रोज 5 मिनट करें पूर्वोत्तानासन, कमर-कंधे होंगे मजबूत और तनाव होगा दूर
नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)। योग शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने का रामबाण उपाय है। यह शरीर को स्ट्रेच करके सभी तरह की शारीरिक समस्याओं से निजात पाने में मदद भी करता है। इन्हीं आसनों में एक पूर्वोत्तानास भी है, जो बाजुओं, कंधों, कमर और पैरों को मजबूत बनाने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ाता है।
पूर्वोतानासन का नाम दो शब्दों के मेल से बना है पूर्व, और उत्तान। पूर्व यानी पूर्व दिशा या शरीर का अगला हिस्सा, और उत्तान का मतलब है खिंचा हुआ। इस आसन से आपका स्वास्थ्य अच्छा होता है और तनाव से भी मुक्त रहते हैं।
आयुष मंत्रालय ने इसे एक महत्वपूर्ण योगासन बताया है। उनके अनुसार, यह एक ऐसा योगासन है, जो शरीर के पूरे भार को हाथों और पैरों पर संतुलित करके, मुख्य रूप से हाथों, कलाई, पीठ, जांघों और कंधों की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है। यह आसन शरीर में ऊर्जा का संचार, रीढ़ की हड्डी में लचीलापन और पेट की मांसपेशियों को बेहतर बनाता है।
पूर्वोत्तानासन का अभ्यास करने से पेट में दबाव पड़ता है, जिससे पेट की मांसपेशियां मजबूत बनती है और पेट के आसपास जमी चर्बी भी कम होने लगती है। इसी के साथ ही, पूर्वोत्तानासन शरीर के लचीलेपन को बढ़ाता है, जिससे ऊर्जा का संचार होता है।
इसके रोजाना अभ्यास करने से पीठ दर्द और सिरदर्द में आराम मिलता है, पीठ की मांसपेशियां मजबूत होती हैं और कमर दर्द में राहत बनी रहती है। साथ ही, ब्लड सर्कुलेशन की वजह से सिरदर्द भी कम होता है।
आयुर्वेद के अनुसार, यह शरीर में लचीलापन बढ़ाता है। साथ ही, यह शरीर की मांसपेशियों में भी लचीलापन लाता है और शरीर में ऊर्जा का संचार भरता है, तथा दिमाग भी तेज चलता है।
आसन को करने के दौरान शरीर का भार हाथों और कलाइयों पर होता है। इसलिए कलाई में चोट वाले लोगों को इस आसन से बचना चाहिए। इसके अलावा, गर्दन की किसी भी चोट से पीड़ित लोगों को या तो इस आसन को करने से पूरी तरह बचना चाहिए या आसन का अभ्यास करते समय कुर्सी का सहारा लेना चाहिए।
--आईएएनएस
एनएस/एएस
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बीजेपी की नई टीम की पहली बड़ी बैठक में इन बातों पर फोकस, संगठन से लेकर 2027 चुनाव तक बनेगी रणनीति
बीजेपी की नई राष्ट्रीय टीम के गठन के बाद शनिवार को दिल्ली में संगठन की गतिविधियां तेज होने जा रही हैं. पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन नई टीम में शामिल पदाधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकों का सिलसिला शुरू करेंगे. इस दौरान नए पदाधिकारियों का परिचय कराने के साथ संगठन की प्राथमिकताओं, आगामी अभियानों और चुनावी रणनीति पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है. पार्टी मुख्यालय के आसपास नई टीम में शामिल नेताओं के स्वागत में पोस्टर भी लगाए गए हैं.
तीन बैठकों में तय होगी आगे की दिशा
बताया जा रहा है कि शनिवार को दिल्ली में बीजेपी की तीन अहम बैठकें आयोजित होंगी. पहली बैठक में नई राष्ट्रीय टीम का औपचारिक परिचय होगा. इसके बाद दूसरी बैठक में ‘Modi@25’ कार्यक्रम की तैयारियों पर मंथन किया जाएगा.
दिन की तीसरी और सबसे अहम बैठक में संगठन को मजबूत करने और आगामी विधानसभा चुनावों की रणनीति पर चर्चा होने की संभावना है. इन बैठकों को नई टीम के लिए शुरुआती समन्वय और संगठनात्मक दिशा तय करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
#WATCH | Delhi: BJP national president Nitin Nabin chairs an introductory meeting with the BJP’s new team of national office-bearers at the party headquarters in Delhi pic.twitter.com/9PEtquwvvD
— ANI (@ANI) August 22, 2026
पहली बैठक में नए पदाधिकारियों का परिचय
शनिवार सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक पहली बैठक प्रस्तावित है. इसमें 17 अगस्त को घोषित नई राष्ट्रीय टीम के सभी पदाधिकारियों का औपचारिक परिचय कराया जाएगा.
नई टीम में पार्टी के अनुभवी नेताओं के साथ कई नए चेहरों को भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी गई हैं. बैठक के दौरान पदाधिकारियों को संगठन की कार्यप्रणाली, उनकी जिम्मेदारियों और पार्टी की मौजूदा प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी दी जा सकती है.
इस बैठक का उद्देश्य नई टीम के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करना और संगठनात्मक कामकाज को गति देना माना जा रहा है.
‘Modi@25’ कार्यक्रम पर खास फोकस
दूसरी बैठक ‘Modi@25’ कार्यक्रम को लेकर होगी. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर बीजेपी देशभर में कार्यक्रम आयोजित करने की तैयारी कर रही है.
बैठक में इन कार्यक्रमों की रूपरेखा, विभिन्न राज्यों में आयोजन, जनता तक पहुंच बनाने की रणनीति और अभियान की समयसीमा पर चर्चा हो सकती है. पार्टी इस अवसर को संगठनात्मक और जनसंपर्क अभियान के रूप में भी इस्तेमाल कर सकती है.
तीसरी बैठक में चुनावी रणनीति पर मंथन
शनिवार शाम करीब छह बजे होने वाली तीसरी बैठक को राजनीतिक दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है. इसमें बीजेपी के राष्ट्रीय पदाधिकारियों के अलावा सभी राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष भी शामिल होंगे.
बैठक में युवा और खासकर जेन-जी के साथ संवाद बढ़ाने, सोशल मीडिया पर पार्टी की सक्रियता मजबूत करने, महिलाओं से जुड़े मुद्दों और संगठन के विस्तार पर चर्चा हो सकती है. इसके अलावा आगामी चुनावों को लेकर राज्यों की तैयारियों का भी जायजा लिया जा सकता है.
2027 में पांच राज्यों में चुनाव
साल 2027 बीजेपी के लिए चुनावी लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण रहने वाला है. अगले साल गोवा, मणिपुर, पंजाब, उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं. ऐसे में नई राष्ट्रीय टीम के सामने संगठन को मजबूत करने के साथ राज्यों में चुनावी तैयारियों को गति देने की चुनौती भी होगी.
खास तौर पर उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में पार्टी के लिए संगठनात्मक रणनीति महत्वपूर्ण होगी. वहीं पंजाब, गोवा और मणिपुर में स्थानीय राजनीतिक समीकरणों के मुताबिक अलग-अलग रणनीति बनाने पर जोर दिया जा सकता है.
नई टीम में अनुभवी और नए चेहरों का संतुलन
17 अगस्त को घोषित नई राष्ट्रीय टीम में कई वरिष्ठ नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिली हैं. राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, राम माधव, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत और ओडिशा के बैजयंत जय पांडा को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया है. वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को राष्ट्रीय महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है.
ऐसे में शनिवार की बैठकों को नई टीम के बीच तालमेल बनाने और पार्टी की आगामी राजनीतिक दिशा स्पष्ट करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है. संगठन, युवा संवाद, डिजिटल पहुंच और 2027 के चुनाव इन सभी मुद्दों पर होने वाली चर्चा आने वाले महीनों में बीजेपी की रणनीति की तस्वीर काफी हद तक साफ कर सकती है.
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