Responsive Scrollable Menu

Health Tips: क्या आपकी कमर से पैरों तक होती है झनझनाहट? जानें Nerve Compression के लक्षण और इलाज

कई बार लोगों को चलने-फिरने या फिर बैठने के दौरान तेज दर्द महसूस होता है। यह दर्द पीठ से होता हुआ पैरों तक जाता है। इसमें व्यक्ति को तेज झनझनाहट महसूस हो सकती है। लेकिन इससे रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हो सकते हैं। अधिकतर मामलों में इसको मांसपेशियों में होने वाला खिंचाव मानकर नजरअंदाज कर दिया जाता है। वहीं एक्सपर्ट की मानें, तो यह दर्द किसी नस के दबने का संकेत हो सकता है।

अगर व्यक्ति समय रहते इसका इलाज शुरूकर दे, तो होने वाले दर्द से काफी हद तक राहत पाया जा सकता है। अधिकतर मामलों में यह स्थिति तब बनती है, जब रीढ़ की हड्डी के आसपास मौजूद हड्डी, डिस्क या अन्य टिशू किसी नस पर दबाव डालते हैं। जिस कारण यह दर्द होता है और व्यक्ति की परेशानी ज्यादा बढ़ जाती है।

इसे भी पढ़ें: क्या आपको भी ऑफिस पहुंचते ही गुस्सा आने लगता है? सावधान! Masked Hypertension और Mental Stress बिगाड़ सकता है आपकी सेहत


पीठ से पैरों तक होने वाला तेज दर्द नस दबने का संकेत

कमर दर्द आज के समय में सबसे आम स्वास्थ्य समस्याओं में से एक है। हालांकि हर कमर दर्द गंभीर नहीं होता। क्लीवलैंड क्लीनिक के अनुसार यदि दर्द कमर से शुरू होकर कूल्हे, जांघ, पिंडली और पैर तक फैलने लगे, साथ में झनझनाहट, सुन्नपन या कमजोरी महसूस हो तो यह नस दबने (Nerve Compression) या साइटिका का संकेत हो सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार ऐसी स्थिति में जल्द जांच कराना जरूरी है, क्योंकि लंबे समय तक नस पर दबाव बने रहने से उसकी कार्यक्षमता प्रभावित हो सकती है।

जानें क्या होता है नस दबना

नस दबना एक ऐसी स्थिति है, जिसमें शरीर की किसी नस पर आसपास की डिस्क, हड्डी, लिगामेंट या मांसपेशियों में एक्स्ट्रा दबाव डालने लगती है। रीढ़ की हड्डी में यह समस्या ज्यादा देखने को मिलती है। जब नस पर दबाव बढ़ता है, तो यह सामान्य तरीके से दिमाग और शरीर के बीच तक संदेश नहीं पहुंचा पाती है। जिसका परिणाम झनझनाहट, दर्द, सुन्नपन, कमजोरी और कई बार चलने में परेशानी होती है। अगर लंबे समय तक दबाव बना रहता है, तो नस को स्थायी नुकसान पहुंच सकता है।

नस के और मांसपेशियों के दर्द में अंतर

नस का दर्द कमर से लेकर पैर तक फैलता है, तो वहीं मांसपेशियों का दर्द सिर्फ एक हिस्से तक सीमित रहता है।

नस का दर्द होने पर बिजली सी झनझनाहट होती है। वहीं मांसपेशियों का दर्द दबाने पर बढ़ता है।

नस का दर्द होने पर सुन्नपन हो सकता है। लेकिन मांसपेशियों के दर्द में सुन्नपन या झनझनाहट नहीं होती है।

नस के दर्द में जलन महसूस हो सकती है। मांसपेशियों के दर्द जलन महसूस नहीं होती है।

नस के दर्द में पैरों में कमजोरी होती है। मांसपेशियों के दर्द में कमजोरी कम होती है।

नस का दर्द होता है, तो आराम करने के बाद भी यह दर्द कम नहीं होता है। लेकिन मांसपेशियों का दर्द आराम के बाद ठीक होने लगता है।

नस दबने की सामान्य वजह


स्लिप डिस्क

रीढ़ की डिस्क बाहर निकलकर नस पर दबाव डाल सकती है। इसको नस दबने की सबसे सामान्य वजह माना जाता है।

साइटिका

साइटिका नर्व हमारे शरीर की सबसे लंबी नस होती है। इसके दबने पर दर्द कमर से लेकर पैर तक फैलता है। सामान्य रूप से यह दर्द कमर से पैरों तक जाता है।

स्पाइनल स्टेनोसिस

बता दें कि उम्र बढ़ने के साथ ही रीढ़ की नलिका संकरी होने लगती है। इससे नसों पर दबाव बढ़ सकता है, जिसकी वजह से पैरों में भारीपन, कमजोरी और दर्द महसूस हो सकती है।

बोन स्पर

हड्डी का उभार भी सीधे तौर पर तंत्रिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है। वहीं रीढ़ की हड्डी या फिर जोड़ों के पास एक्स्ट्रा हड्डी बढ़ती है, तो यह आसपास की तंत्रिकाओं और रीढ़ की हड्डी को दबा सकती है। यह उन पर दबाव डाल सकती है या फिर उनको रगड़ सकती है।

चोट या दुर्घटना

गिरने या शारीरिक चोट लगने से नसों पर दबाव आसानी से दबाव पड़ सकता है। किसी भी तरह की दुर्घटना नसों को खींच सकती है, कुचल सकती हैं या दबा सकती है, सूजे हुए टिशू और आसपास की हड्डियों को उन पर दबाव डालने की वजह बन सकती है।

डॉक्टर कैसे करते हैं नस दबने की पहचान

सबसे पहले डॉक्टर मरीजों के लक्षण और मेडिकल हिस्ट्री के बारे में जानकारी लेते हैं। फिर शारीरिक और न्यूरोजलॉजिकल जांच की जाती है। वहीं जरूरत होने पर रीढ़ की डिस्क की MRI, सीटी स्कैन, इलैक्ट्रोमायोग्रॉफी और एक्स-रे किया जाता है।

कमर से पैरों तक फैलने वाला तेज, बिजली जैसा या चुभने वाला दर्द सामान्य कमर दर्द नहीं हो सकता है। अगर इसके साथ सुन्नपन, झनझनाहट, कमजोरी या चलने में परेशानी हो रही है, तो यह भी नस दबने का संकेत हो सकता है। अगर समय रहते सही जांच और इलाज कराने से ज्यादातर मरीज बिना किसी स्थायी नुकसान के स्वस्थ हो सकते हैं। इसलिए ऐसे लक्षणों को नजरअंदाज करने के जगह जल्द से जल्द न्यूरोलॉजिस्ट, ऑर्थोपेडिक विशेषज्ञ या स्पाइन एक्सपर्ट से सलाह लेना बेहतर होता है।

Continue reading on the app

NTA Recruitment 2026: वीडियो एडिटर- कंटेंट राइटर और रिसर्चर समेत विभिन्न पदों पर भर्ती, जानें पूरी डिटेल

NTA Recruitment 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने अपने कम्युनिकेशन्स एंड आउटरीच विभाग के अंतर्गत अनुबंध (contractual) आधार पर चार रिक्त पदों के लिए योग्य उम्मीदवारों से आवेदन आमंत्रित किए हैं। यह भर्ती अभियान वीडियो एडिटर कम ग्राफिक डिजाइनर- इंग्लिश कंटेंट राइटर- डेटा एनालिस्ट कम मीडिया मॉनिटरिंग एक्जीक्यूटिव और रिसर्चर के एक-एक पद के लिए आयोजित किया जा रहा है।

इन पदों पर शुरुआत में दो साल के लिए नियुक्ति की जाएगी- जिसे उम्मीदवार के प्रदर्शन और संगठन की जरूरतों के अनुसार आगे बढ़ाया जा सकता है।

महत्वपूर्ण तिथियां और अन्य विवरण

  • भर्ती संगठन: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA)
  • विभाग: कम्युनिकेशन्स एंड आउटरीच
  • कार्यस्थल: एनटीए मुख्यालय- नई दिल्ली
  • नियुक्ति का प्रकार: अनुबंध आधारित (Contractual)
  • प्रारंभिक कार्यकाल: 2 वर्ष
  • कुल रिक्तियां: 4 पद
  • आवेदन करने की अंतिम तिथि: 21 अगस्त 2026

रिक्तियों का विवरण और स्थान
एनटीए जिन चार पदों पर भर्ती कर रहा है- वे सभी नई दिल्ली स्थित एनटीए मुख्यालय में स्थित हैं। पदों का विवरण इस प्रकार है:

  • वीडियो एडिटर कम ग्राफिक डिजाइनर: 1 पद
  • इंग्लिश कंटेंट राइटर: 1 पद
  • डेटा एनालिस्ट कम मीडिया मॉनिटरिंग एक्जीक्यूटिव: 1 पद
  • रिसर्चर: 1 पद

विभिन्न पदों के लिए योग्यता और कौशल

  • वीडियो एडिटर कम ग्राफिक डिजाइनर: इस भूमिका में शॉर्ट-फॉर्म वीडियो- एक्सप्लेनर- एडवाइजरी और कम्युनिकेशन्स फिल्में तैयार करना शामिल है। इसके लिए उम्मीदवारों के पास वीडियो एडिटिंग और ग्राफिक डिजाइनिंग में न्यूनतम 3 साल का अनुभव- मजबूत पोर्टफोलियो और एडोब क्रिएटिव क्लाउड की दक्षता होनी चाहिए।
  • इंग्लिश कंटेंट राइटर: चयनित उम्मीदवार प्रेस रिलीज- उम्मीदवार एडवाइजरी- एफएक्यू- सोशल मीडिया सामग्री और वेबसाइट कंटेंट तैयार करने के लिए जिम्मेदार होंगे। इसके लिए राइटिंग/एडिटिंग में कम से कम 3 साल का अनुभव और अंग्रेजी में उत्कृष्ट लेखन कौशल जरूरी है।
  • डेटा एनालिस्ट कम मीडिया मॉनिटरिंग एक्जीक्यूटिव: इस पद के लिए मीडिया कवरेज ट्रैक करने- भावना (sentiment) का विश्लेषण करने और डैशबोर्ड तैयार करने का कार्य होगा। इसके लिए डेटा एनालिटिक्स में 3 साल का अनुभव और संबंधित विषय में मास्टर डिग्री होनी चाहिए।
  • रिसर्चर: यह पद डेस्क रिसर्च- फैक्ट-चेकिंग और नीतिगत विकास पर नजर रखने के लिए है। इसके लिए न्यूनतम 3 साल का रिसर्च अनुभव और पब्लिक पॉलिसी या सोशल साइंसेज में डिग्री/मास्टर योग्यता आवश्यक है।

वेतन संबंधी जानकारी
विस्तृत विज्ञापन
के अनुसार- इन चारों रिक्तियों के लिए मानदेय (remuneration) उद्योग मानकों के अनुरूप होगा और यह उम्मीदवार की योग्यता व अनुभव के आधार पर तय किया जाएगा। विस्तृत विज्ञापन में अनुबंध के अनुलग्नक-II (Annexure-II) में सांकेतिक मानदेय बैंड का उल्लेख किया गया है।

आवेदन करने की प्रक्रिया
इच्छुक और पात्र उम्मीदवार नीचे दिए गए चरणों का पालन करके आवेदन कर सकते हैं:

  • सबसे पहले एनटीए की रिक्ति अधिसूचना के साथ संलग्न अनुलग्नक-I (Annexure-I) से आवेदन पत्र डाउनलोड करें।
  • आवेदन पत्र में आवश्यक जानकारी भरें।
  • विज्ञापन में बताए अनुसार सभी जरूरी दस्तावेज और यदि लागू हो तो राइटिंग/रिसर्च सैंपल संलग्न करें।
  • यह सुनिश्चित करें कि फॉर्म पूरी तरह से भरा हुआ हो।
  • आवेदन पत्र को अधिसूचना में दिए गए ईमेल आईडी (dir-admin@nta.gov.in) पर ईमेल कर दें।
  • ध्यान रखें कि आवेदन 21 अगस्त 2026 से पहले एनटीए को प्राप्त हो जाना चाहिए।

Continue reading on the app

  Sports

IND vs SL: कुलदीप यादव दूसरे टेस्ट से बाहर? यशस्वी और शुभमन गिल पर भी रहेगी नजर, कोलंबो टेस्ट से पहले भारतीय थिंक टैंक के सामने मुश्किल चुनौती

भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का आखिरी मुकाबला रविवार से कोलंबो में खेला जाएगा. इस मुकाबले में यशस्वी जायसवाल और शुभमन गिल पर सबकी नजर होगी. ये दोनों ही बल्लेबाज सीरीज के पहले मैच में कुछ खास कमाल नहीं दिखा पाए थे. वहीं, कुलदीप यादव के प्लेइंग इलेवन में रहने पर भी संश्य बना हुआ है. Sat, 22 Aug 2026 12:11:34 +0530

  Videos
See all

Imran Khan Health: इमरान खान की हालत खराब! जेल में कब तक रह पाएंगे जिंदा? | Hospital | N18G #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-22T07:15:08+00:00

दिल्ली के अस्पताल हॉस्टल में 19 वर्षीय नर्सिंग छात्रा की मौत | Delhi News #tmktech #vivo #v29pro
2026-08-22T07:11:57+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers