Paytm ने Vijay Shekhar Sharma का वेतन बढ़ाने का प्रस्ताव रखा, 4 साल से नहीं हुआ था बदलाव
मोबाइल भुगतान क्षेत्र की अग्रणी कंपनी पेटीएम की मूल कंपनी वन 97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड के निदेशक मंडल ने अपने संस्थापक विजय शेखर शर्मा के वेतन में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। एक स्वतंत्र अध्ययन में पाया गया था कि समान पदों की तुलना में शर्मा का मौजूदा पारिश्रमिक काफी कम है, जिसके बाद यह कदम उठाया गया। कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) के रूप में फिर से नियुक्ति के बाद 19 अगस्त 2022 से शर्मा के मूल पारिश्रमिक में कोई बदलाव नहीं हुआ।
कंपनी की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) के नोटिस में यह भी कहा गया कि शर्मा ने स्वेच्छा से अपने पारिश्रमिक को अपरिवर्तित रखने का अनुरोध किया था। शर्मा ने वित्त वर्ष 2025-26 में अनुलाभों सहित कुल 4.33 करोड़ रुपये का पारिश्रमिक प्राप्त किया, जो वित्त वर्ष 2024-25 के 4.5 करोड़ रुपये से कम था। इसके अलावा, उन्होंने 2025 में अपने 2.10 करोड़ ईएसओपी (कर्मचारी स्टॉक विकल्प योजना) को भी स्वेच्छा से छोड़ दिया था और वर्तमान में कंपनी में उनके पास कोई ईएसओपी नहीं है।
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शर्मा का प्रस्तावित पारिश्रमिक कुछ अन्य समकक्ष सूचीबद्ध फिनटेक कंपनियों की तुलना में काफी कम है। ग्रो के सह-संस्थापक और प्रमुख ललित केशरे ने वित्त वर्ष 2024-25 में एकमुश्त प्रदर्शन आधारित प्रोत्साहन सहित कुल 188 करोड़ रुपये का भुगतान प्राप्त किया था, जबकि पाइन लैब्स के सीईओ अमरीश राउ को वित्त वर्ष 2024-25 में 9.5 करोड़ रुपये का कुल वेतन मिला और नवंबर 2025 में कंपनी के आईपीओ से कुछ दिन पहले उन्हें 243 करोड़ रुपये के शेयर विकल्प आवंटित किए गए थे।
Jindal Steel और IIT Hyderabad के बीच समझौता, संस्थान में बनेगा उत्कृष्टता केंद्र
जिंदल स्टील और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) हैदराबाद ने बुनियादी ढांचे, इंजीनियरिंग, निर्माण और रणनीतिक औद्योगिक क्षेत्रों में उन्नत इस्पात समाधानों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के लिए हाथ मिलाया है। इस्पात कंपनी ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि इस साझेदारी के तहत आईआईटी हैदराबाद में उच्च क्षमता, मूल्यवर्धित और लागत-दक्षता वाले इस्पात उत्पादों एवं समाधानों के लिए जिंदल स्टील उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा। कंपनी ने कहा कि यह केंद्र उन्नत इस्पात ग्रेड के इस्तेमाल की संभावनाओं की पहचान करने और उनके उपयोग को बढ़ावा देने के लिए डिजाइनरों, सलाहकारों, इंजीनियरों, ईपीसी कंपनियों और उपकरण विनिर्माताओं के साथ काम करेगा।
जिंदल स्टील के प्रबंध निदेशक वी. आर. शर्मा ने कहा कि आईआईटी हैदराबाद के साथ साझेदारी भारत के बुनियादी ढांचे, इंजीनियरिंग और औद्योगिक क्षेत्रों में उच्च क्षमता और लागत-दक्षता वाले इस्पात के इस्तेमाल को बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने कहा कि आईआईटी हैदराबाद की तकनीकी क्षमता और जिंदल स्टील की विनिर्माण, धातुकर्म तथा इंजीनियरिंग विशेषज्ञता को मिलाकर उत्कृष्टता केंद्र विभिन्न क्षेत्रों में मजबूत, हल्के, तेज और अधिक दक्ष समाधान विकसित करेगा।
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