‘मनुस्मृति कहती है लड़की पिता-पति और बच्चों की संपत्ति’, राहुल गांधी बोले- यह शर्मनाक, महिलाओं को आजाद होना चाहिए
देश की लड़कियों को आजाद होना जरूरी है. पिता, पति और बेटे से आपका रिश्ता जरूर है लेकिन आपकी पहचान उनसे नहीं है…ये कहना है कांग्रेस नेता राहुल गांधी का. दरअसल, शनिवार शाम वे पुणे में आयोजित छात्रों की गूंज कार्यक्रम में शामिल हुए. इस दौरान उन्होंने कहा कि मनुस्मृति कहती है कि लड़की पिता, पति, बच्चों की संपत्ति है. ये शर्मनाक है. महिलाओं को आजाद होना जरूरी है. खास बात है कि पुणें में आयोजित इस कार्यक्रम में सिर्फ छात्राएं शामिल हुईं हैं. कार्यक्रम में राहुल-राहुल के नारे लगाए गए.
बता दें, पुलिस ने 30 शर्तों के साथ राहुल गांधी को इस कार्यक्रम की परिमशन दी है. उन्होंने इससे पहले कोटा में 17 जून, देहरादून में 17 जुलाई, प्रयागराज में 8 अगस्त को छात्रों से बात की थी. राहुल ने सभी कार्यक्रमों में पेपर लीक से लेकर देश की शिक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े मुद्दे उठाए हैं.
बच्चों के आधार अपडेट को लेकर यूआईडीएआई की बड़ी चेतावनी: बायोमेट्रिक अपडेट 30 सितंबर तक मुफ्त, बाद में लग सकता है शुल्क
नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने अभिभावकों और संरक्षकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (एमबीयू) समय रहते पूरा करा लें। यूआईडीएआई के अनुसार, 5 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए आधार बायोमेट्रिक अपडेट की सुविधा 30 सितंबर तक पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध है। इसके बाद इस सुविधा को आगे बढ़ाने या शुल्क लागू करने पर निर्णय लिया जा सकता है।
यूआईडीएआई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट के जरिए कहा है कि बच्चों के 5 वर्ष और 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर आधार में बायोमेट्रिक अपडेट कराना अनिवार्य है। यह अपडेट स्कूल में प्रवेश, परीक्षाओं, छात्रवृत्ति आवेदन और विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के दौरान पहचान सत्यापन को आसान बनाता है। प्राधिकरण ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अंतिम समय तक इंतजार न करें और जल्द से जल्द नजदीकी आधार केंद्र पर जाकर यह प्रक्रिया पूरी कराएं।
यूआईडीएआई के नियमों के अनुसार, जब किसी बच्चे का आधार पांच वर्ष की आयु से पहले बनता है, तब उसमें केवल उसकी व्यक्तिगत जानकारी और फोटो दर्ज की जाती है। उस समय बच्चे के फिंगरप्रिंट और आईरिस (आंखों की पुतली) स्कैन नहीं लिए जाते, क्योंकि कम उम्र में ये बायोमेट्रिक पहचान लगातार विकसित हो रही होती है।
इसी कारण बच्चे के पांच वर्ष का होने पर पहला अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट किया जाता है। इसके बाद 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर दूसरा बायोमेट्रिक अपडेट आवश्यक होता है, ताकि उसका आधार रिकॉर्ड अद्यतन और सटीक बना रहे।
आधार भारत में पहचान सत्यापन का सबसे महत्वपूर्ण दस्तावेज बन चुका है। छात्रों के लिए इसका उपयोग स्कूल में प्रवेश, बोर्ड परीक्षाओं, छात्रवृत्ति योजनाओं, सरकारी सहायता कार्यक्रमों और विभिन्न शैक्षणिक प्रक्रियाओं में किया जाता है।
समय पर बायोमेट्रिक अपडेट नहीं होने की स्थिति में भविष्य में पहचान सत्यापन से जुड़ी परेशानियां आ सकती हैं। इसलिए यूआईडीएआई लगातार अभिभावकों को इस संबंध में जागरूक कर रहा है।
यूआईडीएआई ने सितंबर 2025 में बच्चों के आधार बायोमेट्रिक अपडेट को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया था। इस अभियान के तहत अब तक देशभर में लगभग 2 करोड़ बच्चों के बायोमेट्रिक अपडेट पूरे किए जा चुके हैं।
प्राधिकरण के अनुसार, यह अभियान 1.56 लाख से अधिक स्कूलों तक पहुंच चुका है और इसका उद्देश्य अधिकतम बच्चों को इस सुविधा से जोड़ना है। इसी पहल के तहत 7 से 15 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों के लिए बायोमेट्रिक अपडेट शुल्क में छूट दी गई थी, जिसे वर्तमान में 30 सितंबर तक बढ़ाया गया है।
यूआईडीएआई ने स्पष्ट किया है कि 30 सितंबर तक नजदीकी आधार केंद्रों पर जाकर बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट निशुल्क कराया जा सकता है। हालांकि इस समयसीमा के बाद शुल्क माफी जारी रहेगी या नहीं, इस पर अभी कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
ऐसे में अभिभावकों को सलाह दी गई है कि वे अंतिम दिनों की भीड़ से बचते हुए जल्द से जल्द अपने बच्चों का आधार बायोमेट्रिक अपडेट पूरा कराएं।
--आईएएनएस
डीबीपी
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