हारकर भी मेडल जीत गईं भारत की 2 बेटी, बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में त्रिशा-गायत्री के हाथ लगा ब्रॉन्ज
BWF World Championships : वो कहते हैं ना कि, हारकर जीनते वाले को बाजीगर कहते हैं. ऐसा ही कुछ भारत की बेटियों ने कर दिखाया है. भारत की त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में भारत को ब्रॉन्ज मेडल दिया है. हालांकि महिला डबल्स के सेमीफाइनल में भारतीय महिला बैडमिंटन जोड़ी त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद को हार मिली, जिससे उनका सिल्वर और गोल्ड मेडल जीतने का सपना टूट गया लेकिन उन्होंन देश को कांस्य पदक दिला दिया है.
त्रिशा-गायत्री ने भारत को दिया ब्रॉन्ज मेडल
दरअसल, बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में विमेंस डबल्स का सेमीफाइनल मुकाबला आज खेला गया, जहां भारत की त्रिशा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी की टक्कर चीन की ल्यू शेंगशू और तान निंग से हुई. इस सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय जोड़ी को चीनी जोड़ी से हार मिली और वो सेमीफाइनल में जगह नहीं बना पाईं. चीनी जोड़ी के सेमीफाइनल में पहुंचने के बाद भी भारतीय जोड़ी को ब्रॉन्ज मेडल मिल गया.
Watch: India’s Treesa Jolly and Gayatri Gopichand spoke to the media after their semi-final loss at the BWF World Championships in New Delhi on Saturday. The Indian women’s doubles pair claimed the bronze medal. pic.twitter.com/KjzKpUGYP4
— IANS (@ians_india) August 22, 2026
ये मुकाबला 71 मिनट तक चला. सेमीफाइनल मुकाबले में चीनी जोड़ी ने त्रिशा-गायत्री को 18-21, 21-13, 21-8 से शिकस्त देते हुए फाइनल का टिकट हासिल किया. इस हार के साथ ही त्रिशा और गायत्री की जोड़ी विमेंस डबल्स के फाइनल में पहुंचने वाली पहली गैर वरीयता प्राप्त जोड़ी बनने की उपलब्धि हासिल करने से भी चूक गई. त्रिशा और गायत्री की हार के साथ ही भारत का टूर्नामेंट में सफर भी समाप्त हो गया है. क्योंकि भारत के बाकी बैडमिंटन खिलाड़ी पहले ही टूर्नामेंट से बाहर हो चुके हैं.
Treesa Jolly & Gayatri Gopichand secure Bronze!
— Doordarshan Sports (@ddsportschannel) August 22, 2026
A historic run comes to an end in the semifinals but Treesa Jolly & Gayatri Gopichand secure Bronze at the BWF World Championships 2026.#BWFWorldChampionships2026@Media_SAI @BAI_Media @JollyTreesa @IndiaSports pic.twitter.com/abLGqUtIOM
कैसा रहा पूरे मैच का हाल
इस सेमीफाइनल मुकाबले की शुरुआत त्रिशा और गायत्री ने शानदार की थी. त्रिशा-गायत्री ने चीनी जोड़ी को लगातार कड़ी टक्कर दी और 7-2 की बढ़त बना ली. हालांकि, इसके बाद ल्यू शेंगशू और तान निंग की जोड़ी ने स्कोर 11-7 कर दिया. अंत में चीन ने 21-18 से पहला सेट जीत लिया. इसके बाद शेंगयू-निंग ने शुरुआत में ही 3-0 की बढ़त बनाई लेकिन त्रिशा और गायत्री ने वापसी की और ब्रेक तक 9-8 की बढ़त बना ली. अंत में भारतीय जोड़ी ने दूसरा सेट 21-13 से जीत लिया. तीसरा गेम पूरी तरह से एकतरफा रहा. चीनी जोड़ी ने अपने अनुभव का फायदा उठाते हुए ब्रेक तक 11-5 की बढ़त बना ली. अंत में सेट को 21-8 से जीत लिया और फाइनल में प्रवेश कर लिया.
VIDEO | BWF WC'ship: Treesa Jolly and Gayatri Gopichand's extraordinary run ended with a fighting three-game loss to world No 1 and defending champions Liu Sheng Shu and Tan Ning in the women's doubles semifinals at the World Championships on Saturday, as the Indian pair signed… pic.twitter.com/eULaHgiSLN
— Press Trust of India (@PTI_News) August 22, 2026
त्रिशा-गायत्री के मेडल जीतने पर कोच का बड़ा बयान
इस जीत के बाद बैडमिंटन वर्ल्ड चैंपियनशिप में ट्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की ऐतिहासिक ब्रॉन्ज मेडल जीत के बाद चीफ नेशनल कोच पुलेला गोपीचंद ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, 'मुझे लगता है कि वे दोनों युवा हैं. ऐसा नहीं है कि यह उनका एकमात्र परफॉर्मेंस है. वे टॉप-10 जोड़ी रहे हैं, उन्होंने दो ऑल इंग्लैंड सेमीफाइनल खेले हैं, उनके पास एक कॉमनवेल्थ मेडल और दो एशियन चैंपियनशिप हैं. तो कुल मिलाकर, उन्होंने पिछले कुछ सालों में अच्छा किया है, लेकिन वे युवा हैं, इसलिए वे कुछ समय तक खेलना जारी रखेंगे. मुझे यकीन है कि यह दूसरे युवा खिलाड़ियों के लिए भी कॉन्फिडेंस बढ़ाने वाला होगा, ताकि हम भविष्य में अच्छा परफॉर्मेंस कर सकें'.
ये भी पढ़ें : Hockey World Cup 2026: टीम इंडिया किसके साथ कब और कहां खेलेगी अपने अगले दो मैच, जानिए पूरा शेड्यूल
Kal Ka Mausam: यूपी-बिहार समेत 25 राज्यों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट, पेड़ उखाड़ सकती है 80kmph हवा की रफ्तार
कल का मौसम, 23 अगस्त: देशभर में मानसून अपने सबसे आक्रामक तेवर दिखा रहा है और इसी बीच मौसम विभाग ने एक बहुत बड़ा अलर्ट जारी करके लोगों की चिंता बढ़ा दी है. वायुमंडलीय बदलावों और चक्रवाती परिसंचरण के सक्रिय होने से कल यानी 23 अगस्त को उत्तर, मध्य, पूर्व और दक्षिण भारत के करीब 25 राज्यों में भयंकर बारिश और आंधी का तांडव देखने को मिल सकता है. मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार हवाओं की रफ्तार 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जो कमजोर ढांचों को नुकसान पहुंचाने और बड़े पेड़ों को उखाड़ने के लिए काफी है. किसानों की फसलों पर भी इसका भारी असर पड़ने की आशंका है.
बंगाल की खाड़ी में बना चक्रवाती तंत्र बढ़ा रहा खतरा
मौसम विज्ञानियों के मुताबिक इस समय मौसम में यह बड़ा बदलाव कई सिस्टम के एक साथ सक्रिय होने से आया है. पश्चिम-मध्य और उससे सटे उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के साथ-साथ उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों पर ऊपरी हवा का चक्रवाती घेरा बना हुआ है. इसके अलावा दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर भी चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है. इन दोनों प्रणालियों के कारण मानसूनी हवाएं बहुत तेजी से नमी खींच रही हैं, जिससे देश के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में एक साथ बादलों का जमावड़ा बढ़ गया है.
उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मूसलाधार बारिश का दौर
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश में अगले 24 घंटे मौसम काफी बिगड़ा रह सकता है. दिल्ली में 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाओं के साथ झमाझम बारिश होने का अनुमान है, जहां अधिकतम तापमान 34 डिग्री और न्यूनतम 28 डिग्री के आसपास रहेगा. वहीं उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और पूर्वी दोनों हिस्सों में बादलों की जोरदार गड़गड़ाहट के साथ पानी बरसेगा. मुजफ्फरनगर, गौतमबुद्ध नगर, मुरादाबाद, गाजियाबाद, मेरठ, आगरा, कानपुर, प्रयागराज और गोरखपुर समेत कई जिलों में तेज आंधी का पहरा रहेगा. लखनऊ में पारा 33 डिग्री के करीब रहने की उम्मीद है.
बिहार और झारखंड में आकाशीय बिजली और तेज आंधी का खौफ
पूर्वी भारत में मानसून का सबसे खतरनाक रूप बिजली गिरने और आंधी के तौर पर दिख सकता है. बिहार के पटना, गया, बक्सर, सिवान, दरभंगा, भागलपुर और बेगूसराय समेत लगभग पूरे राज्य में 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से आंधी चलने का अंदेशा है. आकाशीय बिजली गिरने का सबसे ज्यादा खतरा खेतों और खुले इलाकों में रहेगा. पड़ोसी राज्य झारखंड के रांची, धनबाद, बोकारो, जमशेदपुर और हजारीबाग में भी 70 किलोमीटर की रफ्तार वाली हवाएं तबाही मचा सकती हैं. दोनों राज्यों के प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है.
पहाड़ों पर लैंडस्लाइड का खतरा और पश्चिमी भारत का हाल
उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के पर्वतीय इलाकों में हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं. भारी बारिश के चलते टिहरी, चमोली, नैनीताल, रुद्रप्रयाग, मंडी, कुल्लू, मनाली, किश्तवाड़ और पुंछ जैसे इलाकों में पहाड़ों से मलबा गिरने और लैंडस्लाइड की घटनाएं हो सकती हैं. पर्यटकों और स्थानीय लोगों को नदी-नालों और संवेदनशील रास्तों से दूर रहने को कहा गया है. दूसरी ओर पश्चिमी भारत के राजस्थान में जयपुर, कोटा, बाड़मेर, जैसलमेर और भीलवाड़ा समेत कई जिलों में 60 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चलेंगी और जमकर पानी बरसेगा. मध्य प्रदेश के भोपाल, इंदौर, कटनी और होशंगाबाद में भी गरज-चमक के साथ जोरदार बौछारें पड़ने का अनुमान है.
| शहर | अधिकतम तापमान (23 अगस्त) | न्यूनतम तापमान (23 अगस्त) |
| दिल्ली | 34 °C | 28 °C |
| मुंबई | 29 °C | 28 °C |
| चेन्नई | 36 °C | 27 °C |
| कोलकाता | 33 °C | 28 °C |
| लखनऊ | 33 °C | 28 °C |
| पटना | 34 °C | 28 °C |
| रांची | 31 °C | 24 °C |
| भोपाल | 29 °C | 24 °C |
| जयपुर | 35 °C | 27 °C |
| शिमला | 26 °C | 19 °C |
| नैनीताल | 25 °C | 21 °C |
मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सख्त हिदायत
तटीय और पूर्वोत्तर राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, असम और मेघालय में भी आंधी-बारिश का असर व्यापक रहेगा. कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में 65 किलोमीटर की गति से हवाएं चल सकती हैं. समुद्र में ऊंची लहरें उठने की आशंका को देखते हुए मछुआरों को गहरे पानी में न जाने और तटीय किनारों से हटकर सुरक्षित जगहों पर रहने का निर्देश दिया गया है. मौसम विभाग ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे जंगलों और जर्जर इमारतों के पास सफर करने से बचें और घर से निकलते वक्त छाता व बरसाती साथ जरूर रखें.
यह भी पढ़ें: Aaj Ka Mausam: बारिश का ‘महाअलर्ट’! 23 राज्यों में भारी बारिश-तूफान, IMD का आंधी-बिजली से सावधान रहने का अलर्ट
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation










