मध्य प्रदेश में ओटी टेक्नीशियन के 288 पदों पर चल रही भर्ती प्रक्रिया को लेकर हाईकोर्ट ने बड़ा अंतरिम आदेश दिया है। कोर्ट ने 31 मार्च 2026 को जारी मेरिट लिस्ट और उसके आधार पर की गई नियुक्तियों पर रोक लगा दी है। मामला भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद पात्रता नियमों में किए गए बदलाव से जुड़ा है। याचिकाकर्ताओं ने दलील दी है कि चयन प्रक्रिया शुरू होने के बाद योग्यता की शर्तों में बदलाव करके नए अभ्यर्थियों को पात्र बनाना समान अवसर के अधिकार को प्रभावित करता है।
288 पदों की भर्ती में क्या है पूरा विवाद? लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत ओटी टेक्नीशियन के 288 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही थी। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि भर्ती का विज्ञापन जारी करते समय पद के लिए शैक्षणिक योग्यता और प्रमाण-पत्र से संबंधित जो शर्तें तय की गई थीं, अभ्यर्थियों ने उन्हीं नियमों के आधार पर आवेदन किया था।
आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ने के बाद पात्रता से जुड़े नियमों में बदलाव किया गया। इसी बदलाव को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई।
भर्ती प्रक्रिया के बाद बदले पात्रता नियम याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता आर्यन उर्मलिया ने कोर्ट में दलील दी कि भर्ती प्रक्रिया शुरू होने के बाद पात्रता के मूल नियमों में ऐसा बदलाव नहीं किया जा सकता, जिससे विज्ञापन जारी होने के समय निर्धारित योग्यता पूरी नहीं करने वाले अभ्यर्थी भी मौजूदा भर्ती में शामिल हो जाएं।
याचिकाकर्ताओं ने इस बदलाव को संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 में दिए गए समानता और रोजगार में समान अवसर के अधिकार से जोड़ते हुए आपत्ति जताई। इस दौरान सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न फैसलों का भी हवाला दिया गया।
10 अगस्त को जारी हुई राजपत्र अधिसूचना याचिकाकर्ताओं के अनुसार, शासन ने 10 अगस्त 2026 को राजपत्र अधिसूचना जारी कर ओटी टेक्नीशियन पद की पात्रता से संबंधित प्रावधान में संशोधन किया। उनका कहना है कि इस संशोधन का लाभ मौजूदा भर्ती प्रक्रिया में भी दिया जा रहा है।
याचिकाकर्ताओं की मुख्य आपत्ति निजी संस्थानों से हासिल योग्यता को मान्यता देने से नहीं है। उनका कहना है कि ऐसी योग्यता को भविष्य की भर्तियों में मान्यता देने पर उन्हें कोई आपत्ति नहीं है। विवाद इस बात को लेकर है कि बाद में किए गए संशोधन को पहले से चल रही भर्ती पर लागू किया जा रहा है।
मेरिट लिस्ट और नियुक्तियों पर लगी रोक मामले की सुनवाई जस्टिस विवेक कुमार सिंह की एकलपीठ में हुई। कोर्ट ने प्रथमदृष्टया मामले को विचारणीय मानते हुए 31 मार्च 2026 को जारी मेरिट लिस्ट और उसके आधार पर की गई नियुक्तियों पर अंतरिम रोक लगा दी। कोर्ट ने राज्य शासन, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग, कर्मचारी चयन मंडल समेत संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत के अंतरिम आदेश के बाद फिलहाल उक्त मेरिट लिस्ट के आधार पर आगे की नियुक्तियों पर भी रोक रहेगी।
5 सितंबर को होगी अगली सुनवाई मामले की अगली सुनवाई 5 सितंबर 2026 को निर्धारित की गई है। याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि 10 अगस्त को किए गए पात्रता संशोधन को वर्तमान भर्ती प्रक्रिया पर लागू नहीं किया जाए।
साथ ही मूल विज्ञापन में निर्धारित पात्रता शर्तों के आधार पर भर्ती प्रक्रिया आगे बढ़ाने और उसी के अनुरूप संशोधित मेरिट लिस्ट तैयार करने की मांग की गई है।
ज्योतिष और ग्रह शास्त्र में शनिवार का दिन मुख्य रूप से न्याय और कर्म के देवता शनि देव को समर्पित होता है। शनि देव का स्वभाव कठोर माना जाता है। माना जाता है कि अगर कुंडली में शनि ग्रह की स्थिति अच्छी होती है, तो जातक को अपार सफलता मिलती है। वहीं हिंदू धर्म के ज्यादातर लोग शनिवार के दिन कुछ खास सावधानियों बरतते हैं। जिससे कि शनि दोष के प्रभाव से मुक्त रहा जा सके। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको बताने जा रहे हैं कि शनिवार के दिन क्या करना सही और किन कार्यों को करने की मनाही होती है।
शनिवार को क्या न खरीदें
लोहे और स्टील की चीजें न खरीदें
शनिवार के दिन स्टील और लोहे से जुड़ी चीजों को खरीदने से बचना चाहिए। लोहा शनि से जुड़ी वस्तु है। जिस कारण शनिवार को इन चीजों को खरीदने से घर-परिवार में दुर्भाग्य का आगमन होता है।
वहीं शनिवार को शनि देव की प्रतिमा पर सरसों का तेल चढ़ाना शुभ होता है। लेकिन शनिवार को सरसों का तेल आदि खरीदने से बचना चाहिए। इस दिन तेल खरीदने से बीमारियां घर आती हैं।
नमक
इसके अलावा शनिवार के दिन किसी से नमक न तो उधार या मांग कर लेना चाहिए और न ही इसको खरीदना चाहिए। अगर ऐसा करते हैं, तो इससे कर्ज बढ़ सकता है।
झाड़ू
शनिवार को झाड़ू भी नहीं खरीदना चाहिए। माना जाता है कि ऐसा करने से घर में दरिद्रता का वास होता है। कुछ लोग शनिवार के दिन झाड़ू खरीदना शुभ मानते हैं, तो कुछ अशुभ मानते हैं।
स्याही और पेन
पेन, कॉपी, स्याही, कागज, कलम और दवात का संबंध विद्या से माना जाता है। वहीं विद्या का ग्रह बृहस्पति को माना जाता है। इसलिए पढ़ाई-लिखाई से जुड़ी चीजों को गुरुवार के दिन खरीदना चाहिए। शनिवार को स्याही और पेन खरीदने से जातक अपयश का भागी होता है।
ईंधन
शनिवार के दिन ईंधन से जुड़ी वस्तुएं जैसे केरोसिन, पेट्रोल और माचिस खरीदने से बचना चाहिए। भारतीय संस्कृति में ईंधन को अग्नि देवता से जोड़कर देखा जाता है, जो पंच तत्वों में से एक और बेहद पवित्र है। माना जाता है कि, शनिवार के दिन खरीदा गया ईंधन परिवार को कष्ट पहुंचाने का कार्य करता है।
काले जूते
माना जाता है कि, शनिवार के दिन काले रंग के जूते, कपड़े और काली छतरी खरीदने से बचनी चाहिए। मान्यता है कि, शनिवार को खरीदी गई वस्तु का इस्तेमाल करने से व्यक्ति को असफलता का सामना करना पड़ सकता है।
शनिवार के दिन क्या करें
शनिवार का दिन दान के लिए अत्यंत विशेष होता है। माना जाता है कि शनिवार को शनि से जुड़ी कुछ वस्तुओं का दान करने से घर में सुख-समृद्धि का वास होता है। वहीं इससे शनि देव भी प्रसन्न होते हैं।
शनिवार के दिन शनिदेव को प्रसन्न करने से लिए उनकी प्रतिमा पर काले तिल अर्पित करना चाहिए। शनिदेव को तिल से बनी चीजें अत्यंत पसंद है। जो व्यक्ति शनिवार को काले तिल का दान करता है, उसके सभी शनि दोष मिटते हैं।
शनिवार के दिन घर के पश्चिमी कोने में कच्चा नमक रखने से यह निगेटिव एनर्जी को सोख लेता है। वहीं जब नमक में नमी आ जाए, तो इसको बिना छुए पानी में बहा देना चाहिए।
शनिवार के दिन उन तमाम लोगों को किसी न किसी तरह की मदद करें, जो आपको किसी न किसी तरह की सेवा प्रदान करते हैं। शनिदेव उन लोगों से काफी प्रसन्न होते हैं, जिन्हें दूसरों की मदद करना पसंद है।
वहीं शनिवार को अनाथालय में किताब का दान करना चाहिए। ऐसा करने से करियर में सफलता मिलती है। क्योंकि शनि को अनुशासन पसंद है। ऐसे में अगर आप किसी जरूरतमंद को किताबों का दान करते हैं, तो उसका आध्यात्मिक लाभ कई गुना बढ़कर मिलता है।
शनिवार को शनि देव के अलावा हनुमान जी की पूजा करने से भी शनिदेव प्रसन्न होते हैं। इस दिन शनि चालीसा और हनुमान चालीसा का पाठ करना शुभ माना जाता है।
शनि देव को वह लोग अधिक पसंद हैं, जो अपना काम पूरी ईमानदारी से करते हैं। उनको निस्वार्थ, अन्याय और दुष्ट लोग नहीं पसंद होते हैं। ऐसे लोगों पर शनि देव की हमेशा महादशा रहती है। इसलिए शनिदेव को प्रसन्न करने के लिए सबसे पहले अपने अंदर ईमानदारी और सकारात्मक बदलाव लाने चाहिए।
देवदत्त पडिक्कल को साई सुदर्शन की चोट के कारण तीसरे नंबर पर बैटिंग का मौका मिला और उन्होंने दोनों टेस्ट में शतक जमाकर इसे सही साबित किया. साथ ही अब रिकॉर्ड भी उनके बल्ले से निकलने लगे हैं. Mon, 24 Aug 2026 01:43:22 +0530