पाकिस्तान में अक्टूबर से क्रिकेट का एक्शन तेज होने वाला है। पाकिस्तान, श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच तीन देशों की एकदिवसीय श्रृंखला खेली जाएगी, जिसे अगले साल होने वाले विश्व कप की तैयारी के लिहाज से अहम माना जा रहा है। तीनों टीमें पहले ही विश्व चैंपियन रह चुकी हैं और ऐसे में इस श्रृंखला में कड़ा मुकाबला देखने को मिल सकता है।
मौजूद जानकारी के मुताबिक, श्रृंखला की शुरुआत 18 अक्टूबर को रावलपिंडी में पाकिस्तान और श्रीलंका के मुकाबले से होगी। इसके बाद 20 अक्टूबर को पाकिस्तान और इंग्लैंड आमने-सामने होंगे। 22 अक्टूबर को श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच मुकाबला होगा। शुरुआती तीनों मैच रावलपिंडी क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे।
इसके बाद मुकाबले लाहौर पहुंचेंगे। 25 अक्टूबर को पाकिस्तान और इंग्लैंड, 27 अक्टूबर को पाकिस्तान और श्रीलंका तथा 29 अक्टूबर को श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच मुकाबला होगा। श्रृंखला का फाइनल 31 अक्टूबर को लाहौर के गद्दाफी स्टेडियम में खेला जाएगा।
गौरतलब है कि तीन देशों की यह श्रृंखला अगले साल होने वाले अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट विश्व कप की तैयारियों के लिहाज से महत्वपूर्ण होगी। टीमों के पास अपनी बल्लेबाजी और गेंदबाजी संयोजन को परखने के साथ-साथ युवा खिलाड़ियों को मौका देने का भी अवसर रहेगा।
एकदिवसीय श्रृंखला से पहले पाकिस्तान और श्रीलंका के बीच तीन मैचों की टी20 श्रृंखला भी खेली जाएगी। इसके मुकाबले 9, 11 और 13 अक्टूबर को रावलपिंडी में होंगे। दोनों टीमें इससे पहले 2026 के टी20 विश्व कप में भी आमने-सामने हुई थीं, जहां मुकाबला काफी रोमांचक रहा था।
इसके बाद दोनों देशों के बीच विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के तहत दो टेस्ट मैच खेले जाएंगे। पहला टेस्ट 9 से 13 नवंबर तक रावलपिंडी में होगा, जबकि दूसरा टेस्ट 17 से 21 नवंबर तक लाहौर में खेला जाएगा। इससे पहले 4 से 6 नवंबर तक इस्लामाबाद में तीन दिवसीय अभ्यास मुकाबला भी प्रस्तावित है।
विश्व टेस्ट चैंपियनशिप की मौजूदा स्थिति पर नजर डालें तो श्रीलंका छठे स्थान पर है, जबकि पाकिस्तान आठवें स्थान पर है। पाकिस्तान ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पिछली टेस्ट श्रृंखला 1-1 से बराबर की थी। वहीं श्रीलंका को भारत के खिलाफ मौजूदा दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला के पहले मुकाबले में गाले में 165 रन से हार का सामना करना पड़ा है।
बता दें कि पाकिस्तान इस समय इंग्लैंड के दौरे पर तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेल रहा है, जो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप का हिस्सा है। ऐसे में अक्टूबर-नवंबर का घरेलू कार्यक्रम पाकिस्तान के लिए लगातार क्रिकेट और अपनी टीम को मजबूत करने का बड़ा मौका होगा। श्रीलंका के लिए भी यह दौरा खास होगा, क्योंकि उसे भारत के खिलाफ मौजूदा चुनौती के बाद पाकिस्तान में तीनों प्रारूपों में खुद को साबित करना है।
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गाले में पहले टेस्ट में 165 रन से मिली हार के बाद श्रीलंका के सामने अब सीरीज बचाने की चुनौती है। भारत के खिलाफ विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के तहत खेली जा रही श्रृंखला का दूसरा मुकाबला 23 अगस्त से कोलंबो में शुरू होगा। हालांकि, इस अहम मैच से पहले श्रीलंकाई टीम को कई बड़े खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी का झटका लगा है।
श्रीलंका के मुख्य कोच क्रिस गेल्स्टन के मुताबिक, कुसल मेंडिस हैमस्ट्रिंग की गंभीर चोट से जूझ रहे हैं और कुछ समय तक टीम से बाहर रहेंगे। उनके अलावा पाथुम निसांका और दिनेश चांदीमल भी दूसरे टेस्ट के लिए उपलब्ध नहीं होंगे। ऐसे में श्रीलंका को अपनी बल्लेबाजी में नए चेहरों को मौका देना पड़ सकता है।
गेल्स्टन ने माना कि प्रमुख खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी टीम के लिए मुश्किल जरूर है, लेकिन इससे युवा खिलाड़ियों के लिए अपनी जगह बनाने का अच्छा अवसर भी पैदा हुआ है। उन्होंने कहा कि श्रीलंका में कई ऐसे युवा क्रिकेटर हैं, जिनका प्रथम श्रेणी क्रिकेट में अच्छा रिकॉर्ड है। अब उनके पास अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खुद को साबित करने का मौका होगा।
पहले टेस्ट में हार के बावजूद श्रीलंका के लिए कुछ सकारात्मक बातें भी सामने आई हैं। सोनाल दिनुषा ने दूसरी पारी में 84 रन की शानदार पारी खेली। इससे पहले उन्होंने पहली पारी में शतक लगाया था। उनकी बल्लेबाजी ने श्रीलंका को मुश्किल स्थिति से बाहर निकलने में मदद की और लंबे समय तक क्रीज पर टिककर खेलने की उनकी क्षमता की तारीफ हुई है।
गेल्स्टन ने दिनुषा के टेस्ट क्रिकेट के प्रति रवैये को खास तौर पर सराहा। उनका कहना है कि युवा खिलाड़ियों के लिए टेस्ट क्रिकेट की मानसिकता विकसित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि श्रीलंका में खिलाड़ियों को ज्यादा टेस्ट मैच खेलने का मौका नहीं मिलता। ऐसे में अगले छह महीनों में मिलने वाले छह टेस्ट मैच खिलाड़ियों को लंबे समय तक बल्लेबाजी करने और मैच पर असर डालने की समझ विकसित करने में मदद कर सकते हैं।
दूसरी तरफ, पहले टेस्ट में भारत की जीत में देवदत्त पडिक्कल की भूमिका बेहद अहम रही। उन्होंने दोनों पारियों में कुल 211 रन बनाए, जिसमें पहली पारी में खेली गई 167 रन की शानदार पारी भी शामिल थी। उनकी बल्लेबाजी ने भारत को शुरुआती बढ़त दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई।
श्रीलंकाई कोच ने पडिक्कल की पारी की भी जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पडिक्कल ने बिना जरूरत आक्रामक होने के बजाय अपनी क्षमता के मुताबिक बल्लेबाजी की और लंबे समय तक क्रीज पर टिके रहे। उनके मुताबिक, यह किसी भी टेस्ट बल्लेबाज के लिए सीखने वाली पारी है।
गौरतलब है कि पहले टेस्ट में श्रीलंका ने मुकाबले में वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन भारत ने पूरे मैच में अपनी पकड़ बनाए रखी और अंत में 165 रन से जीत दर्ज की। अब श्रीलंका की कोशिश दूसरे टेस्ट में वापसी कर श्रृंखला बराबर करने की होगी।
दूसरा टेस्ट 23 से 27 अगस्त तक कोलंबो के सिंहलीज स्पोर्ट्स क्लब क्रिकेट मैदान पर खेला जाएगा। वहीं, भारत की नजर लगातार दूसरी जीत के साथ श्रृंखला अपने नाम करने पर होगी। श्रीलंका के लिए युवा खिलाड़ियों का प्रदर्शन इस मुकाबले में बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है।
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