दिल्ली में पुलिस का बड़ा 'क्लीनअप ड्राइव'! वीज़ा खत्म होने के बाद अवैध रूप से रह रहे 18 विदेशी नागरिक गिरफ्तार!
दिल्ली पुलिस के बाहरी जिले में चलाए गए एक विशेष सत्यापन और पहचान अभियान के तहत 18 विदेशी नागरिकों को हिरासत में लिया गया है। ये सभी विदेशी नागरिक भारत में वैध वीज़ा और पासपोर्ट की समय सीमा समाप्त (Visa Expiry) होने के बाद भी अवैध रूप से रह रहे थे। पुलिस ने शनिवार को इस पूरी कार्रवाई की जानकारी साझा की।
पुलिस के अनुसार, हिरासत में लिए गए लोगों में थाईलैंड के नौ, नाइजीरिया के चार और बांग्लादेश के तीन नागरिक शामिल हैं। इसने बताया कि यह अभियान इलाके में रह रहे विदेशी नागरिकों की पहचान और सत्यापन के लिए बाहरी जिले की विदेशी प्रकोष्ठ इकाई और स्थानीय पुलिस थानों की ओर से चलाया गया था।
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पुलिस ने बताया कि विशेष सूचना के आधार पर पीरागढ़ी चौक के पास तीन बांग्लादेशी नागरिकों को रोका गया। पुलिस टीम को देखकर उन्होंने कथित रूप से वहां से भागने की कोशिश की। पुलिस के मुताबिक, सत्यापन के दौरान तीनों विदेशी नागरिक वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सके और उनके पासपोर्ट तथा वीजा की अवधि समाप्त पाई गई।
पुलिस ने बताया कि एक अन्य अभियान में पश्चिम विहार ईस्ट और निहाल विहार थानों की पुलिस टीमों ने विदेशी प्रकोष्ठ के साथ मिलकर 15 और विदेशी नागरिकों को पकड़ा। इनमें थाईलैंड के नौ, नाइजीरिया के चार, युगांडा का एक और गिनी का एक नागरिक शामिल है। इन सभी के पासपोर्ट और वीजा अवधि समाप्त पाई गई। पुलिस के अनुसार, विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (एफआरआरओ) ने इन सभी के खिलाफ निर्वासन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण कार्यालय (FRRO) की कार्रवाई
कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए दिल्ली पुलिस ने सभी 18 हिरासत में लिए गए विदेशी नागरिकों की जानकारी 'फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस' (FRRO) को सौंप दी है। एफआरआरओ (FRRO) ने इन सभी नागरिकों के खिलाफ उनके संबंधित देशों में वापस भेजने (Deportation Process) की आधिकारिक प्रक्रिया शुरू कर दी है।
Chhindwara Hospital के NICU में वॉर्मर मशीन से लगी आग, एक नवजात की मौत
मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (एनआईसीयू) में रखी ‘वॉर्मर मशीन’ में शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात कथित तौर पर आग लगने से तीन नवजात झुलस गए, जिनमें से एक की इलाज के दौरान मौत हो गई। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि घटना रात करीब दो बजे हुई।
वॉर्मर मशीन के फिलामेंट में स्पार्किंग के बाद आग लग गई, जिससे उसमें रखे तीन नवजात झुलस गए। अस्पताल के कर्मचारियों ने अग्निशमन उपकरणों की मदद से आग पर काबू पाया। ‘वॉर्मर मशीन’ एक ऐसा चिकित्सीय उपकरण है जिसका उपयोग इलाज के दौरान मरीज के शरीर के तापमान को सामान्य बनाए रखने के लिए किया जाता है।
छिंदवाड़ा जिला अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ. कंचन दुबे ने बताया कि तीनों बच्चों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए जबलपुर रेफर किया गया। उन्होंने बताया कि इनमें से एक नवजात की हालत गंभीर थी और उसे सर्जरी की जरूरत थी। उन्होंने बताया कि छिंदवाड़ा में पीडियाट्रिक सर्जन उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे जबलपुर रेफर किया गया।
दुबे ने बताया, ‘‘इनमें से एक बच्ची की इलाज के दौरान जबलपुर में मौत हो गई। उसके माता-पिता शिवानी वर्मा और आदित्य वर्मा हैं। बच्ची का जन्म घटना से कुछ घंटे पहले रात करीब 10 बजे हुआ था।
अन्य दोंनों बच्चों की हालत गंभीर बनी हुई है।’’ अधिकारियों ने बताया कि हादसे के बाद अस्पताल प्रबंधन ने घटना के कारणों की जांच शुरू की है। इस बीच, मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने घटना को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा। सिंघार ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि अस्पताल इलाज का भरोसा देते हैं, लेकिन भाजपा शासन में अस्पताल ही जान के दुश्मन बनते जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि छिंदवाड़ा जिला अस्पताल के एनआईसीयू में आग लगने से एक नवजात की मौत और दो बच्चे झुलस गए हैं। सिंघार ने भोपाल के दीपशिखा अस्पताल में भी आग लगने की घटना का जिक्र किया। सिंघार ने मुख्यमंत्री मोहन यादव से प्रदेश के सभी अस्पतालों का तत्काल अग्नि ऑडिट कराने और मरीजों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
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