पाकिस्तान बोला- ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री प्रोपेगेंडा:इसमें सिर्फ भारत का पक्ष, हकीकत नहीं; 15 अगस्त को रिलीज हुई थी
ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री को लेकर पाकिस्तान ने नाराजगी जताई है। पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने डॉक्यूमेंट्री को प्रोपेगेंडा बताया। उन्होंने कहा कि फिल्म में घटनाओं को भारत के पक्ष में दिखाया गया है और इससे असली घटनाएं नहीं बदल सकतीं। अहमद शरीफ ने मंगलवार रात करीब 2 बजे सोशल मीडिया X पर यह बयान दिया। उन्होंने डॉक्यूमेंट्री को ‘ट्रैजेडी और कॉमेडी’ तक बताया। उनका आरोप है कि फिल्म में कुछ चुनिंदा इंटरव्यू, भावुक कहानी और फिल्मी अंदाज का इस्तेमाल किया गया है। ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री में क्या है, 6 पॉइंट्स में पढ़ें.… यह डॉक्यूमेंट्री दो पार्ट में है। इसका फोकस 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर के पीछे की प्लानिंग, वॉर-रूम के फैसले और सैन्य कार्रवाई पर है। इसे 15 अगस्त 2026 को Discovery चैनल पर रिलीज किया गया। 1. कहानी शुरू होती है 22 अप्रैल 2025 से पहलगाम की बैसरन घाटी में पर्यटक घूम रहे थे। अचानक गोलियां चलने लगीं। आतंकियों ने लोगों से नाम और धर्म पूछा, फिर हिंदू पर्यटकों को चुनकर निशाना बनाया। बचे हुए लोगों से आतंकियों ने कहा कि 'जाके मोदी को बोल दो, जो कर सकता है कर ले'। डॉक्यूमेंट्री में ये खुलासा NSA अजीत डोभाल करते हैं। 2. PM मोदी ने डोभाल से कहा- मुझे गुनहगारों के नाम चाहिए पहलगाम हमला हुआ, तो PM मोदी सऊदी अरब का दौरा बीच में ही छोड़कर लौट आए। उन्होंने एयरपोर्ट पर ही इमरजेंसी मीटिंग बुला ली। अजीत डोभाल से पहला सवाल पूछा- 'यह किसने किया? इस हमले का बॉस कौन है? मुझे तुरंत गुनहगारों के नाम चाहिए। डॉक्यूमेंट्री में डोभाल बताते हैं कि PM मोदी आमतौर पर बेहद शांत रहते हैं, लेकिन उस दिन बेहद गंभीर थे। उन्होंने साफ शब्दों में कहा- ‘हम आतंकियों के पीछे जाएंगे। चाहे वो जमीन में हों, आसमान में हों या पाताल में हों, जहां भी होंगे, हम उन्हें नहीं बख्शेंगे।’ 3. आतंकियों को तबाह करने के लिए वॉर रूम तैयार हुआ सैन्य अधिकारियों ने बताया कि हमारे निशाने पर पाकिस्तान की सेना नहीं, बल्कि 9 आतंकी हेडक्वार्टर्स थे। यहां जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े आतंकी रहते थे। थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने बताया कि PM मोदी ने इस मिशन को 'ऑपरेशन सिंदूर' नाम दिया। 4. भारत ने पाकिस्तान में घुसकर 100 से ज्यादा आतंकी मारे 6-7 मई की आधी रात भारतीय सेना ने पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए। यह पहली बार था जब भारत ने पाकिस्तान के इतने अंदर घुसकर बहावलपुर और मुरीदके जैसे बड़े आतंकी हेडक्वार्टर्स को निशाना बनाया। 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। 5. पाकिस्तान ने ऑपरेशन बुनियान अल-मरूस शुरू किया पाकिस्तान ने जवाबी कार्रवाई में 'ऑपरेशन बुनियान अल-मरसूस’ शुरू किया और F-16 , JF-17 विमानों को भारतीय ठिकानों की ओर भेजा। इंडियन एयरफोर्स ने जवाबी कार्रवाई की। नूर खान समेत कई एयरबेस, रडार और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। 11 मई 2025 की सुबह तक पाकिस्तान को समझ आ चुका था कि जंग और खिंची, तो उनका पूरा डिफेंस सिस्टम तबाह हो जाएगा। 6. पाकिस्तान घुटनों पर आया, जंग रोकने की गुहार लगाने लगा पाकिस्तानी सेना भले ही टीवी पर अपनी हार छुपा रही थी, लेकिन पर्दे के पीछे उनके विदेश मंत्री इशाक डार ने खुद कबूल किया कि ड्रोन्स ने उनके एयरबेस को भारी नुकसान पहुंचाया। 11 मई को दोपहर करीब 12 बजे दिल्ली के मिलिट्री हेडक्वार्टर में हॉटलाइन की घंटी बजी। पाकिस्तान के DGMO बेहद लाचार आवाज में भारतीय DGMO से तुरंत युद्ध रोकने की गुहार लगाते हैं। फिर भारत की एकतरफा और ऐतिहासिक जीत के साथ 88 घंटे का संघर्ष समाप्त होता है। पाकिस्तान बोला- सैन्य नाकामी को जीत बताया पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के नतीजे को अपनी जीत के तौर पर दिखाया है। उन्होंने कहा कि फिल्म में कहानी और वीडियो के जरिए सैन्य नाकामी को सफल ऑपरेशन बताया गया है। उनका कहना था कि फिल्म बनाने से उस समय हुई असली घटनाएं नहीं बदल सकतीं। अहमद शरीफ दावा किया कि भारत-पाकिस्तान के बीच हुए चार दिन के संघर्ष में उनकी सेना ने 8 भारतीय सैन्य विमान गिराए थे। हालांकि, भारत इन दावों को पहले ही नकार चुका है। सीजफायर पर भी पाकिस्तान ने सवाल उठाए पाकिस्तानी सेना ने कहा कि लड़ाई दोनों देशों के DGMO यानी सैन्य ऑपरेशन के प्रमुख अधिकारियों के बीच बातचीत के बाद रुकी थी। इसलिए इसे भारत की एकतरफा जीत बताना सही नहीं है। पाकिस्तान ने कहा कि डॉक्यूमेंट्री में एक तरफ भारत की बड़ी और सटीक सैन्य कार्रवाई की बात कही गई है, तो दूसरी तरफ यह भी कहा गया है कि भारत ने लड़ाई को सीमित रखा और पाकिस्तान को पीछे हटने का मौका दिया। पाकिस्तान ने इसे विरोधाभासी दावा बताया। पहलगाम हमले से ऑपरेशन सिंदूर तक 19 दिनों में क्या-क्या हुआ? 22 अप्रैल 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव तेजी से बढ़ा। 7 मई को भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत आतंकी ठिकानों पर हमला किया। इसके बाद दोनों देशों के बीच सैन्य संघर्ष बढ़ा और 10 मई को DGMO स्तर की बातचीत के बाद सीजफायर पर सहमति बनी। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें…. इमरान खान से बहन और पत्नी ने मुलाकात की:सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अडियाला जेल पहुंचीं; पूर्व PM अस्पताल शिफ्ट किए जाएंगे पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से उनकी बहन नोरीन नियाजी और पत्नी बुशरा बीबी ने अडियाला जेल में मुलाकात की। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह मुलाकात हुई। नोरीन 9 महीने बाद इमरान से मिलीं। पूरी खबर यहां पढ़ें…
ट्रम्प बोले- 2020 चुनाव में 24,000 गैर-नागरिकों ने वोट डाले:चुनाव में मेरी जीत हुई थी, धांधली रोकने के लिए कानून बनाऊंगा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने एक बार फिर दावा किया है कि 2020 के राष्ट्रपति चुनाव में धांधली हुई थी। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि मतदाता और नागरिकता रिकॉर्ड की जांच में 24 हजार से ज्यादा गैर-अमेरिकी नागरिकों के वोट डालने का पता चला है। ट्रम्प ने आगे कहा कि अमेरिकी जनगणना ब्यूरो मतदाता रिकॉर्ड और नागरिकता रिकॉर्ड का मिलान कर रहा है। अब तक 12.8 करोड़ मतदाताओं की जांच की जा चुकी है। अभी 3.2 करोड़ और मतदाताओं के रिकॉर्ड की जांच होनी बाकी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, अवैध मतदान के मामलों की संख्या और बढ़ सकती है। उन्होंने यह भी दावा किया कि 2020 के चुनाव में उनकी ही जीत हुई थी। ट्रम्प ने कहा कि चुनाव में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए वे ‘सेव अमेरिका एक्ट’ लाने वाले हैं। ट्रम्प क्यों उठा रहे हैं यह मुद्दा? अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग के लिए पहचान संबंधी जानकारी देनी होती है। हालांकि पूरे देश में एक जैसा नियम नहीं है। हर राज्य के अपने चुनावी नियम हैं। इसलिए वोट डालने के लिए मांगे जाने वाले दस्तावेज भी राज्य के हिसाब से बदलते हैं। वॉशिंगटन डीसी समेत 15 ऐसे राज्य हैं जहां वोट डालने के लिए फोटो आईडी जरूरी नहीं है। इनमें से ज्यादातर राज्य ऐसे हैं जहां चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत होती है। ट्रम्प और उनकी पार्टी के नेता का आरोप है कि जिन राज्यों में फोटो आईडी जरूरी नहीं है, वहां किसी और के नाम पर वोट डालने या गैर-नागरिकों के मतदान का खतरा रहता है। इसलिए वे सख्त पहचान और नागरिकता जांच की मांग कर रहे हैं। सेव अमेरिका ऐक्ट के लिए समर्थन जुटा रहे ट्रम्प डोनाल्ड ट्रम्प ने 24 हजार गैर-नागरिकों के कथित अवैध मतदान का मुद्दा ऐसे समय उठाया है, जब वह सेव अमेरिका ऐक्ट के लिए समर्थन जुटा रहे हैं। अगर ये कानून पास होता है तो वोटर रजिस्ट्रेशन के समय नागरिकता का प्रमाण देना अनिवार्य होगा। ट्रंप और उनके समर्थकों का कहना है कि इससे गैर-नागरिकों के मतदान पर रोक लगेगी और चुनावी प्रक्रिया ज्यादा सुरक्षित होगी। 2020 में राष्ट्रपति चुनाव हार गए थे ट्रम्प अमेरिका में 2020 का राष्ट्रपति चुनाव जो बाइडेन ने जीता था। उन्होंने तत्कालीन राष्ट्रपति ट्रम्प को हराया था। इस चुनाव में बाइडेन को 8.1 करोड़ वोट मिले, जबकि ट्रम्प को 7.4 करोड़ वोट मिले। इलेक्टोरल कॉलेज में बाइडेन को 306 वोट जबकि ट्रम्प को 232 वोट मिले। वहां राष्ट्रपति चुनाव का नतीजा इलेक्टोरल वोट से ही तय होता है। हर राज्य को उसकी आबादी और संसद में उसके प्रतिनिधित्व के आधार पर कुछ इलेक्टोरल वोट मिलते हैं। अमेरिका में सभी राज्यों को मिलाकर 538 इलेक्टोरल वोट हैं। राष्ट्रपति बनने के लिए किसी उम्मीदवार को 270 वोट चाहिए। उदाहरण के लिए, अगर किसी उम्मीदवार को किसी राज्य में सबसे ज्यादा वोट मिलते हैं, तो आम तौर पर उस राज्य के सभी इलेक्टोरल वोट उस उम्मीदवार को मिल जाते हैं। -------------------------- यह खबर भी पढ़ें… ट्रम्प बोले- अमेरिका में भारत जैसा चुनावी सिस्टम हो:हर भारतीय वोटर के पास फोटो ID अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मंगलवार को भारत की चुनाव व्यवस्था का हवाला देते हुए ‘सेव अमेरिका एक्ट’ को पास कराने की अपील की है। पूरी खबर पढ़ें…
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