इंडिगो की वेबसाइट-एप पर टिकट बुकिंग में परेशानी:फ्लाइट्स का किराया और शेड्यूल नहीं शो हो रहा, वेब चेक-इन में दिक्कत
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की ऑनलाइन टिकट बुकिंग में परेशानी आ रही है। कुछ यात्रियों को एयरलाइन की वेबसाइट पर फ्लाइट खोजने या नई बुकिंग करने की कोशिश कर रहे यात्रियों को शेड्यूल और किराया नहीं दिख रहा। एयरलाइन ने कहा- सिस्टम में रुक-रुककर दिक्कत आ रही है। इससे कुछ कस्टमर्स को हमारी ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करने में दिक्कत हो सकती है। हमारी टीमें इस समस्या को जल्द से जल्द ठीक करने के लिए काम कर रही हैं। इंडिगो कस्टमर्स की 3 दिक्कतें… यात्रियों ने सोशल मीडिया पर शेयर की इमेज कुछ समय बाद बुकिंग, चेक-इन की सलाह इंडिगो ने यात्रियों से कुछ समय बाद डिजिटल चैनल दोबारा इस्तेमाल करने को कहा। इंडिगो ने कहा कि जिन ग्राहकों को तुरंत यात्रा संबंधी मदद चाहिए, वे कस्टमर्स सपोर्ट हेल्पलाइन से संपर्क करें। जिन कस्टमर्स की यात्रा बाद में है, वे कुछ समय बाद कोशिश करें। देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इंडिगो भारत की सबसे बड़ी बजट एयरलाइन है, जिसके पास घरेलू एविएशन मार्केट का 60% से अधिक हिस्सा है। रोजाना हजार से ज्यादा फ्लाइट्स ऑपरेट होती हैं। ये खबर भी पढ़ें… रुपए को गिरने से बचाने की जरूरत नहीं: PM सलाहकार बोले- मार्केट को तय करने दें करेंसी का स्तर, महंगाई-कंट्रोल करने पर ध्यान दे भारत प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य संजीव सान्याल ने कहा कि भारत को रुपए में गिरावट रोकने की कोशिश नहीं करनी चाहिए। इसके बजाय उसे मार्केट के हिसाब से अपना स्तर तय करने देना चाहिए। वहीं हमारा मुख्य फोकस महंगाई दर को कंट्रोल में रखने पर होना चाहिए। सान्याल ने कहा कि जब देश ने इन्फ्लेशन टारगेटिंग फ्रेमवर्क को अपनाया था, तब उसने करेंसी एक्सचेंज रेट के ऊपर मॉनेटरी पॉलिसी को चुना था। पूरी खबर पढ़ें…
जापान, कोरिया, चीन में पिकल्ड गार्लिक, स्टिंकी टोफू की एंट्री:आइसक्रीम बाजार में अनोखी जंग; कुल्फी चमकेगी, AI फ्रिज तय करेगा इनोवेशन की रेस
ब्रिटेन के बेडफोर्ड में दुनिया की सबसे बड़ी लिस्टेड आइसक्रीम कंपनी मैग्नम की रिसर्च लैब में अजीब सी पीली रोशनी टिमटिमा रही है। यह कोई प्रयोग नहीं, बल्कि इबीजा के क्लबर्स के लिए बनाई गई ‘ग्लो-इन-द-डार्क’ आइसक्रीम कुल्फी है। यह विटामिन-बी 2 की बदौलत यूवी लाइट में चमकती है। यह चमक सिर्फ मार्केटिंग गिमिक नहीं, बल्कि करीब 1 लाख करोड़ रुपए मार्केट कैप वाली कंपनी की एक खास रणनीति का हिस्सा है। यह कंपनी 5 साल से यूक्रेन युद्ध, कोविड महामारी और अब होर्मुज जल मार्ग जैसे संकट के बीच लगातार बढ़ती डेयरी, अंडे, कोको और कोल्ड-चेन एनर्जी की लागत से जूझ रही है। यूनिलीवर से अलग हुई इस कंपनी के पास मैग्नम, कॉर्नेटो, ट्विस्टर और सोलेरो जैसे बड़े ब्रांड हैं, लेकिन हैगन-डाज की मालिक फ्रोनेरी और बास्किन-रॉबिंस जैसे दिग्गजों के साथ-साथ छोटे आर्टिजन ब्रांड भी बाजार में मुकाबला कड़ा कर रहे हैं। ऐसे में टिके रहने का एक ही रास्ता है- लगातार इनोवेशन। मैग्नम दुनियाभर में करीब 30 लाख फ्रिज ऑपरेट करती है। इनमें से कई अब कैमरों से लैस हैं। ये कैमरे एआई की मदद से पहचानते हैं कि कौन-सी आइसक्रीम कितनी बिकी और फ्रिज कब खाली हो रहा है, ताकि सप्लाई चेन ज्यादा स्मार्ट बन सके। लेकिन असली इनोवेशन अब पश्चिम नहीं, एशिया से आ रही है। जापान, कोरिया और चीन में फ्लेवर एक्सपेरिमेंट चरम पर हैं- हैम, पिकल्ड गार्लिक, ताहिनी और यहां तक कि स्टिंकी टोफू और वोदका-फॉय ग्रा जैसे स्कूप बाजार में आ चुके हैं। चीन में आइसक्रीम अब सिर्फ गर्मियों की चीज नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल का हिस्सा बन चुकी है। इस होड़ में मैग्नम का एक रोबोट भी शामिल है। नाम है ‘एरिक’, जो 24 घंटे चॉकलेट कोटिंग की परफेक्ट मोटाई और क्रंच पर डेटा जुटाता रहता है, ताकि हर बाइट पहले जैसी ही स्वादिष्ट बनी रहे। हेल्थ एंगल अब आइसक्रीम सेगमेंट में भी मुनाफे का नया फॉर्मूला सेरेल बार और मिल्कशेक के बाद अब प्रोटीन आइसक्रीम के लिए भी नई डिमांड बन रही है। वजन घटाने वाली दवाओं (जैसे ओजेम्पिक) के बढ़ते चलन के बीच लोग ज्यादा पेट भरने वाले प्रोडक्ट्स की तलाश में हैं। अमेरिकी कंपनी डेविड प्रोटीन के 20 ग्राम प्रोटीन वाले बार्स की कीमत मैग्नम के यासो फ्रोजन योगर्ट बार्स से दोगुनी है, फिर भी बिक्री में तेजी बनी हुई है। इसका मतलब है कम खरीदारी, पर बेहतर क्वालिटी वाले प्रीमियम प्रोडक्ट्स की तरफ रुझान।
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