Devendra Fadnavis ने शुरू किया Campus Connect, युवाओं से की नशे से दूर रहने की अपील
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शनिवार को युवाओं से मादक पदार्थों से दूर रहने और इसके बजाय शिक्षा, खेल, कौशल विकास एवं राष्ट्र निर्माण पर ध्यान केंद्रित करने की अपील की। फडणवीस नवी मुंबई के नेरुल में डी वाई पाटिल विश्वविद्यालय के उत्कृष्टता केंद्र में ‘कैंपस कनेक्ट’ अभियान का आरंभ करने के बाद बोल रहे थे। नवी मुंबई पुलिस की मादक पदार्थ- मुफ्त नवी मुंबई’ पहल के तहत आयोजित कैंपस कनेक्ट का मकसद कॉलेज के विद्यार्थियों में मादक पदार्थ के इस्तेमाल से होने वाले खतरों के बारे में जागरूकता फैलाना है।
फडणवीस ने कहा कि युवा देश की आबादी का 65 प्रतिशत हिस्सा हैं, एक बहुत बड़ी संपत्ति हैं, ऐसे में असामाजिक तत्व और दुश्मन ताकतें ड्रग नेटवर्क के जरिये उन्हें निशाना बनाने की कोशिश करती हैं। उन्होंने कहा, ‘‘इस लड़ाई में हर शिक्षण कैंपस एक युद्ध का मैदान है और हर छात्र मादक पदार्थ की लत के खिलाफ एक सिपाही है।’’ उन्होंने आश्वासन कि लत से जूझ रहे छात्रों को मदद मिलेगी। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने नये पुनर्वास केंद्र भी शुरू किए।
Sanjay Raut का दावा, Rahul Gandhi से घबराई BJP ने पुणे कार्यक्रम पर 30 शर्तें लगाईं
शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने शनिवार को दावा किया कि भाजपा ‘‘घबराई हुई’’ है और इसी वजह से प्रशासन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुणे में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को अनुमति देने से पहले कई शर्तें लगायीं। राज्यसभा सदस्य राउत ने संवाददाताओं से बातचीत में दावा किया कि निकट भविष्य में भाजपा का पतन देखने को मिलेगा। उन्होंने कहा कि 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान एक युवक के पैलेट गन के छर्रे लगने से घायल होने के मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की राहुल गांधी की मांग के आगे भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार को झुकना पड़ा।
शुक्रवार को कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी के छह घंटे से अधिक समय तक चले धरने के बाद दिल्ली पुलिस ने 20 जुलाई को छात्रों के प्रदर्शन के दौरान कथित तौर पर पैलेट गन के छर्रे लगने से घायल हुए युवक साहिल लोचब के मामले में प्राथमिकी दर्ज की। राउत ने शनिवार शाम पुणे में आयोजित गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार ने अनुमति देने के लिए 30 शर्तें रखीं। उन्होंने सवाल किया कि क्या राहुल गांधी किसी दूसरे देश से आए हैं और क्या सत्तारूढ़ दलों के नेताओं को भी ऐसी शर्तों का सामना करना पड़ता है।
शिवसेना (उबाठा) नेता राउत ने कहा, ‘‘ऐसा इसलिए है, क्योंकि भाजपा घबराई हुई है। सितंबर के बाद भाजपा का पतन शुरू हो जाएगा। वे राहुल गांधी से डरे हुए हैं।’’ शिवसेना (उबाठा) नेता और मुंबई की पूर्व महापौर विशाखा राउत के जाति प्रमाणपत्र को अधिकारियों द्वारा अमान्य किए जाने के बारे में राउत ने आरोप लगाया कि यह ‘‘बदला लेने’’ के लिए किया गया और केवल विपक्षी नेताओं को ही इस तरह की कार्रवाई का सामना करना पड़ रहा है।
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