफी प्रगति हुई है।
बेदी ने कहा कि संघ की 14 मांगों में से 13 पर सरकार और संघ के बीच बातचीत के दौरान सहमति बन गई है। हालांकि, सफाई कर्मचारियों को नियमित करने की मांग पर सहमति नहीं बन सकी और यह दोनों पक्षों के बीच मुख्य मतभेद का मुद्दा बना रहा। मंत्री ने कहा कि सरकार बातचीत के जरिए इस मुद्दे का समाधान निकालना चाहती है।
नियमितीकरण के संबंध में बेदी ने कहा कि इस मामले में कानूनी पेचीदगियां हैं और अंतिम निर्णय लेने से पहले सरकार को उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालयों के फैसलों को ध्यान में रखना होगा। उन्होंने संकेत दिया कि लागू कानूनी प्रावधानों और अदालतों के फैसलों की समीक्षा किए बिना सरकार कोई प्रतिबद्धता नहीं जता सकती। बेदी ने कहा कि सरकार सफाई कर्मचारियों की चिंताओं के प्रति संवेदनशील है और बातचीत के जरिए समाधान निकालना चाहती है।
सरकार के 14 में से 13 मांगों के समाधान के दावे के बावजूद सफाई कर्मचारी संघ हड़ताल जारी रखने के अपने फैसले पर कायम है। कर्मचारियों के लिए नियमितीकरण और ठेका व्यवस्था समाप्त करना प्रमुख मुद्दे बने हुए हैं। बैठक से बाहर निकलने के बाद म्यूनिसिपल एम्प्लॉइज यूनियन हरियाणा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश शास्त्री ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों पर सरकार द्वारा ठोस निर्णय लिए जाने तक हड़ताल जारी रहेगी।
शास्त्री ने कहा कि संघ ने बैठक में सरकार के सामने अपनी सभी मांगें रखीं, लेकिन सफाई कर्मचारियों को नियमित करने की मांग पर कोई सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में सफाई कर्मचारियों का नियमितीकरण और ठेका व्यवस्था समाप्त करना शामिल है। शास्त्री के अनुसार, ठेका व्यवस्था सफाई कर्मचारियों के लिए गंभीर वित्तीय और प्रशासनिक समस्याएं पैदा कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई मामलों में कर्मचारियों को छह महीने तक वेतन के लिए इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अब संघ मुख्यमंत्री से मुलाकात करेगा और पूरा मामला उनके समक्ष रखेगा।
Amit Shah ने Siliguri Corridor की सुरक्षा समीक्षा की, पूर्वी सीमा पर निगरानी बढ़ाने पर जोर
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को पश्चिम बंगाल और केंद्रीय बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की। इस बैठक में देश की पूर्वी सीमाओं पर सुरक्षा का जायजा लिया गया और मुख्य रूप से सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
सिलीगुड़ी कॉरिडोर को ‘चिकन नेक’ भी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि बैठक का मुख्य मकसद सीमा पर निगरानी बढ़ाना, केंद्रीय सुरक्षा बलों, खुफिया एजेंसियों और राज्य पुलिस एवं प्रशासन के बीच तालमेल बेहतर करना तथा ‘ट्रायंगुलर सिक्योरिटी ग्रिड’ बनाने के लिए एक रूपरेखा तैयार करना था। अधिकारियों ने बताया कि भारतीय मूल के व्यक्तियों (पीआईओ) की गतिविधियों, जनसांख्यिकीय परिवर्तन, अवैध घुसपैठ और सीमा से जुड़े मामलों पर भी चर्चा की गई।
गृह मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में गृह मंत्रालय, सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, सेना, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) जैसे केंद्रीय और राज्य मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक भी शामिल हुए। बयान में कहा गया कि मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की मौजूदगी में हुई बैठक के दौरान मल्टी एजेंसी सेंटर (एमएसी) के तहत स्टैंडिंग फोकस ग्रुप ऑन सिलिगुड़ी कॉरिडोर (एसएफजी-एससी) ने अब तक हुई प्रगति और कॉरिडोर की सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए अपनी सिफारिशों पर प्रस्तुति दी। गृह मंत्री शाह के राज्य के दौरे के तीसरे और आखिरी दिन सिलीगुड़ी के पास सुकना में यह अहम चर्चा हुई।
बयान में कहा गया है, शाह ने सिलीगुड़ी कॉरिडोर में जारी उन सभी बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की स्थिति की भी समीक्षा की, जो इसकी सुरक्षा के लिए अहम हैं। उन्होंने पीआईओ गतिविधियों, जनसांख्यिकीय परिवर्तन, अवैध घुसपैठ और सीमा से जुड़े मामलों पर भी चर्चा की। ये बैठक इसलिए भी अहम थी क्योंकि सिलीगुड़ी नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के पास है और यहां से गुजरने वाला संकरा कॉरिडोर पूर्वोत्तर और देश के बाकी हिस्सों के बीच जमीन के रास्ते मुख्य संपर्क का काम करता है।
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