नई दिल्ली, 22 अगस्त (आईएएनएस)। योग शरीर और मन दोनों को स्वस्थ रखने का रामबाण उपाय है। यह शरीर को स्ट्रेच करके सभी तरह की शारीरिक समस्याओं से निजात पाने में मदद भी करता है। इन्हीं आसनों में एक पूर्वोत्तानास भी है, जो बाजुओं, कंधों, कमर और पैरों को मजबूत बनाने के साथ-साथ आत्मविश्वास भी बढ़ाता है।
नीदरलैंड्स ने भारत को 1-3 से हराकर पूल E में अपनी स्थिति मजबूत कर ली है।
इस हार से भारत की सेमीफाइनल की राह बेहद मुश्किल हो गई है, लेकिन टीम अभी दौड़ से बाहर नहीं हुई है।
भारत को 24 अगस्त को अर्जेंटीना के खिलाफ अपना अगला मुकाबला जीतना होगा और पूल E के दूसरे मैच के नतीजे पर भी नजर रखनी होगी।
Hockey World Cup 2026: हॉकी वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे चरण के पूल E मुकाबले में भारतीय पुरुष हॉकी टीम को नीदरलैंड्स के खिलाफ 1-3 से हार का सामना करना पड़ा। एम्स्टेलवीन के वागेनर स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने तीन क्वार्टर तक नीदरलैंड्स को कड़ी टक्कर दी, लेकिन आखिरी क्वार्टर में डच टीम ने लगातार दबाव बनाते हुए मुकाबला अपने नाम कर लिया।
नीदरलैंड्स के लिए डुको टेल्जेनकैंप, जेप होडेमेकर्स और थिज्स वैन डैम ने गोल किए। भारत की ओर से कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने एकमात्र गोल किया। इस हार से भारत की सेमीफाइनल की राह मुश्किल हो गई है, लेकिन टीम अभी टूर्नामेंट से बाहर नहीं हुई है।
तीन क्वार्टर तक भारत ने दिया कड़ा मुकाबला मुकाबले की शुरुआत में भारतीय टीम ने आत्मविश्वास के साथ खेल दिखाया। भारत ने गेंद पर कब्जा बनाए रखने की कोशिश की और नीदरलैंड्स के सर्कल में भी पहुंच बनाई।
हालांकि, भारतीय टीम के सामने सबसे बड़ी समस्या मौकों को गोल में बदलने की रही। नीदरलैंड्स के डिफेंस ने भारतीय हमलों को रोकने में शानदार काम किया।
पहले दो क्वार्टर में दोनों टीमें गोल नहीं कर सकीं। तीसरे क्वार्टर में नीदरलैंड्स ने बढ़त हासिल की और इसके बाद मुकाबले की दिशा धीरे-धीरे बदल गई।
आखिरी क्वार्टर में बिखरा भारत का डिफेंस नीदरलैंड्स ने तीसरे क्वार्टर के बाद भारतीय डिफेंस पर लगातार दबाव बनाया। डच टीम ने तेज पासिंग और आक्रमण के जरिए भारतीय खिलाड़ियों को पीछे धकेला।
भारत ने वापसी की कोशिश की और हरमनप्रीत सिंह ने गोल कर मुकाबले में उम्मीद जगाई, लेकिन इसके बाद नीदरलैंड्स ने फिर आक्रामक रुख अपनाया।
निर्णायक मौकों पर डच टीम की फिनिशिंग भारत से बेहतर रही। आखिरी क्वार्टर में दो और गोल कर नीदरलैंड्स ने 3-1 की बढ़त हासिल कर ली और अंत तक इसे बरकरार रखा।
हरमनप्रीत सिंह ने दागा भारत का एकमात्र गोल भारतीय टीम के कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने इस मुकाबले में भारत का एकमात्र गोल किया। हालांकि, मैच के दौरान उनकी फिटनेस को लेकर भी चिंता देखने को मिली।
हरमनप्रीत भारतीय टीम के पेनल्टी कॉर्नर विशेषज्ञ होने के साथ-साथ आक्रमण को दिशा देने वाले अहम खिलाड़ी हैं। ऐसे में अर्जेंटीना के खिलाफ अगले मुकाबले में उनकी फिटनेस और प्रदर्शन भारत के लिए बेहद महत्वपूर्ण रहेगा।
भारत की सेमीफाइनल उम्मीदें अभी खत्म नहीं नीदरलैंड्स से हार के बाद भारत की स्थिति जरूर मुश्किल हो गई है, लेकिन सेमीफाइनल का रास्ता अभी पूरी तरह बंद नहीं हुआ है। 2026 हॉकी वर्ल्ड कप में पारंपरिक क्वार्टर फाइनल चरण को हटा दिया गया है। पहले चरण के बाद टीमों को नए पूल में बांटा गया है और दूसरे चरण के पूल E और F की शीर्ष दो-दो टीमें सीधे सेमीफाइनल में पहुंचेंगी।
भारत पूल E में नीदरलैंड्स, इंग्लैंड और अर्जेंटीना के साथ है। भारत और इंग्लैंड पहले चरण में एक-दूसरे के खिलाफ खेल चुके हैं, इसलिए दूसरे चरण में भारत को नीदरलैंड्स और अर्जेंटीना से मुकाबला करना है। पहले चरण में इन टीमों के बीच हुए मुकाबले का परिणाम दूसरे चरण की गणना में शामिल रहता है।
Pool E Points Table: भारत की स्थिति
नीदरलैंड्स से हार के बाद पूल E में स्थिति इस तरह है:
टीम
मैच
जीत
ड्रॉ
हार
गोल अंतर
अंक
इंग्लैंड
1
1
0
0
+2
3
नीदरलैंड्स
1
1
0
0
+2
3
भारत
1
0
0
1
-2
0
अर्जेंटीना
1
0
0
1
-2
0
भारत के लिए क्या है सेमीफाइनल का समीकरण? भारत के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती अर्जेंटीना को हराने की है। भारत और अर्जेंटीना के बीच मुकाबला 24 अगस्त को खेला जाएगा। उसी दिन नीदरलैंड्स और इंग्लैंड भी आमने-सामने होंगे।
भारत अगर अर्जेंटीना को हरा देता है तो उसके खाते में तीन अंक हो जाएंगे। इसके बाद नीदरलैंड्स और इंग्लैंड के मुकाबले का परिणाम तथा गोल अंतर बेहद महत्वपूर्ण हो सकता है। इसलिए भारत के लिए अर्जेंटीना के खिलाफ सिर्फ जीत ही नहीं, बल्कि अच्छे गोल अंतर से जीत भी महत्वपूर्ण हो सकती है।
इंग्लैंड-अर्जेंटीना मैच क्यों है अहम? भारत की सेमीफाइनल की राह में 22 अगस्त को होने वाला इंग्लैंड-अर्जेंटीना मुकाबला भी महत्वपूर्ण है। इस मैच का परिणाम पूल E की तस्वीर बदल सकता है। हालांकि, भारत की स्थिति का सबसे बड़ा निर्धारण उसके अपने अगले मैच से होगा। अर्जेंटीना के खिलाफ जीत के बाद ही भारत के पास शीर्ष दो में पहुंचने की वास्तविक संभावना मजबूत होगी। इसलिए फिलहाल भारत के लिए समीकरण सीधा है- अर्जेंटीना को हराओ और फिर दूसरे नतीजों तथा गोल अंतर पर नजर रखो।
भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता फिनिशिंग नीदरलैंड्स के खिलाफ भारत ने गेंद पर कब्जा रखने और मौके बनाने की कोशिश की, लेकिन निर्णायक मौकों पर फिनिशिंग कमजोर रही। हॉकी जैसे तेज खेल में सिर्फ बॉल पजेशन पर्याप्त नहीं होता। सर्कल के अंदर सही निर्णय लेना और मिले मौकों को गोल में बदलना जरूरी है। नीदरलैंड्स ने इसी मामले में भारत पर बढ़त बनाई। डच टीम ने कम मौकों को भी बेहतर तरीके से भुनाया और मैच को अपने पक्ष में कर लिया।
डिफेंस को भी करना होगा बेहतर प्रदर्शन भारत के लिए सिर्फ फिनिशिंग ही चिंता का विषय नहीं है। आखिरी क्वार्टर में डिफेंस पर बढ़ते दबाव ने भी टीम की मुश्किल बढ़ाई। नीदरलैंड्स ने लगातार हमले किए और भारतीय डिफेंस को गलतियां करने के लिए मजबूर किया। भारत को अर्जेंटीना के खिलाफ आखिरी क्वार्टर में अपनी संरचना और दबाव झेलने की क्षमता बेहतर करनी होगी।
अब अर्जेंटीना के खिलाफ अहम मुकाबला भारत का अगला मुकाबला 24 अगस्त को अर्जेंटीना से होगा। यह मैच भारतीय टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारत को सेमीफाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए इस मुकाबले में जीत की तलाश होगी।
भारत के सामने अब चुनौती साफ है- अर्जेंटीना के खिलाफ जीत, बेहतर गोल अंतर और फिर पूल E के बाकी नतीजों पर नजर। नीदरलैंड्स के खिलाफ मिली हार ने भारत की मुश्किल जरूर बढ़ा दी है, लेकिन सेमीफाइनल का दरवाजा अभी बंद नहीं हुआ है। अब भारतीय टीम की नजर अर्जेंटीना के खिलाफ वापसी पर होगी।