उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने शनिवार को कहा कि उन्हें अभी तक बुलेटप्रूफ जैकेट नहीं मिली है और साथ ही कहा कि अगर उन्हें कभी यह मिलती है, तो वे इसे पत्रकारों को दे देंगे। इस बयान से अखिलेश ने साफ़ कर दिया कि अगर उत्तर प्रदेश सरकार उनकी सुरक्षा के लिए उन्हें बुलेटप्रूफ जैकेट देती भी है, तो भी वे उसे नहीं पहनेंगे। अखिलेश यादव का यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश सरकार अखिलेश और बीएसपी प्रमुख मायावती समेत 44 नेताओं को बुलेटप्रूफ जैकेट देने की तैयारी कर रही है।
सुरक्षा मुख्यालय ने लगभग 10 लाख रुपये की लागत से ये बुलेटप्रूफ जैकेट खरीदी हैं। योगी आदित्यनाथ सरकार के 11 मंत्रियों को भी बुलेटप्रूफ जैकेट मिलेंगी। सूत्रों ने बताया कि सुरक्षा मुख्यालय ने करीब 10 लाख रुपये की बुलेटप्रूफ जैकेट खरीदी हैं। उन्होंने कहा कि चुनावों से पहले सुरक्षा संबंधी चिंताओं और खुफिया जानकारी को देखते हुए एहतियाती कदम के तौर पर यह फैसला लिया गया है। सूत्रों ने आगे बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार के 11 मंत्रियों को भी बुलेटप्रूफ जैकेट दी जाएंगी।
खबरों के मुताबिक, इस लिस्ट में संजय निषाद और नंद गोपाल नंदी जैसे मंत्रियों के साथ-साथ कई अन्य मंत्री और प्रमुख राजनीतिक नेता भी शामिल हैं। सुरक्षा का यह इंतजाम सिर्फ़ मंत्रियों और विधायकों तक ही सीमित नहीं है। सूत्रों के अनुसार, इस योजना में उन अन्य प्रमुख नेताओं को भी शामिल किया जा रहा है जिन्हें सुरक्षा संबंधी चिंताएं हैं। राज्य सरकार का यह कदम इसलिए भी अहम है क्योंकि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले राजनीतिक गतिविधियां तेज होने की उम्मीद है। जिन नेताओं को उच्च श्रेणी की सुरक्षा मिली हुई है, उनकी सुरक्षा की समीक्षा आम तौर पर समय-समय पर खतरे की आशंका और खुफिया जानकारी के आधार पर की जाती है।
हाल ही में जापान से 13 बच्चे यूपी आए थे और उन्होंने CM योगी के साथ सेल्फी ली थी। इस पर अखिलेश ने कहा कि सेल्फी लेने वाले बच्चों ने शायद ठीक से जानकारी नहीं ली होगी, वरना वे सेल्फी नहीं लेते; उन्हें ऐसा करने के और भी कई मौके मिलेंगे। इस दौरान अखिलेश ने BJP का नया फुल फॉर्म भी बताया। अखिलेश ने कहा कि BJP का मतलब है 'पाकिस्तान भाग जाओ'। मेरठ में एक अधिकारी ने अपने दफ़्तर आए लोगों को डांट दिया था। इस पर अखिलेश ने कहा कि वे PDA समाज के लोग थे, इसलिए अधिकारी ने उनसे ऐसा कहा कि वे उसके दफ़्तर कैसे आ गए। उन्होंने कहा कि हर जगह पुलिस की बर्बरता देखने को मिल रही है।
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राजस्थान के रावतभाटा स्थित परमाणु बिजलीघर में सुरक्षा ड्यूटी के दौरान केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के एक जवान की शनिवार को अपनी ही सरकारी राइफल से चली गोली लगने से मौत हो गई। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान पश्चिम बंगाल निवासी प्रमीर सरकार (25) के रूप में हुई है।
पुलिस ने बताया कि घटना के समय प्रमीर सुबह करीब साढ़े चार बजे रिएक्टर भवन के बाहर तैनात थे। चित्तौड़गढ़ के पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने कहा, ‘‘प्रथम दृष्टया ऐसा प्रतीत होता है कि उन्होंने अपनी इनसास राइफल से आत्महत्या की है।’’
पुलिस ने बताया कि प्रमीर सरकार पिछली रात से संयंत्र में ड्यूटी पर तैनात थे और गोली चलने की आवाज सुनकर वहां मौजूद अन्य कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी तुरंत मौके पर पहुंचे, जहां प्रमीर जमीन पर पड़े मिले। पुलिस के मुताबिक, उनके सीने में गोली लगी हुई थी।
पुलिस ने बताया कि उन्हें तत्काल संयंत्र के अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अधिकारियों ने बताया कि घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
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