मध्य कोलकाता के 25 होटल, लॉज और रेस्तरां को कई बार नोटिस दिए जाने के बावजूद पर्याप्त अग्नि सुरक्षा उपाय नहीं करने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। कोलकाता नगर निगम (केएमसी) के अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। पश्चिम बंगाल की शहरी विकास और नगरपालिका मामलों की मंत्री अग्निमित्रा पॉल ने मार्क्विस स्ट्रीट इलाके में होटलों और गेस्ट हाउस का निरीक्षण किया।
उन्होंने कहा कि जिन प्रतिष्ठानों में आग से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं पाए जाएंगे, उन्हें तुरंत सील कर दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों के पालन के लिए अब अधिकारी बार-बार नोटिस जारी करने की प्रक्रिया नहीं अपनाएंगे। पॉल ने कहा, नोटिस देने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होता।
अगर होटल में मेहमान ठहरे हैं तो उन्हें 24 घंटे में खाली करने को कहें और उसके बाद होटल को सील कर दें। अगर बाद में सभी दस्तावेज सही पाए जाते हैं तो इसे फिर से खोला जा सकता है। उन्होंने यह बात मिर्जा गालिब स्ट्रीट स्थित होटल शिखा इन में हाल ही में लगी आग के बाद चलाए गए निरीक्षण अभियान के दौरान कही।
इस आग में नौ लोगों की मौत हो गई थी। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना जरूरी अनुमति के या नियमों का उल्लंघन कर कथित रूप से संचालित हो रहे प्रतिष्ठान वर्षों तक कैसे चलते रहे। पॉल ने पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और कोलकाता के पूर्व महापौर एवं नगरपालिका मामलों के मंत्री फिरहाद हकीम से इस बात का जवाब मांगा कि ऐसे होटलों को संचालन की अनुमति कैसे दी गई।
पॉल ने सवाल किया, इन प्रतिष्ठानों को संचालन की अनुमति किसने दी? उन्होंने आरोप लगाया कि पहले पैसे के बदले अनियमितताओं को जारी रहने दिया गया था। इस बीच, केएमसी के एक अधिकारी ने बताया कि फ्री स्कूल स्ट्रीट-मार्क्विस स्ट्रीट-न्यू मार्केट इलाके में 25 प्रतिष्ठानों को आग से सुरक्षा के नियमों और दिशानिर्देशों का पालन न करने के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
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DMK अपने संगठन में बड़े बदलाव करने जा रही है। पार्टी अध्यक्ष एमके स्टालिन ने पार्टी पदाधिकारियों के लिए नए नियम और ज़िला स्तर पर एक बड़ा ढांचा बनाने की घोषणा की है। ये बदलाव तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार के कुछ महीनों बाद हो रहे हैं। इस हार के कारण स्टालिन का मुख्यमंत्री के तौर पर कार्यकाल भी खत्म हो गया था। DMK की कार्यकारी समिति ने पार्टी के आगामी 16वें संगठनात्मक चुनावों के तहत इन प्रस्तावों को मंज़ूरी दे दी है।
स्टालिन ने कहा कि पार्टी को चुनावी हार की वजहों पर चर्चा करने से बचने के बजाय अपनी कमियों पर गौर करना चाहिए। उन्होंने खास तौर पर पार्टी के पदाधिकारियों के कामकाज का ज़िक्र किया और कहा कि व्यक्तिगत स्तर पर हुई गलतियों का असर पूरे संगठन पर पड़ सकता है। स्टालिन ने कहा कि हालांकि हमारी हार की कई वजहें हैं, लेकिन पार्टी पदाधिकारियों का कामकाज भी उनमें से एक है। हमें इसे छिपाने की ज़रूरत नहीं है। हमें सबसे पहले अपनी गलतियों को मानना होगा। हमें उन्हें खुलकर स्वीकार करना होगा। भले ही गलती किसी एक व्यक्ति ने की हो, लेकिन उसका नुकसान 75 साल पुरानी पार्टी को उठाना पड़ता है।
उन्होंने DMK को वापसी करने में सक्षम पार्टी बताया और कहा कि वह राजनीतिक रूप से फिर से अहम भूमिका में आएगी। DMK प्रमुख ने कहा कि पार्टी मूलधन और ब्याज समेत इसका जवाब देगी। एक अहम बदलाव पार्टी के पदों के लिए उम्र और कार्यकाल की संख्या पर पाबंदियां लगाना होगा। स्टालिन ने कहा कि इस पुनर्गठन से युवा लोग संगठन के पदों पर आएंगे और पार्टी को लंबे समय तक प्रासंगिक बने रहने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि मैंने DMK के प्रशासनिक ढांचे में कई बदलाव करने का फ़ैसला किया है। ये बदलाव कड़े होंगे। इससे कुछ लोग निराश हो सकते हैं, लेकिन यह अच्छे मकसद के लिए होगा। मैं सभी के सहयोग की अपील करता हूं। इन बदलावों से DMK अगले 100 सालों तक मज़बूती से बनी रहेगी। हमारे कामों का मकसद युवाओं और महिलाओं का भरोसा फिर से जीतना होना चाहिए। हम पार्टी के पदों के लिए उम्र और कार्यकाल की सीमा तय कर रहे हैं। पार्टी के पदों के लिए नए चेहरों को प्राथमिकता दी जाएगी। नई व्यवस्था के तहत, ब्रांच सेक्रेटरी की उम्र 45 साल या उससे कम होनी चाहिए और वे ज़्यादा से ज़्यादा दो कार्यकाल तक ही इस पद पर रह सकते हैं।
पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में भी बड़ा बदलाव किया जाएगा। DMK जिलों की संख्या 77 से बढ़ाकर 110 कर दी जाएगी। नए ढांचे में मोटे तौर पर रेवेन्यू जिलों की सीमाओं का पालन किया जाएगा, और पार्टी का हर जिला आम तौर पर दो विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेगा। जिन मामलों में पुनर्गठन के बाद सिर्फ़ एक विधानसभा क्षेत्र बचेगा, उसे उसी रेवेन्यू जिले के किसी दूसरे उपयुक्त पार्टी जिले के साथ मिला दिया जाएगा, जिससे वह उस यूनिट का तीसरा विधानसभा क्षेत्र बन जाएगा।
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