Kala Hiran movie: सलमान खान से जुड़े 'काला हिरण' विवाद में नया मोड़, सुप्रीम कोर्ट पहुंचे निर्माता अमित जानी, क्या है वजह?
Kala Hiran movie: सुपरस्टार सलमान खान से जुड़ी बताई जा रही फिल्म ‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ को लेकर चल रहा कानूनी विवाद अब सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। फिल्म के निर्माता अमित जानी ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है, जिसमें फिल्म के टीजर और उससे जुड़े प्रमोशनल कंटेंट को हटाने का निर्देश दिया गया था।
फिल्म को 1998 के काला हिरण शिकार मामले से प्रेरित बताया जा रहा है। इस मामले में अभिनेता सलमान खान का नाम सामने आया था। फिल्म के प्रमोशनल कंटेंट में कथित तौर पर सलमान से मिलते-जुलते संदर्भों को लेकर अभिनेता ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स के उल्लंघन का आरोप लगाया था।
Film producer Amit Jani has moved the Supreme Court against the Delhi High Court order directing the removal of the teaser and related promotional material for his film, Kala Hiran - The Battle For Legacy.
— ANI (@ANI) August 19, 2026
The High Court in an interim order in July 27 ordered the makers of the…
हाईकोर्ट के आदेश के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे अमित जानी
अमित जानी ने अपनी याचिका में दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश पर सवाल उठाते हुए कहा है कि प्रमोशनल सामग्री हटाने का निर्देश उनकी अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रभावित करता है।
निर्माता का तर्क है कि सार्वजनिक रिकॉर्ड और पहले से अदालतों में सामने आ चुके मामलों से जुड़े तथ्यों पर किसी एक व्यक्ति का एकाधिकार नहीं हो सकता। उनके मुताबिक, फिल्म के खिलाफ इस तरह की रोक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर अनुचित सेंसरशिप के समान है।
कोर्ट ने टीजर और प्रमोशनल लिंक हटाने को कहा था
सलमान खान की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने फिल्म के टीजर और ट्रेलर से जुड़े कई ऑनलाइन लिंक हटाने का निर्देश दिया था। इसके अलावा निर्माता अमित जानी के कुछ इंटरव्यू को भी हटाने का आदेश दिया गया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा और व्यक्तित्व अधिकारों की सुरक्षा को लेकर चिंता जाहिर की। अदालत की टिप्पणियों में फिल्म के कथित तौर पर सलमान खान से जुड़े संदर्भों का भी जिक्र किया गया। हाईकोर्ट ने संकेत दिया था कि मामले पर विस्तृत आदेश बाद में जारी किया जाएगा।
निर्माता ने लगाया सेंसरशिप का आरोप
अमित जानी का कहना है कि हाईकोर्ट ने उनकी कानूनी टीम को अपना पक्ष रखने का पर्याप्त अवसर दिए बिना अंतरिम रोक लगा दी। सुप्रीम कोर्ट में दायर अपील में उन्होंने इसी प्रक्रिया को चुनौती दी है।
निर्माता का दावा है कि सार्वजनिक महत्व के विषय पर फिल्म बनाने और उसे दर्शकों तक पहुंचाने से रोकना अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार को सीमित करता है। अब उनकी याचिका पर सुप्रीम कोर्ट का रुख इस विवाद की आगे की दिशा तय कर सकता है।
सलमान खान ने क्यों उठाया पर्सनैलिटी राइट्स का मुद्दा?
सलमान खान ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि फिल्म के टीजर और दूसरे प्रमोशनल कंटेंट में उनकी पहचान और व्यक्तित्व से जुड़े संकेतों का इस्तेमाल किया गया है।
अभिनेता की ओर से यह भी दावा किया गया कि टीजर में उनके जैसे दिखने वाले व्यक्ति को उनकी पहचान से जुड़े माने जाने वाले नीले ब्रेसलेट के साथ दिखाया गया है। फिल्म के एक पोस्टर में कथित तौर पर एक किरदार को बंदूक पकड़े हुए भी दिखाया गया है।
1998 के मामले से जुड़ा है फिल्म का विवाद
‘काला हिरण: द बैटल फॉर लिगेसी’ को कथित तौर पर 1998 के काला हिरण शिकार मामले से प्रेरित फिल्म बताया जा रहा है। इसी वजह से फिल्म के कंटेंट और प्रमोशन में सलमान खान से जुड़े कथित संदर्भ विवाद का केंद्र बने हैं।
सलमान की याचिका में 1998 के मामले से जुड़े आर्म्स एक्ट की कार्यवाही का भी उल्लेख किया गया है। अभिनेता का कहना है कि ऐसे संदर्भ दर्शकों के बीच उनकी छवि और उस पुराने मामले को लेकर गलत धारणा पैदा कर सकते हैं।
Kangana Ranaut: 'मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में मत सोचो' बाबा रामदेव के बयान पर भड़कीं कंगना रनौत
Kangana Ranaut: बॉलीवुड अभिनेत्री और बीजेपी सांसद कंगना रनौत पर बाबा रामदेव के तीखे बयानों के चलते दोनों के बीच तीखी आलोचनाओं का दौर शुरू हो गया है। हाल ही में बाबा रामदेव ने कंगना के जेन-जी वाले बयान की आलोचना करते हुए उनकी पर्सनल लाइफ के बारे में बयान दिया था, जिसपर अब अभिनेत्री तीखा पलटवार किया है।
कंगना ने ने सोशल मीडिया पर बाबा रामदेव को खरी-खोटी सुनाई और उनकी निजी जिंदगी और चरित्र पर टिप्पणी न करने की नसीहत दी।
कंगना ने इंस्टाग्राम पर दिया करारा जवाब
कंगना ने बुधवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर एक लंबा नोट शेयर किया। इसमें उन्होंने बाबा रामदेव की टिप्पणी पर नाराजगी जाहिर करते हुए उनकी निजी जिंदगी और चरित्र से जुड़े सवालों पर पलटवार किया। कंगना ने अपने पोस्ट में तीखे अंदाज में लिखा- "बाबा जी, मेरी जवानी या बेडरूम के बारे में ख्याली पुलाव न पकाएं; लोग तो अफवाहों और गपशप के आधार पर ही अंदाज़ा लगाते हैं। कम से कम मुझे तो कभी सुप्रीम कोर्ट से झूठे या फर्ज़ी मेडिकल दावों के लिए फटकार नहीं पड़ी- मेरे मामले में ठोस तथ्य थे, न कि कोई गपशप या अंदाज़ा। इसलिए मुझे चरित्र पर लेक्चर न दें; मेरा चरित्र आपसे कहीं बेहतर है, यहा कोई धोखाधड़ी नहीं पाई गई है।"
क्या था बाबा रामदेव का कंगना पर बयान
दरअसल, हाल ही में एक इंटरव्यू के दौरान बाबा रामदेव से कंगना रनौत के ‘गटर जेनरेशन’ वाले बयान को लेकर सवाल किया गया था। कंगना ने Gen Z को लेकर अपनी टिप्पणी में युवा पीढ़ी की कुछ आदतों पर सवाल उठाए थे, जिस पर बाबा रामदेव ने उनकी आलोचना की।
इंटरव्यू में बाबा रामदेव ने कंगना के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उनके बचपन, जवानी और पुराने बयानों को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि किसी देश के युवाओं को ‘गटर’ कहना सही नहीं है और ऐसा बयान बिगड़ी हुई मानसिकता को दर्शाता है।
This is absolute CINEMA ????????
— Amock_ (@Amockx2022) August 18, 2026
Journalist –– Kangana Ranaut has said that GenZ is gutter generation
Baba Ramdev ???? –– What is her own qualification?
Journalist –– She is an MP
Baba Ramdev ???? –– I don't want to talk about someone like her. She has lost mental balance. How can… pic.twitter.com/3XL8Pqko0o
जेन-जी पर कमेंट कर फंसी थीं कंगना
विवाद की शुरुआत कंगना की Gen Z को लेकर की गई ‘गटर जेनरेशन’ वाली टिप्पणी से हुई थी। दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन पर प्रतिक्रिया देते हुए कंगना ने बयान दिया था जिसकी कई लोगों ने आलोचना कीं। उनके बयान पर सवाल उठाते हुए बाबा रामदेव ने कहा कि युवाओं को इस तरह संबोधित करना सही नहीं है।
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