उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले में शनिवार को एक अनुपयोगी कुएं में उतरे चार लोगों में से तीन की मौत हो गई जबकि एक अन्य व्यक्ति का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस ने यह जानकारी दी। मौके पर पहुंचे जिलाधिकारी चंद्रकुमार गर्ग ने आशंका जताई कि शहाबगंज थाना क्षेत्र के किड़हिरा गांव में यह घटना जहरीली गैस या ऑक्सीजन की कमी के कारण हुई होगी।
चकिया के पुलिस क्षेत्राधिकारी अजीत सिंह चौहान ने बताया कि मृतकों की पहचान किड़हिरा गांव निवासी जमाल (35), तौकीर (18) और आलम (18) के रूप में हुई है। जिलाधिकारी गर्ग ने बताया कि कुआं काफी पुराना था और लंबे समय से अनुपयोगी था। उन्होंने बताया कि कुएं में लगा सबमर्सिबल पंप खराब हो गया था, जिसे निकालने के लिए जमाल, तौकीर, आलम और शमशेर ने कुएं के ऊपर लगी पट्टियां हटाईं और बारी-बारी से अंदर उतरे।
अधिकारी ने बताया कि सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से चारों लोगों को कुएं से बाहर निकाला और उस समय सभी बेहोशी की हालत में थे। उन्होंने बताया कि चारों को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने जमाल, तौकीर और आलम को मृत घोषित कर दिया जबकि चौथे व्यक्ति शमशेर का इलाज जारी है। जिलाधिकारी ने मृतकों के परिजनों को मुआवजे के संबंध में पूछे जाने पर बताया कि उन्हें हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया है।
चकिया सदर कोतवाली के थाना प्रभारी (एसएचओ) अरुण कुमार सिंह ने बताया कि तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
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भारतीय हवाई अड्डों से यात्रा करने वाले अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए एक अच्छी खबर है। भारतीय हवाई अड्डों से उड़ान भरने वाले यात्रियों को अब फिजिकल बोर्डिंग पास साथ रखने की ज़रूरत नहीं होगी, क्योंकि इमिग्रेशन अधिकारियों ने 1 सितंबर से इस दस्तावेज़ पर स्टैम्प लगाने की प्रक्रिया को खत्म करने का फैसला किया है। इसके बजाय, विदेश यात्रा करने वाले लोगों को इमिग्रेशन क्लीयरेंस के लिए अपने स्मार्टफ़ोन पर ई-बोर्डिंग पास दिखाना होगा।
यह घटनाक्रम तब सामने आया है जब गृह मंत्रालय (MHA) के तहत आने वाले ब्यूरो ऑफ़ इमिग्रेशन (BOI) ने हाल ही में एयरपोर्ट अधिकारियों को एक आधिकारिक निर्देश भेजा है। एजेंसी ने पाया कि इमिग्रेशन के मकसद से बोर्डिंग पास पर फिजिकल स्टैम्पिंग करने से यात्रियों को परेशानी हो रही थी। अधिकारियों ने बताया कि "गलत या ठीक से न की गई" स्टैम्पिंग की वजह से बोर्डिंग पास पढ़ने में गलतियों की खबरें भी आ रही थीं, इसलिए इस प्रक्रिया को खत्म करने का फैसला किया गया।
अधिकारियों ने आगे कहा कि BOI ने इस मामले की जांच की है और अब यह तय किया गया है कि देश के सभी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर फिजिकल बोर्डिंग पास और इमिग्रेशन काउंटर पर बोर्डिंग पास की स्टैम्पिंग की अनिवार्य ज़रूरत को खत्म कर दिया जाए। हालांकि, उन्होंने कहा कि फ़िज़िकल बोर्डिंग पास स्वीकार किए जाते रहेंगे, लेकिन 1 सितंबर से इमिग्रेशन अधिकारियों द्वारा उन पर स्टैम्प नहीं लगाया जाएगा। सुरक्षा अधिकारियों ने आगे कहा कि इंटरनेशनल यात्रियों की व्यक्तिगत तलाशी के दौरान सेंट्रल इंडस्ट्रियल सिक्योरिटी फ़ोर्स (CISF) द्वारा भी बोर्डिंग पास पर स्टैम्प नहीं लगाया जा रहा था और उन्हें केवल इमिग्रेशन अधिकारियों से मंज़ूरी के लिए दिखाना होता था।
उन्होंने कहा कि घरेलू और इंटरनेशनल दोनों तरह के यात्रियों के लिए CISF द्वारा बोर्डिंग पास पर स्टैम्प लगाने का काम कई साल पहले ही बंद कर दिया गया था। इसके अलावा, अधिकारियों ने कहा कि भारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए इमिग्रेशन एंट्री और एग्ज़िट स्टैम्पिंग को खत्म करने के लिए एक पायलट प्रोजेक्ट की योजना है, जिसे इस संदर्भ में पायलट एक्सरसाइज़ पूरी होने के बाद लागू किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही भारत के सभी एयरपोर्ट्स पर यह व्यवस्था लागू होने की उम्मीद है।
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